Rohingya Crisis: आतंकी मसूद अजहर ने दुनियाभर के मुसलमानों को साथ आने को कहा

जैश ए मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर ने म्यांमार को दी धमकी, रोहिंग्या मुसलमानों के लिए दुनियाभर के मुसलमानों को एकजुट होने को कहा, लादेन को बताया शेर, म्यांमार सरकार को दी धमकी

नई दिल्ली। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मौलाना मसूद अजहर ने दुनियाभर के मुसलमानों को म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे पर एकजुट होने कहा है। उसने म्यांमार को धमकी दी है कि अगर रोहिंग्या मुलमानों के साथ गलत व्यवहार किया गया तो उसे इसके परिणाम भुगतने होंगे। उसने कहा कि म्यांमार में मुसलमानों के बलिदान की वजह से दुनियाभर के मुसलमानों में एकजुटता आई है, हम यह देख सकते हैं कि दुनियाभर के मुसलमान इस मुद्दे पर एकजुट हैं। इस मुद्दे पर दुनियाभर के मुसलमानों को एक साथ आना चाहिए, हमें इसके लिए कुछ करना चाहिए, हमे यह तत्काल करना चाहिए। म्यांमार की जमीन को एक अदद विजेताओं की जरूरत है।

masood azahar

लादेन को बताया शेर

मसूद अजहर ने बौद्धा मोंक आशिन वीरथू को बौद्ध आतंकवाद का चेहरा बताया है, यही नहीं उसने उसे बौद्ध धर्म का बिन लादेन तक करार दिया है, जोकि एक कायर है अजहर ने कहा कि लादेन एक शेर था जिसने असहाय लोगों की मदद की और उनके लिए खुलकर सामने आया, जबकि वीररथू एक कुत्ता है जो सिर्फ भौंकता है और अपनी आरामगाह में बैठा रहता है। बिन लादेन एक दिलेर था और उसने दुनिया के सामंतवादी चेहर को चुनौती दी, लेकिन वीरथू असहाय और लाचार लोगों को अपना शिकार बनाता है।

भारत सरकार ने बताया खतरा

गौरतलब है कि मोदी सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया है उसमे सरकार की ओर से कहा गया है कि रोहिंग्या शरणार्थियों का का आतंकवादी संगठन से ताल्लुक है, साथ ही पाकिस्तान के आईएसआई से उसका ताल्लुक है। इस समुदाय के लोगों के आने से देश को बड़ा खतरा है। सरकार की ओर से 16 पेज का हलफनामा दाखिल किया गया है। सरकार का कहना है कि रोहिंग्या मुसलमानों के भारत आने से यहां के बौद्ध समुदाय के लोगों के साथ इनकी तकरार हो सकती है और इससे हिंसा भड़क सकती है।

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जारी है तकरार

वहीं म्यांमार का इस मुद्दे पर कहना है कि उनकी सेना आतंकी संगठन अराकान रोहिंग्या सैल्वेशन आर्मी के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। रोहिंग्या और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि म्यांमार सरकार मुसलमानों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है और वह मुसलमानों को देश से बाहर निकालना चाहती है। रोहिंग्या मुसमलानों का कहना है कि वह बर्मा के रखाइन स्टेट के निवासी हैं, लेकिन म्यांमार उनकी नागरिकता को नहीं मानता है।

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