अब 'वायरस' लोगों की जिंदगी बचाएगा! भारत का करीबी दोस्त कर रहा फार्मूला तैयार
एंटीबायोटिक दवाओं के प्रतिरोधी रोगाणुओं के बारे में चिंताओं के कारण, संभावित फेज चिकित्सीय में रुचि हाल ही में बढ़ी है। हालांकि आंत संबंधी फेज उपचारों में से कोई भी सामान्य उपयोग में नहीं है।
तेल अवीव, 5 अगस्त : इजरायल के शोधकर्ता इंसान की आंत से जुड़ी बीमारियों से निपटने के लिए समाधान खोज रहे हैं। खबर के मुताबिक वैज्ञानिक बैक्टीरिया से लड़ने वाले वायरस से बने 'सटीक हथियार' यानी की अचूक दवा बनाने का लक्ष्य बना रहे हैं। प्रथम चरण में दो अलग-अलग वायरस के नैदानिक अध्ययन किया गया। इसके शुरुआती निष्कर्ष बताते हैं कि ये सुरक्षित और जीवाणुरोधी हैं।

आंतों की समस्याओं का होगा अंत
जर्नल सेल में प्रकाशित पीयर-रिव्यू के शोध के मुताबिक, वायरस ने क्लेबसिएला न्यूमोनिया (Klebsiella pneumoniae) की मात्रा को काफी कम कर दिया। क्लेबसिएला न्यूमोनिया एक प्रकार का जीवाणु है जो इंसान के पेट में क्रोहन रोग (Crohn's disease) और अल्सरेटिव कोलाइटिस ( ulcerative colitis) वाले बीमारी पैदा करता है।

जल्द ही पेट की बीमारियों से मिलेगा छुटकारा
पेट से जुड़ी समस्याओं के बारे में वैज्ञानिक काफी समय से शोध कर रहे हैं। बता दें कि, फेज थेरेपी को बैक्टीरियोफेज थेरेपी के रूप में भी लोग जानते हैं। यह हाल की अवधारणा नहीं है। 20वीं सदी की शुरुआत में इस पर व्यापक शोध हुआ। इस बीमारी से जड़े कई एंटीबायोटिक्स विकसित किए गए। वायरस को लेकर शोधकर्ताओं ने अब तक कई एक्सपेरिमेंट कर चुके हैं, हालांकि इस पर कई तरह के क्लीनिकल सेटिंंग्स किए गए, लेकिन कोई खास निष्कर्ष नहीं निकलने की वजह से इसे अधिक तवज्जो नहीं दिया गया। लेकिन शोधकर्ता इस पर काम करते रहे।

आंत की बीमारी को लेकर काफी समय से चल रहा है शोध
वहीं, एंटीबायोटिक दवाओं के प्रतिरोधी रोगाणुओं के बारे में चिंताओं के कारण, संभावित फेज चिकित्सीय में रुचि हाल ही में बढ़ी है। हालांकि आंत संबंधी फेज उपचारों में से कोई भी सामान्य उपयोग में नहीं है। हालांकि, कुछ शोधकर्ताओं ने अनुमान लगाया है कि वे इस मुद्दे का समाधान पेश कर सकते हैं। वेज़मैन के अध्ययन के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने क्रोहन रोग और अल्सरेटिव कोलाइटिस वाले लोगों के माइक्रोबायोम (सूक्ष्म जीव) में देखकर यह पता लगाने की कोशिश की कि कौन सा बैक्टीरिया इन पेट के रोगों से लड़ने में कारगर साबित होगा।

वैज्ञानिक आंत की बीमारी के लिए अचूक दवा बनाने की तैयारी में
पेट से जुड़ी समस्याओं के लिए अब आगे के फेज में नैदानिक परीक्षण किए जाएंगे। वैज्ञानिक यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि क्या वाकई में ये वायरस बैक्टीरिया से लड़ने के काबिल हैं और स्वास्थ्य सुधार की दिशाओं में क्या क्रांति ला सकते हैं। वेजमैन शोधकर्ताओं का कहना है कि, आने वाले दिनों में आंत से जुड़ी इन गंभीर समस्यों के निदान के लिए अचूक दवा तैयार की जाएगी। अगर ऐसा हुआ तो चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में यह मील का पत्थर साबित होगा।
(Photo Credit: Social Media)












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