बुरी तरह कोरोना प्रभावित इटली बना विश्व का सबसे सुरक्षित देश, जानिए कैसे जीती महामारी से लड़ाई

सोमवार को इटली के स्वास्थ्य मंत्री ने पहली बार इटली के सभी 20 प्रांतों को कोरोना वायरस मुक्त घोषित कर दिया है।

रोम, जून 29: याद कीजिए पिछला साल, जब कोरोना वायरस सबसे पहले चीन से निकलकर इटली पहुंचा था और जानलेवा वायरस ने इटली में तबाही मचाकर रख दी थी। पिछले साल फरवरी और मार्च महीने में इटली में हर दिन सैकड़ों लोग कोरोना वायरस की वजह से अपनी जान गंवा रहे थे, लेकिन डेढ़ साल बीत जाने के बाद अब इटली विश्व का सबसे सुरक्षित जगह बन गया है। इटली को मास्क से आजादी मिल गई है।

मास्क से मिली इटली को आजादी

मास्क से मिली इटली को आजादी

सोमवार को इटली के स्वास्थ्य मंत्री ने पहली बार इटली के सभी 20 प्रांतों को कोरोना वायरस मुक्त घोषित कर दिया है। इटली के स्वास्थ्य मंत्री ने पहली बार घोषणा की है कि कोरोना वायरस को लेकर अब पूरा इटली सबसे ज्यादा सुरक्षित देश बन गया है और पूरा इटली अब व्हाइट जोन में शामिल हो चुका है, जहां पर वायरस का सबसे कम खतरा है। आपको बता दें कि पिछले साल ही सरकार ने इटली को अलग अगल जोन में बांट दिया था और अब जाकर पूरे इटली को रिस्क फ्री जोन में शामिल कर लिया गया है। जिसका मतलब अब ये है कि इटली में फेसमास्क से लोगों को आजादी मिल गई है। हालांकि, इटली के लोग ज्यादा खुशी नहीं मना पा रहे हैं, क्योंकि देश में भयानक गर्मी पड़ रही है और पारा 40 डिग्री को पार कर चुका है, लेकिन उसके बाद भी लोगों ने मास्क फ्री देश बनने को लेकर खुशी जताई है।

कोरोना का गढ़ था इटली

कोरोना का गढ़ था इटली

पिछले साल पश्चिमी देशों के लिए इटली कोरोना वायरस का गढ़ बन गया था और उसकी सबसे बड़ी वजह थी चीन के वुहान शहर से इटली के लिए डायरेक्ट फ्लाइट। इसीलिए चीन के बाद सबसे पहले इटली ही कोरोना वायरस की चपेट में आया था। सबसे पहले आर्मी ट्रको में ले जाकर शवों को दफनाने की तस्वीरें इटली से ही आनी शुरू हुई थी और विश्व ने पहली बार कोरोना वायरस कितना खतरनाक है, इसके बारे में जाना था। इसके साथ ही पहली बार इटली के अस्पतालों से बेबस तस्वीरें आनी शुरू हुई थी और कोरोना महामारी कितनी भयावह है, इसे लोगों ने जाना था।

इटली ने कैसे पाया संक्रमण पर काबू

इटली ने कैसे पाया संक्रमण पर काबू

इटली सरकार के आंकड़ों के मुताबिक इटली की कुल आबादी का एक तिहाई हिस्सा पूरी तरह से वैक्सीन की दोनों खुराक ले चुका है, जिसमें 12 साल की उम्र से ऊपर के सभी लोग शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इटली में एक करोड़ 75 लाख 72 हजार लोगों को वैक्सीन की दोनों खुराक दी जा चुकी है। वहीं, इटली की सरकार ने हाल के दिनों तक अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा था और अब जाकर अमेरिका, कनाडा, जापान और यूरोपीयन यूनियन में शामिल देशों के नागरिकों के लिए अपने देश का दरवाजा खोला है। लेकिन, इटली आने की अनुमति उन्हीं लोगों को दी जाती है, जिन्होंने वैक्सीन की दोनों खुराक ले रखी है। हालांकि, जंग जीतने के बाद भी इटली के स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्टो स्प्रेन्जा ने लोगों से जागरूक रहने और सावधानी बरतने को कहा है।

''जागरूकता और सावधानी अभी भी जरूरी''

''जागरूकता और सावधानी अभी भी जरूरी''

इटली के स्वास्थ्य मंत्री रॉबर्टो स्प्रेन्जा ने कहा है कि 'हमारे लिए खुशी की बात है कि हमने कोरोना वायरस संक्रमण से आजादी पा ली है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि हम लापरवाह हो जाएं। अभी भी नये नये वेरिएंट मिल रहे हैं, जिनसे हमें काफी सतर्क और जागरूक रहने की जरूरत है। हमें ध्यान में रखने की जरूरत है कि इस लड़ाई से दुनिया को जीत मिलना बाकी है।' आपको बता दें कि इटली में महामारी पर पिछले साल नवंबर के बाद ही काबू पा लिया गया था, लेकिन इटली में लॉकडाउन और प्रतिबंध उसी तरह से था। रिपोर्ट के मुताबिक इटली में प्रतिबंधों और क्वारंटाइन नियमों में पिछले महीने जाकर ढील दी गई है। हालांकि, पूरे देश को येलो जोन घोषित कर प्रतिबंधों में थोड़ी कमी की गई थी। आपको बता दें कि इटली में कोरोना वायरस की वजह से कुल मिलाकर एक लाख 27 हजार लोगों ने जान गंवाई थी और करीब 40 लाख से ज्यादा लोग कोरोना वायरस संक्रमित हुई थे।

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