ISS Medical Emergency: 25 साल में पहली बार समय से पहले धरती लौटेगा NASA का क्रू मिशन, माइक्रोग्रैविटी बनी वजह?
ISS Medical Emergency: अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर एक बड़ी और असामान्य मेडिकल इमरजेंसी सामने आई है। इसी वजह से नासा ने अहम फैसला लेते हुए क्रू-11 मिशन को तय समय से पहले धरती पर वापस लाने का ऐलान किया है। नासा के अनुसार, चार अंतरिक्ष यात्रियों में से एक की तबीयत गंभीर रूप से खराब हो गई है।
यह पहली बार है जब पिछले 25 सालों से अधिक समय से संचालित हो रहे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से किसी पूरी क्रू टीम को अपना मिशन पूरा किए बिना ही पृथ्वी पर लौटाया जा रहा है। नासा ने इसे अंतरिक्ष स्टेशन के इतिहास का अभूतपूर्व कदम बताया है।

अगस्त में शुरू हुआ था मिशन
क्रू-11 टीम अगस्त महीने में अंतरिक्ष स्टेशन पहुंची थी। इस टीम में नासा के ज़ेना कार्डमैन और माइक फिन्के, जापान के किमिया यूई और रूस के ओलेग प्लातोनोव शामिल हैं। सभी को करीब छह महीने तक ISS पर रहना था और फरवरी की शुरुआत में धरती पर लौटना था।
मेडिकल स्थिति गंभीर, लेकिन स्थिर
नासा ने साफ किया है कि जिस अंतरिक्ष यात्री को स्वास्थ्य समस्या हुई है, उसकी हालत फिलहाल स्थिर है। हालांकि एजेंसी ने इस मिशन को अबॉर्टकरने का पूरा डिटेल शेयर नहीं किया है और न ही यह बताया है कि इस मेडिकल कंडिशन से प्रभावित अंतरिक्ष यात्री कौन है।
नासा के ऐडमिनिस्ट्रेटर जारेड आइज़ैकमैन ने कहा, यह एक गंभीर मेडिकल स्थिति है, लेकिन अंतरिक्ष यात्री की स्थिति नियंत्रण में है। प्रशिक्षण और आईएसएस संचालन के पिछले अनुभवों को देखते हुए नासा ने क्रू की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का फैसला किया है।
माइक्रोग्रैविटी बनी वजह?
नासा के मुताबिक यह स्वास्थ्य समस्या न तो किसी चोट की वजह से हुई है और न ही अंतरिक्ष स्टेशन पर रोजमर्रा के कामकाज के दौरान विकसित हुई है। यह समस्या माइक्रोग्रैविटी यानी शून्य गुरुत्वाकर्षण वातावरण से जुड़ी बताई जा रही है, लेकिन एजेंसी ने निदान से जुड़े अधिक विवरण साझा करने से इनकार किया है।।
वापसी की तैयारी तेज
नासा ने बताया कि क्रू के अनडॉकिंग यानी आईएसएस से अलग होने और समुद्र में सुरक्षित लैंडिंग (स्प्लैशडाउन) की प्रक्रिया का विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है। अगले 48 घंटों के भीतर इसकी आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी। इस दौरान अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद मेडिकल सूट, ज़मीनी फ्लाइट सर्जन और अन्य विशेषज्ञ मेडिकल टीमें लगातार क्रू की सेहत पर नजर बनाए हुए हैं।
अंतरिक्ष मिशनों में सुरक्षा पहले
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला दिखाता है कि लंबे अंतरिक्ष मिशनों में मानव स्वास्थ्य कितनी बड़ी चुनौती बन सकता है। माइक्रोग्रैविटी का शरीर पर क्या असर पड़ता है, इसे लेकर नासा और अन्य अंतरिक्ष एजेंसियां पहले से ही गहन अध्ययन कर रही हैं। नासा ने दोहराया कि किसी भी मिशन की सफलता से अधिक महत्वपूर्ण अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षा है, और इसी वजह से क्रू-11 को समय से पहले पृथ्वी पर लौटाने का फैसला लिया गया है।












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