इटली में वेनिस की मशहूर नहरें सूखने क्यों लगी हैं ?
इटली का वेनिस शहर अपनी सुंदर नहरों के लिए विख्यात है। लेकिन, आज वहीं नहरें बदसूरत नजर आने लगी हैं। कारण ये है कि उनका पानी सूख रहा है। इसके पीछे जलवायु संकट का बड़ा रोल माना जा रहा है।

इटली का वेनिस शहर अपनी नहरों की वजह से विश्व विख्यात है। पूरी दुनिया से लोग वेनिस घूमने आते हैं तो वहां नहर परिवहन का आनंद लेना उनकी पहली प्राथमिकता होती है। इस परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण के अनुकूल माना जाता है और इसलिए इसको खूब प्रमोट भी किया गया है। लेकिन, लगता है कि फिर भी इटली के इस सुंदर शहर को संकट से बचाना मुश्किल हो गया है। क्योंकि, शायद जलवायु संकट की वजह से ही यहां की चर्चित नहरें सूखने लगी हैं। वेनिस की नहरें सिर्फ यातायात के साधन ही उपलब्ध नहीं करवातीं। ये यहां की दिनचर्चा में भी शामिल हैं। इसके बिना जन-जीवन ठप होने लगा है और टूरिस्टों को मायूसी हो रही है वह अलग।

वेनिस की नहरों को क्या हो गया है ?
इटली का वेनिस शहर अपने नहरों की वजह से ही दुनिया भर में मशहूर हैं। लेकिन, पिछले कुछ दिनों से कई नहर अप्रत्याशित तरीके से सूखने लगी हैं। यह नहर वेनिस की सुंदरता में चार चांद ही नहीं लगाते हैं, बल्कि यह वहां के परिवहन का माध्यम रही हैं। सोशल मीडिया पर मुंह ताक रहे वॉटर टैक्सी, गोंडोलास (हल्की नावें) और एंबुलेंस बोट की तस्वीरें हालात की गंभीरता को खुद ही बयां कर रहे हैं। एपी की रिपोर्ट के मुताबिक लंबे समय से समुद्र की नीची लहरें और बारिश की कमी इस हालात के लिए जिम्मेदार हैं। नहरों में जल स्तर का कम होना आश्चर्यजनक है, क्योंकि यह शहर अक्सर बाढ़ की स्थिति के लिए ही चर्चित रहा है। 2019 में 1966 के बाद से सबसे भयंकर बाढ़ आई थी, जिसकी वजह से करोड़ों यूरो का नुकसान हुआ था।

वेनिस शहर का भूगोल कैसा है ?
उत्तरी इटली में स्थित वेनिस शहर का भूगोल अनोखा है। यह एक खाड़ी में फैले 118 छोटे द्वीपों का एक समूह है। यह एक बड़े समुद्री जल क्षेत्र से जमीन के माध्यम से अलग एक जल क्षेत्र है। 70,176.4 हेक्टेयर में फैली वेनिस की खाड़ी एडियाट्रिक सागर से अलग हुई है। नासा ने सैटेलाइट से तस्वीरें ली हैं, उसमें लाल टाइल वाली छतें वेनिस की खाड़ी में दिख रही हैं। यूनेस्को के मुताबिक 5वीं शताब्दी में यहां के किसानों और मछुआरों समेत अन्यों की अस्थाई बस्तियां धीरे-धीरे स्थायी हो गईं।

वेनिस की कुछ नहरें क्यों सूख गई हैं ?
इस समय जो नहरें सूखी हैं, वहां का दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो चुका है। क्योंकि, वेनिस के ज्यादातर हिस्सों में ऑटोमोबाइल प्रतिबंधित हैं और परिवहन का ज्यादातर काम नहरों के जरिए ही होता है। मेडिकल स्टाफ को अपनी एंबुलेंस अब दूर ही छोड़नी पड़ रही हैं। कई बार मरीजों को स्ट्रेचर पर ही दूर तक ले जाकर एंबुलेंस तक पहुंचाना पड़ रहा है, क्योंकि एंबुलेंस बोट के चलने लायक कई नहरों में पानी ही नहीं बचा है। यही नहीं, जो पर्यटक नहरों में सैर के लिए ही वेनिस आते हैं, उन्हें घोर निराशा हाथ लग रही है। कई नहरों में गोंडोलास लायक पानी नहीं रहने से मशहूर वेनिस ब्रिज तक जाने का मौका ही नहीं मिल पा रहा। मौसम वैज्ञानियों के मुताबिक शहर के ऊपर उच्च दबाव की वजह से समुद्र की लहरें नीची रह रही हैं, जिससे नहरों का जल स्तर घट गया है। लेकिन, कुछ का कहना है कि पूरे इटली में सूखे की स्थिति है, जिसके चलते नहरों का पानी सूखने लगा है।

इटली का जल संकट क्या है ?
पिछली गर्मी से इलाके की नदियों और झीलों में पानी की भारी कमी देखी जा रही है। एनएसए न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक इटली में पर्यावरणविदों के एक संगठन लेगम्बिएंट ने कहा है कि आने वाले समय में जल संकट और बढ़ सकता है, क्योंकि इटली पहले से ही 'साल के ऐसे समय में पानी की समस्या झेल रहा है, जब पर्याप्त सप्लाई होनी चाहिए।' संगठन ने इस ओर भी इशारा किया है कि इटली के ऐल्प्स में इन सर्दियों में सामान्य से करीब 50 फीसदी कम बर्फबारी हुई है। एजेंसी ने कहा, 'यह बहुत चिंताजनक है, क्योंकि वसंत और गर्मियों में बर्फ का पानी एक महत्वपूर्ण स्रोत होता है, जिसके पिघलने से उन महीनों में पानी की आपूर्ति सुनिश्चित होती है, जिसकी तब सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है।'
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इटली में बहुत ही गंभीर हो सकते हैं हालात
तथ्य ये हैं कि इटली की सबसे लंबी नदी पो में इस समय सामान्य से 61% कम पानी है। यह नदी ऐल्प्स से एडियाट्रिक तक बहती है। इसी तरह इटली की सबसे बड़ी गार्डा झील भी कम जल स्तर का सामना कर रही है। कई एक्सपर्ट मान रहे हैं कि पिछले साल के सूखे की असर अभी तक प्रभावी है। 2022 में इटली ने 70 साल का सबसे भयंकर सूखे का सामना किया था और पांच उत्तरी क्षेत्रों में इमरजेंसी घोषित कर दी गई थी। 2022 में जर्नल नेचर की एक रिपोर्ट के मुताबिक दशकों से जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को लेकर चेतावनी दी जा रही है, लेकिन सरकारें ऐक्शन लेने में नाकाम रही हैं। (तस्वीरें सौजन्य- सोशल मीडिया वीडियो)












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