ठंड में यहां कभी नहीं पहुंचती थी धूप, तो गांव वालों ने ऐसे बना लिया अपने लिए एक 'अलग सूरज'
ठंड के मौसम में यहां कभी नहीं पहुंचती थी धूप, तो गांव वालों ने ऐसे बना लिया अपने लिए एक 'अलग सूरज'
नई दिल्ली, 10 जनवरी: कड़ाके की सर्दी में अगर आपके शहर या गांव में दो से तीन महीने के लिए सूरज ना निकले तो सोचिए क्या हाल होगा। ऐसे में किसी का भी जीना दूभर हो सकता है। ऐसा ही कुछ हाल इटली के पाइमोंट घाटी के विगानेला गांव का था। जहां लगभग तीन महीने सर्दी के मौसम में सूरज दिखाई ही नहीं देता है। गांव को तीन महीने अंधेरे में बिताना पड़ता था। लेकिन अब वहां ऐसा नहीं है, कुछ साल पहले गांव वालों ने अपने लिए एक नया सूरज बना लिया है। ये सुनने में अटपटा लग सकता है लेकिन ये सच है। प्रकाश को नीचे की ओर प्रतिबिंबित करने के लिए एक बड़े दर्पण का उपयोग करके इस गांव ने अपने लिए एक नया सूर्य ही तैयार कर लिया है।
Recommended Video

नवंबर से फरवरी के बीच अंधेरे में डूबा रहता था गांव
विदेशी वेबसाइट के मुताबिक इटली के डॉ करण राजन ने कहा है कि पाइमोंट घाटी का विगानेला गांव लगभग तीन महीने अंधेरे में बिताता था। क्योंकि ये गांव एक खड़ी घाटी के तल पर स्थित है और पहाड़ों से घिरा हुआ है, इसलिए इस गांव में सूरज की रौशनी नहीं आ पाती है।
डॉ करण के मुताबिक, "विगानेला गांव नवंबर और फरवरी के बीच 90 दिनों तक अंधेरे में डूबा रहा था। यह पहाड़ों और खड़ी घाटियों से घिरा हुआ है जो सूर्य की किरणों को अवरुद्ध करते हैं।"

जानिए कैसे इस गांव ने बनाया अपना 'सूरज'
विगानेला गांव के डिप्टी मेयर पियर फ्रांको मिडाली से गांव वालों की परेशानी देखी नहीं गई और उन्होंने फैसला किया कि वह गांव में धूप लाकर रहेंगे। गांव के डिप्टी मेयर पियर फ्रांको मिडाली की कोशिशों का ही नतीजा है कि साल 2006 में इस गांव में कृत्रिम 'सूरज' बनाया गया।

अब गांव के चौराहे पर आती है धूप
2006 में गांव ने क्षेत्र के सबसे ऊंचे पहाड़ों में से एक के शीर्ष पर ठोस स्टील की 8-मीटर/5-मीटर की शीट लगाई। स्टील शीट अब एक दर्पण के रूप में कार्य करती है और सूरज की रोशनी को वापस गांव के केंद्र में दर्शाती है। पहाड़ी की चोटी पर लगा एक विशाल शीशा (कृत्रिम सूरज) गांव के चौक पर सूरज की रौशनी लाती है। गांव वाले धूप लेने के लिए इसी चौराहे पर जमा हो जाते हैं।

6 घंटे गांव वालों को मिलती है अब सूरज की रौशनी
पहाड़ी की चोटी पर लगा कृत्रिम सूरज से गांव वालों को दिन में लगभग 6 घंटे सूरज की रौशनी मिलती है। डॉ करण के मुताबिक, "दर्पण दिन में छह घंटे प्रकाश को प्रतिबिंबित करता है, जिससे लोगों को रौशनी मिलती है।" इस गांव में लगभग 200 लोग रहे हैं और अब आर्टिफिशियल सूरज से करीब 6 घंटे की रौशनी में खुश हैं।
2008 में विगानेला गांव के मेयर पियर फ्रांको मिडाली ने कहा था, "परियोजना के पीछे के विचार का वैज्ञानिक आधार नहीं है, बल्कि ये एक मानवीय प्रक्रिया है। यह लोगों को सर्दियों में सामाजिककरण करने की इच्छा से है। पहले अंधेरे की वजह से शहर ठंड के कारण बंद हो जाता था''

आर्टिफिशियल सूरज को बनाने में कितना आया खर्च
बीबीसी के अनुसार, उस समय इस परियोजना की लागत €100,000 यूरो (1 लाख यूरो) थी। इस कृत्रिम सूरज का वजह 1.1 टन है। इसे कंप्यूटर के द्वारा संचालित किया जाता है। विगानेला गांव के मेयर पियर फ्रांको मिडाली के मुताबिक जिन मैटल से यह आर्टिफिशियल सूरज बना है, वो 95 फीसदी सूर्य की रोशनी को परिवर्तित करता है।

सूर्य की रौशनी की कमी के कारण गांव वालों को हो रही थी बीमारी
विगानेला गांव के मेयर पियर फ्रांको मिडाली ने कहा था, सूर्य की रोशनी की कमी के कारण शहरवासियों के सेरोटोनिन के स्तर में गिरावट हो रहा था। लोगों ने ऐसा अनुभव किया था। प्राकृतिक प्रकाश की कमी से मूड, नींद, ऊर्जा के स्तर में कमी आ रही थी। जिससे लोगों के जीवन में पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था।
दिलचस्प बात यह है कि विगानेला गांव "अपना खुद का सूरज बनाने" का एकमात्र स्थान नहीं है। नॉर्वे में रजुकन ने 2013 में इसी तरह की एक परियोजना की स्थापना की थी।
-
समोसा से पैटरनिटी लीव तक—क्या यही वजह बनी राघव चड्ढा को राज्यसभा में ना बोलने देने की! 7 मुद्दे चर्चा में -
Hormuz Strategic Plan: होर्मुज का खेल खत्म! भारत के हाथ लगा वो 'जादुई रूट', तेल -LPG की किल्लते होंगी दूर -
Trump Warning Iran: 'सिर्फ 48 घंटे, फिर नक्शे से मिट जाएगा नाम', ट्रंप ने ईरान को दी आखिरी चेतावनी -
World’s Largest Army: न चीन, न भारत... अब यह देश है सैन्य शक्ति का नया बादशाह! देखें टॉप 10 की पूरी लिस्ट -
GT vs RR: शुभमन गिल आज का मैच क्यों नहीं खेल रहे? किस वजह से राशिद खान को बनाया गया कप्तान -
Iran Vs America War: ईरानी अटैक का डर या आर्थिक संकट? युद्ध के बीच ट्रंप को धोखा देने की तैयारी में दोस्त देश -
'डोनाल्ड ट्रंप से ज्यादा हमारी कैद में सुरक्षित हैं', US पायलट की मां के इमोशनल मैसेज पर ईरान ने दिया जवाब -
Silver Rate Today: चांदी में बड़ी गिरावट! 10,000 तक लुढ़के दाम,अब आपके शहर ये है लेटेस्ट सिल्वर रेट -
Trump vs Iran: ईरान से युद्ध में अमेरिका का हालात खराब! गुस्से से लाल ट्रंप, वीक ऑफ किया रद्द -
Iran Vs America War: ईरान नहीं, इन 2 देशों ने मार गिराए अमेरिकी फाइटर जेट! अब क्या करेंगे ट्रंप? -
Gold Price Today: जयपुर में रातों-रात बदल गए सोने-चांदी के दाम! खरीदारी से पहले चेक करें आज के रेट -
MP CM Kisan Kalyan Yojana: 82 लाख किसानों को कब मिलेगी 14वीं किस्त ? ₹2000 या ₹4000 कितनी राशि आएगी खाते में












Click it and Unblock the Notifications