Quad 2026: चीन घेराबंदी के बीच एक्टिव हुआ Quad, समुद्र में बढ़ेगा भारत का दबदबा, क्या है प्लान?
Quad 2026: भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने हाल ही में हुई क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक को बेहद महत्वपूर्ण और सार्थक बताया है। उन्होंने कहा कि इस बैठक में दुनिया की मौजूदा स्थिति और खासतौर पर हिंद-प्रशांत क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गहराई से चर्चा हुई। जयशंकर के मुताबिक, क्वाड के चारों देश समुद्री लोकतंत्र हैं और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में स्थित हैं, इसलिए इन देशों के बीच विचारों का आदान-प्रदान काफी जरूरी और उपयोगी रहा।
कौन-कौन देश हैं क्वाड समूह में?
क्वाड यानी Quadrilateral Security Dialogue एक रणनीतिक समूह है, जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। इन चारों देशों का मुख्य फोकस हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को मजबूत करना है। पिछले कुछ सालों में क्वाड की भूमिका तेजी से बढ़ी है, खासकर चीन की बढ़ती गतिविधियों और समुद्री सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच।

समुद्री सहयोग को और मजबूत करने पर जोर
डॉ. जयशंकर ने बताया कि बैठक के दौरान समुद्री क्षेत्र में सहयोग को और बढ़ाने पर खास ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि क्वाड देशों के बीच निगरानी प्रणाली, समुद्री डोमेन जागरूकता, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और अंडरसी केबल जैसे क्षेत्रों में लगातार सहयोग बढ़ रहा है। इसके अलावा प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और HADR यानी Humanitarian Assistance and Disaster Relief गतिविधियों को भी और मजबूत करने पर चर्चा हुई। जयशंकर ने साफ कहा कि आने वाले समय में इन सभी क्षेत्रों में साझेदारी को और गहरा किया जाएगा ताकि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा बनी रहे।
सुरक्षित समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय कानून पर चर्चा
बैठक में सुरक्षित और बिना किसी रुकावट के समुद्री व्यापार को लेकर भी विस्तार से बातचीत हुई। क्वाड देशों ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सख्ती से पालन होना चाहिए, ताकि समुद्री रास्तों से होने वाला व्यापार सुरक्षित बना रहे। हिंद-प्रशांत क्षेत्र दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्गों में से एक माना जाता है और यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
इकोनॉमिक फ्लेक्सिबिलिटी और सप्लाई चेन पर फोकस
जयशंकर ने बताया कि क्वाड के सभी सदस्य देश बाजार आधारित अर्थव्यवस्थाएं हैं और वे इकोनॉमिक फ्लेक्सिबिलिटी को बढ़ावा देने के पक्ष में हैं। बैठक में मजबूत सप्लाई चेन, सुरक्षित और विश्वसनीय तकनीकों के इस्तेमाल और उत्पादन क्षमता बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई। कोरोना महामारी और वैश्विक संघर्षों के बाद दुनिया भर में सप्लाई चेन की कमजोरियां सामने आई थीं, जिसके बाद अब देश इन व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने पर जोर दे रहे हैं।
ऊर्जा और उर्वरक जैसे अहम मुद्दों पर भी हुई बातचीत
विदेश मंत्री ने कहा कि बैठक में ऊर्जा और उर्वरकों की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा की गई। मौजूदा समय में कई देशों को ऊर्जा संकट और खाद की कमी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में क्वाड देश इन समस्याओं से निपटने के लिए आपसी सहयोग को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।














Click it and Unblock the Notifications