इजराइल में सैन्य खुफिया प्रमुख ने दिया इस्तीफा, हमास हमले को न रोक पाने की ली जिम्मेदारी
इजराइली सेना के सैन्य खु फिया प्रमुख ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने बीते साल 7 अक्टूबर को हुए हमास के हमले को नाकाम न करने पाने की जिम्मेदारी लेते हुए मेजर जनरल अहरोन हलीवा ने ये कदम उठाया है। इजराइल पर हुए सबसे घातक हमले के बाद वे पद छोड़ने वाले पहले अधिकारी हैं।
सेना ने अहरोन हलीवा के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया है। सेना ने कहा है कि मेजर हलीवा अगला इंटेलिजेंस चीफ चुने जाने तक अपने पद पर बने रहेंगे। सेना अब तक दी गई मेजर की सेवाओं के लिए उन्हें धन्यवाद दिया है।

मेजर जनरल अहरोन हलीवा ने अपने त्याग पत्र में लिखा, "मेरे अधीन काम कर रही खुफिया निदेशालय की टीम उस कार्य पर खरी नहीं उतरी जो हमें सौंपा गया था। मैं युद्ध का भयानक दर्द साथ लेकर हमेशा जीऊंगा।"
हलीवा की घोषणा से हमास के हमले पर इजराइल के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के और अधिक नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। ऐसा माना जा रहा है कि उनके इस्तीफे के बाद कुछ और अधिकारी इस्तीफा दे सकते हैं।
इससे पहले हलिवा ने खुफिया एजेंसी की विफलताओं को लेकर सार्वजनिक जिम्मेदारी ली थी। उन्होंने हमास के हमले के एक सप्ताह बाद कहा था कि वे अपने मिशन पर खरे नहीं उतर पाए। इसके साथ ही उन्होंने उस विफलता की पूरी जिम्मेदारी ली थी। हालांकि उन्होंने कह था कि वे हमास के साथ युद्ध समाप्त होने तक पद पर बने रहेंगे।
हमास ने 7 अक्टूबर को इजराइल पर जल, थल और आसमान से हमला किया था। इस हमले में 1200 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। वहीं, हमास ने 250 से ज्यादा लोगों को बंदी बना लिया था। यह हमला पिछले कुछ इजराइल पर अब तक हुए सबसे बड़े हमलों से एक था, जिसे रोकने में इजराइली सेना नाकाम रही थी।
हमास के हमले के बाद से इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर इस्तीफा देने का दबाव बढ़ता जा रहा है। एक तरफ युद्ध खत्म करने को लेकर प्रधानमंत्री नेतन्याहू पर भारी अंतरराष्ट्रीय दबाब है, वहीं दूसरी ओर प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू समेत पूरे युद्ध कैबिनेट से इस्तीफा मांग रहे हैं।












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