जयशंकर का एक और खुलासा- भारत के युद्धविराम पर सहमत होने से पहले कैसे पाकिस्तान ने टेक दिए थे घुटने
India-Pakistan ceasefire: 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने अब स्पष्ठ कर दिया है कि आतंकवाद का खात्मा हम पाकिस्तान में घुस कर करेंगे। इतना ही नहीं भारत ने कूटनीति के तहत पाकिस्तान का विश्व स्तर पर बेनकाब करने का श्री गणेश भी कर दिया है।
छह दिवसीस यूरोप दौरे पर गए भारत के विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने विश्व पटल पर पाकिस्तान से जुड़े एक से एक बड़े खुलासे कर रहे हैं। गुरुवार को जयशंकर ने एक बार फिर स्पष्ठ कर दिया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच जो सीजफायर हुआ उसमें अमेरिका या किसी भी बाहरी देश का प्रभाव नहीं था। इसके साथ ही जयशंकर ने बताया कि कैसे भारत की जवाबी सैन्य कार्रवाइयों से घबरा कर घुटने टेके थे।

भारत के युद्धविराम पर सहमत होने से पहले ही पाक ने घुटने टेक दिए थे
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नीदरलैंड के सरकारी चैनल एनओएस को बताया कि कैसे पाकिस्तान की सेना ने भारत की जवाबी कार्रवाई के बाद संघर्ष विराम की इच्छा व्यक्त करने का पहला संकेत दिया था। जयशंकर ने खुलासा किया कि पाकिस्तानी डीजीएमओ ही वह व्यक्ति थे, जिन्होंने भारत के युद्धविराम पर सहमत होने से पहले घुटने टेक दिए थे। भारत ने पाकिस्तान को याद दिलाई वांछित आतंकियों की लिस्ट, पूछा- उन्हें कब सौंपा जाएगा?
"पाकिस्तान की सेना ने हमसे संपर्क किया और..."
जयशंकर ने बताया 10 मई को सैन्य हॉटलाइन के माध्यम से संभव हुआ। उन्होंने कहा जी हां हमारे पास मिलिट्री हॉटलाइन पर बात करने की सुविधा है। जिस पर पाकिस्तान की सेना ने हमसे संपर्क किया और संदेश भेजा कि वे गोलीबारी रोकने के लिए तैयार हैं, और हमने जवाब दिया। जिसके बाद हमने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम हुआ। पहलगाम हमले का आसिम मुनीर से क्या है कनेक्शन? जयशंकर ने PAK फील्ड मार्शल को दुनिया के सामने किया बेनकाब
कैसे भारत ने पाकिस्तान को किया सीजफायर के लिए मजबूर?
जयशंकर ने बताया कि 10 मई इस संघर्ष का निर्णायक दिन था। जब भारत की सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के हवाई अड्डों, रनवे और कमांड सेंटर को निशाना बनाया तो वो काम करने योग्य नहीं बचे। भारत की ये ही कार्रवाई पाकिस्तान को ये सोचने को मजबूर किया कि अब ये संषर्ष बंद करना जरूरी है। फील्ड मार्शल का पद क्या होता है? जो पाकिस्तान ने आसिम मुनीर को दिया, क्या मिलता है पावर
"अगर कोई हमला होगा तो हम जवाब देंगे"
इसके साथ ही डच अख़बार डी वोक्सक्रांट के साथ एक अलग साक्षात्कार में, जयशंकर ने पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व की आलोचना की। उन्होंने कहा उन्होंने कहा पहलगाम हमले के बाद ये जरूरी हो गया था कि हम जवाब दें। उन्होंने कहा हमारी सरकार का स्पष्ठ रुख है अगर कोई हमला होगा तो हम जवाब देंगे।
जयशंकर ने पाकिस्तान के झूठे बयान कि पाकिस्तान को अपनी सीमाओं के भीतर आतंकवादी गतिविधियों के बारे में पता नहीं है। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध सूची में शामिल आतंकवादी पाकिस्तान में रहते हैं, जो प्रमुख शहरों में खुलेआम काम करते हैं।












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