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ISRO की कामयाबी की एक और उड़ान, अंतरिक्ष यात्रा पर जाएंगे इंसान, Elon Musk को चुनौती!

एलन मस्क के अलावा जेफ बेजोस के नेतृत्व वाला ब्लू ओरिजिन एक और बड़ा खिलाड़ी है, जिसका न्यू शेपर्ड अंतरिक्ष यान पश्चिम टेक्सास से अंतरिक्ष की पर्यटन यात्रा पर जा चुका है और ये उड़ान करीब 10 मिनटों तक चली थी।
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नई दिल्ली, जुलाई 21: विश्व की टॉ-5 अंतरिक्ष एजेंसी में शुमार और भारत की शान माने जाने वाला इसरो, अब दुनिया की बड़े बड़े दिग्गजों को ना सिर्फ चुनौती दे रहा है, बल्कि भारत को गौरवान्वित भी महसूस करवा रहा है। ऐसा इसलिए, क्योंकि आने वाले कुछ सालों में, जब स्पेस टूरिज्म सेक्टर का दरवाजा खुलने वाला है, उस वक्त इसरो भी दुनिया के टॉप दिग्गजों से पीछे नहीं रहेगा और भारत भी लोगों को अंतरिक्ष की यात्रा करवाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अंतरिक्ष पर्यटन क्षमता विकसित करने पर काम कर रहा है, जो आने वाले वर्षों में अरबों डॉलर का बाजार बनने के लिए तैयार है।

इसरो कराएगा अंतरिक्ष की यात्रा

इसरो कराएगा अंतरिक्ष की यात्रा

भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने कहा कि, अंतरिक्ष एजेंसी लो अर्थ ऑर्बिट (एलईओ) के लिए मानव अंतरिक्ष उड़ान क्षमता को विकसित कर रहा है। उन्होंने कहा कि, भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो अपनी स्वदेशी क्षमता को विकसित करने की प्रक्रिया में है, ताकि इंसानों को अंतरिक्ष की यात्रा पर भेजा जा सके। उन्होंने कहा कि, इसरो वर्तमान में दुनिया के 61 देशों के साथ अंतरिक्ष गतिविधि के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहा है। आपको बता दें कि, अंतरिक्ष पर्यटन बाजार पिछले कुछ सालों में निजी एयरोस्पेस कंपनियों के क्षेत्र में हावी हो गया है और सरकारी एजेंसियां भी पीछे छूट रही हैं। वहीं, इसरो नहीं चाहता है, कि वो अंतरिक्ष पर्यटन बाजार का एक अहम खिलाड़ी बनने का मौका गंवाए। विश्व के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क की स्पेसएक्स कंपनी, जेफ बेजोस की कंपनी भी अंतरिक्ष बाजार में पांव उतार चुके हैं, जो लोगों को शून्य गुरुत्वाकर्षण में पर्यटन उड़ानों पर ले जा रहा है।

बड़े खिलाड़ी रख चुके हैं कदम

बड़े खिलाड़ी रख चुके हैं कदम

एलन मस्क के अलावा जेफ बेजोस के नेतृत्व वाला ब्लू ओरिजिन एक और बड़ा खिलाड़ी है, जिसका न्यू शेपर्ड अंतरिक्ष यान पश्चिम टेक्सास से अंतरिक्ष की पर्यटन यात्रा पर जा चुका है और ये उड़ान करीब 10 मिनटों तक चली थी, जिसमें यात्री अंतरिक्ष में जाकर पृथ्वी को देख सकते हैं और ये कुछ ऐसा होता है, जैसे हम चंद्रमा को देखते हैं। इसरो वर्तमान में कई अन्य मिशनों पर काम कर रहा है, क्योंकि इसरो का सबसे अहम टारगेट गगनयान मिशन है, जिसके जरिए इसरो अपना पहला मानव अंतरिक्ष यान प्रक्षेपण करना चाहता है। इसरो के इस मिशन में कोविड की वजह से एक साल की देरी आई है और माना जा रहा है, कि इसरो अगले साल अपने मिशन को अंजाम दे देगा।

गगनयान के लिए काफी तेज है तैयारी

गगनयान के लिए काफी तेज है तैयारी

आपको बता दें कि, इसरो अपने मिशन गगयान पर काफी तेजी से काम कर रहा है और इस साल मई में इसरो ने बूस्टर का एक स्टेटिक फायर टेस्ट कामयाबी के साथ कर लिया है, जो भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री मिशन को शक्ति प्रदान करेगा। वहीं, भारतीय वायु सेना के चार अधिकारी मिशन के लिए प्रशिक्षण ले रहे हैं, हालांकि, प्रशिक्षण लेने वाले इन अधिकारियों का नाम अभी गुप्त रखा गया है। प्रक्षेपण या ने प्रणोदन चरणों की जमीनी योग्यता परीक्षण भी शुरू कर दिया गया है और सफलतापूर्वक प्रगति कर रहा है। वहीं, गगनयान को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा विकसित किया जा रहा है, जबकि गगनयान क्रू मॉड्यूल भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में ले जाने और उन्हें सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाने वाला पहला स्वदेशी अंतरिक्ष यान होगा।

अंतरिक्ष पर्यटन होगा काफी अहम

अंतरिक्ष पर्यटन होगा काफी अहम

मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि, इंडियन नेशनल स्पेस प्रमोशन एंड ऑथराइजेशन सेंटर (IN-SPACe) एंड-टू-एंड स्पेस गतिविधियों को अंजाम देने में निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना चाहता है, जिसमें अंतरिक्ष पर्यटन भी शामिल है। IN-SPACe इसरो केंद्रों में उपलब्ध तकनीकी सुविधाओं और विशेषज्ञता को निजी संस्थाओं के साथ साझा करने में सक्षम बनाने के लिए तंत्र के साथ आएगा। मंत्री ने आगे बताया कि, अंतरिक्ष विभाग (डीओएस) एक व्यापक, एकीकृत अंतरिक्ष नीति का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया में है, जो निजी भारतीय अंतरिक्ष उद्योग की गतिविधियों को दिशा प्रदान करेगी।

मिशन शुक्र की भी तैयारी कर रहा इसरो

मिशन शुक्र की भी तैयारी कर रहा इसरो

भारतीय अंतरिक्ष और अनुसंधान संगठन (इसरो) चंद्रमा और मंगल पर सफलतापूर्वक मिशन शुरू करने के बाद शुक्र पर विजय प्राप्त करना चाहता है। इसरो के चेयरमैन एस सोमनाथ ने पिछले दिनों कहा है कि, अंतरिक्ष एजेंसी के पास बेहद कम समय में यान बनाने और लॉन्च करने दोनों की क्षमता है। हालांकि, यही मिशन की विशिष्टता है, जो इसे परिभाषित करेगी। सबसे खास बात ये है कि, नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने शुक्र ग्रह के लिए दो 'प्रोब' मिशन घोषणा की हुई है और भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी तीसरा ऐसा संगठन है, जो शुक्र ग्रह के लिए अपने मिशन पर तेजी से काम कर रही है

विश्व का तीसरा शुक्र मिशन

विश्व का तीसरा शुक्र मिशन

नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा एक अंतरिक्ष यान और दो 'प्रोब' मिशन की घोषणा के बाद भारत का ऑर्बिटर शुक्र की 'नरक' दुनिया के लिए घोषित तीसरा मिशन है। भारतीय मिशन, पृथ्वी के रहस्यमय जुड़वां शुक्र ग्रह की जांच करने के अलावा उसकी विनाशकारी अतीत को समझने के लिए सुराग की तलाश करेगी, जिसको लेकर वैज्ञानिकों का मानना है, कि शुक्र ग्रह पर भी एक वक्त पृथ्वी ग्रह की तरह ही पानी का विशाल भंडार था।

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English summary
India's space agency ISRO is developing its capabilities for space tourism.
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