शी जिनपिंग की कैद से निकलकर यूरोप पहुंचे Jack Ma, चीन से आजाद होने को करना पड़ा ये समझौता
नई दिल्ली, 29 जुलाईः कभी एशिया के सबसे अमीर शख्स रहे अरबपति कारोबारी जैक मा बीते कई समय से सार्वजनिक जीवन से दूर समय बिता रहे हैं। चीन की सरकार से संबंध खराब होने के बाद जैक मा लगभग लापता से हो गए थे। लेकिन अब लगभग दो साल उनकी खबर मिली है। जानकारी के मुताबिक वह यूरोपीय देशों के टूर पर देखे गए हैं।\

यूरोपीय देशों में दिखाई दिए जैक मा
ब्लूमबर्ग की खबर के अनुसार, 57 साल के जैक मा ऑस्ट्रिया के एक रेस्त्रां में दिखाई दिए और उन्होंने सतत पोषणीय खेती के बारे में सीखने के लिए नीदरलैंड की एक यूनिवर्सिटी का दौरा किया। साथ ही उन्होंने स्पेन के द्वीप मैलोर्का में अपनी यॉट से यात्रा करते भी दिखाई दिए। जैक मां के यूरोपीय टूर पर जाने की खबर से ऐसा प्रतीत होता है कि चीन की सरकार का दबाव जैक मा पर से कम हुआ है।

बुरे दौर में चल रहे जैक मा
एक वक्त में दुनिया में तेजी से बढ़ रही कंपनी अलीबाबा के को-फाउंडर जैक मा को चीनी सरकार के दबाव में अपने व्यापारिक साम्राज्य से पीछे हटना पड़ा था। जैक मा की कंपनी अलीबाबा चीन में इतनी बड़ी हो गई थी कि उन्हें चीन के सबसे शक्तिशाली लोगों में से एक माना जाने लगा था। कोरोना शुरू होने से पहले तक एशिया के सबसे रईस अरबपति रहे जैक मा अब बुरे दौर में चल रहे हैं। बीते करीब तीन साल से जैक मा की संपत्ति में लगातार कमी हुई है।

एंट ग्रुप पर है जैक मा का नियंत्रण
इस बीच खबर ये है कि अब जैक मा ने एंट समूह का नियंत्रण छोड़ने की योजना बनाई है। बता दें कि जैक मा के पास एंट में केवल 10 फीसदी हिस्सेदारी है लेकिन वह सहयोगी कंपनियों के जरिए कंपनी पर नियंत्रण रखते हैं। वह एंट ग्रुप में 50.52 % वोटिंग अधिकार रखते हैं। एक समय में उन्होंने एंट ग्रुप के फाइनैंशल बिजनेस को शेयर बाजार में लिस्ट कराने की योजना बनाई थी। तब बताया गया था कि यह दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ होगा। लेकिन इसे चीन की सरकार ने इस पर रोक लगा दी।

चीनी सरकार ने किया साइडलाइन
दरअसल साल 2020 में उन्होंने अपनी बड़ी फिनटेक कंपनी पर सख्ती करने के लिए कम्युनिस्ट पार्टी की अधिकारियों की खुली आलोचना की थी। इसके बाद चीन की सरकार ने एंट ग्रुप के आईपीओ लाने पर रोक लगाने का फैसला किया। इसके बाद यह भी सूचना मिली कि उन्हें सरकारी कैद से निकलने के लिए कई कड़ी शर्तों का पालन करना पड़ रहा है। उन्हें पहले की तरह पर्सनल जेट से यहां-वहां जाने की अनुमति नहीं है। सरकार के खिलाफ बोलने की वजह से उन्हें पूरी तरह से साइडलाइन कर दिया गया।

किसी और को दे सकते हैं कंपनी का नियंत्रण
चीनी सरकार के कड़े रूख के कारण एंट ग्रप को कड़े सरकारी नियंत्रण के अनुसार काम करना पड़ा है और इसके लिए कंपनी को अपने काम करने के तरीके में कई फेर बदल करने पड़े हैं। शुरुआती सालों में डिजिटल पेमेंट मार्केट में एंट को इतनी सफलता मिली थी कि इससे सरकारी बैंकों के दबदबे को खतरा हो गया था। लेकिन अब स्थिति उलट है। इससे पहले एंट ग्रुप ने नियामकों को मौखिक तौर पर यह भी संकेत दिया था कि मा कंपनी का नियंत्रण किसी और को दे सकते हैं। इस मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि इनमें से एक प्रस्ताव यह है कि जैक मा अपने शेयर कंपनी के बड़े अधिकारियों को दे देंगे ताकि उसे एक कमिटी देखती रहे।












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