भयानक गर्मी से इटली की सबसे बड़ी नदी सूखी तो निकला 450 किलो का ‘जिंदा’ बम, डिस्फ्यूज करने में सबके पसीने छूटे
रोम, 11 अगस्तः दूसरे विश्व युद्ध के सात दशक से भी अधिक वक्त बीत जाने के बाद उस दौर के हथियार सामग्रियां मिलना नई बात नहीं है। लेकिन इतने सालों बाद इटली में 450 किलो का विशालकाय बम मिलने से लोग हैरान हैं। सेना के विशेषज्ञों की मदद से इस भारी-भरकम बम को निष्क्रिय कर दिया गया और नियंत्रित विस्फोट को अंजाम दिया गया।

बीते महीने मछुआरों को मिला बम
पूरे यूरोप का गर्मी से बुरा हाल है। फ्रांस, ब्रिटेन और इटली जैसे देश अप्रत्याशित गर्मी से जूझ रहे हैं। नदियां सूख रही है। इसी दरम्यान पो नदी का जलस्तर बहुत कम हो गया। इस दौरान 25 जुलाई को नदी में मछली पकड़ने पहुंचने मछुआरों को लोम्बार्डी के उत्तरी गांव बोर्गो वर्जिलियो के पास पो नदी के तट पर यह बम मिला। कर्नल मार्को नसी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण बढ़ते तापमान के साथ-साथ बारिश कम हो रही है। यही वजह है कि इटली की ब्रेडबास्केट पो घाटी से बहने वाली पो नदी ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गई है। सूखे के कारण जल स्तर में कमी के कारण पो नदी के तट पर मछुआरों को बम मिला था।
निष्क्रिय करने के लिए पुलिस को करनी पड़ी मेहनत
बम को निष्क्रिय करने से पहले आसपास के इलाके में रहने वाले करीब 3,000 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया था। इसके बाद इलाके के हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया। इतना ही नहीं आसपास के रेलवे, सड़कों और नदी पर यातायात पर भी रोक लगा दिया गया। बोर्गो वर्जिलियो के मेयर फ्रांसेस्को अपोर्टी ने कहा, "सबसे पहले कुछ निवासियों ने कहा कि वे यहां से नहीं हटेंगे, लेकिन पिछले कुछ दिनों में हमने सभी को राजी कर लिया है।" उन्होंने कहा कि यह अच्छी बात रही कि प्रशासन सबको मनाने में कामयाब रहा। जब तक इलाके को खाली नहीं कराया जाता तब तक अभियान आगे नहीं बढ़ पाता।
इटली की सबसे बंड़ी नदी सूखी
इसके बाद बम निरोधक इंजीनियरों ने अमेरिका के बने इस विशालकाय बम से फ्यूज को हटा दिया। उनके मुताबिक 450 किलो के इस बम में लगभग 240 किलोग्राम विस्फोटक था। बम को निष्क्रिय करने के लिए पुलिस के साथ बम दस्ता उपकरण को लगभग 45 किमी दूर एक स्थानीय खदान जाना पड़ा। विस्फोट के बाद रविवार शाम लोग घर की ओर लौटने लगे। बताते चलें कि पो नदी इटली की सबसे लंबी नदी है। इसके सूखने से इस क्षेत्र में चिंता खड़ी हो गई क्योंकि इस नदी के पानी के जरिए यहां इटली का 40 फीसदी भोजन का उत्पादन किया जाता है।
सरकार ने लगाया आपातकाल
इस क्षेत्र के रिसोट्टो चावल उत्पादकों ने पिछले सप्ताह चेतावनी दी थी कि अत्यधिक परिस्थितियां उत्पादन को स्थायी रूप से प्रभावित कर सकती हैं, क्योंकि जहरीला खारा पानी जमीन में जा रहा है। इटली ने पिछले महीने पो के आसपास के क्षेत्रों के लिए आपातकाल की स्थिति घोषित की थी, क्योंकि यह नदी आधी सदी से भी अधिक समय में सबसे खराब सूखे का सामना कर रही है। पिछले सप्ताह पो डेल्टा ड्रेनेज कंसोर्टियम के निदेशक जियानकार्लो मंटोवानी ने नदी और उसके आसपास की स्थिति के बारे में जानकारी दी थी। इसके मुताबिक मौजूदा समय में यह नदी अपने औसत जल स्तर के दसवें हिस्से पर है।
-
Iran US War: ईरान ने खाक किए अमेरिकी बेस, बताया अब किसकी बारी? खौफनाक दावे से मचा हड़कंप -
Petrol Diesel Price Hike: पेट्रोल ₹5.30 और डीजल ₹3 महंगा, ईरान जंग के बीच इस कंपनी ने बढ़ाई कीमतें, ये है रेट -
Energy Lockdown: एनर्जी लॉकडाउन क्या है? कब लगाया जाता है? आम पब्लिक पर कितना असर? हर सवाल का जवाब -
Fact Check: क्या सच में देश में लगने वाला है Lockdown? क्या है वायरल दावों का सच? -
LPG Price Today: क्या राम नवमी पर बढ़ गए सिलेंडर के दाम? आपके शहर में आज क्या है रेट? -
Gold Silver Rate Today: सोना-चांदी होने लगा महंगा, गोल्ड 6000 और सिल्वर के 10,000 बढ़े भाव, अब ये है रेट -
Nitish Kumar का मास्टरस्ट्रोक! राज्यसभा गए पर CM पद पर अब भी सस्पेंस! 14 अप्रैल के बाद बिहार को मिलेगा नया CM? -
राजस्थान रॉयल्स की 13,500 करोड़ की डील रुक गई? बॉम्बे हाई कोर्ट में जीत से राज कुंद्रा ने पलटा गेम -
Gold Rate Today: रामनवमी पर एक दिन में ₹4,900 उछला सोना,ये है आपके शहर में 22K-18K का ताजा रेट -
Petrol Diesel Crisis: भारत के पास कितने दिनों का पेट्रोल-डीजल और LPG? किसके पास सबसे ज्यादा और कहां खड़े हम? -
IPL 2026: विराट कोहली की RCB का बदलेगा नाम? 16,700 करोड़ की डील के बाद अनन्या बिड़ला ने दिया जवाब! -
'ये मेरा आखिरी वीडियो है, मुझे कुछ भी हो सकता है', क्यों रोए सनोज मिश्रा? Monalisa को लेकर सामने रखा ऐसा सच












Click it and Unblock the Notifications