Gaza attack: फिलीस्तीन का 'इस्लामिक जिहाद मूवमेंट' क्या है, जिसके नेताओं का इजरायल चुन-चुनकर कर रहा शिकार?
गाजा में ताजा हिंसा तब भड़की है, जब 'फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद' से जुड़े कार्यकर्ता खादर अदनान की 87 दिनों तक भूख हड़ताल पर रहने के बाद पिछले हफ्ते मौत हो गई थी। जिसके बाद इजरायल पर रॉकेट दागे गये थे।

What is the Palestinian Islamic Jihad: फिलीस्तीन के गाजा पट्टी में इजरायल एक के बाद एक हवाई हमले कर रहा है, जिसमें कम से कम 12 लोग मारे गए हैं। इजरायली हमले में 'फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद आंदोलन' का एक कमांडर भी मारा गया है, जिसे शुक्रवार को इजरायल ने निशाना बनाया था।
इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री यायर लापिड ने फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद (PIJ) को "एक ईरानी प्रॉक्सी जो इजरायल राज्य को नष्ट करना चाहता है" बताया था और इजरायली सेना ने उसके बाद से, इस संगठन को भारी नुकसान पहुंचाया है।
लिहाजा,'इस्लामिक जिहाद' के खतरनाक इरादों के बारे में जानना बेहद जरूरी हो जाता है, क्योंकि इजरायल इसे एक और चरमपंथी संगठन हमास से भी ज्यादा खतरनाक संगठन मानता है।
क्या है 'इस्लामिक जिहाद' संगठन?
अलजजीरा की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दोहा संस्थान के इब्राहिम फरहत का कहना है, कि "इस्लामिक जिहाद को खास तौर पर शांति प्रक्रिया को भंग करने वाला माना जाता है और ये शांति प्रक्रिया का विरोध भी करता है। ये संगठन इजरायल के साथ किसी भी तरह की बातचीत का विरोध करता है। और ये हमास की तरह ही, इजरायल के 'कब्जे' के खिलाफ सशस्त्र विरोध चलाता है'।
उन्होंने कहा कि, 'इस्लामिक जिहाद ईरान का काफी करीबी सहयोगी है और ईरान के साथ काफी अच्छे संबंध होने की वजह से ही इजरायल इसपर काफी घातक हमले करता है'।

इस्लामिक जिहाद को प्रशिक्षण, विशेषज्ञता और धन की आपूर्ति करने का आरोप ईरान पर लगता है, लेकिन ये समूह अपने कई तरह के हथियारों का निर्माण स्थानीय तौर पर ही करता है। हालांकि, इसका बेस गाजा में है, लेकिन, इस्लामिक जिहाद का लेबनान और सीरिया में भी नेतृत्व है, जहां यह ईरानी अधिकारियों के साथ इसके घनिष्ठ संबंध हैं।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के प्रमुख ने पिछले साल अगस्त में कहा था, कि इजरायल के खिलाफ लड़ाई में फिलीस्तीनी "अकेले नहीं" हैं। मेजर-जनरल होसैन सलामी ने कहा था कि, "हम अंत तक इस रास्ते पर आपके साथ हैं, और फिलीस्तीन और फिलिस्तीनियों को बताएं, कि वे अकेले नहीं हैं।"
कब बना 'इस्लामिक जिहाद' संगठन?
फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद की स्थापना 1981 में मिस्र में फिलिस्तीनी छात्रों ने इजरायली 'कब्जे' वाले वेस्ट बैंक, गाजा और अब इजरायल के अन्य क्षेत्रों में एक फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना के उद्देश्य से की थी। इस्लामिक जिहाद गाजा पट्टी से अपने कार्रवाई करता है, हालांकि ये गाजा में मौजूद एक और कट्टरपंथी संगठन हमास से सख्याबल में छोटा है।
हालांकि, इब्राहिम फरहत का कहना है, कि 'भले ही ये संगठन हमास से छोटा है, लेकिन इस्लामिक जिहाद बहुत कुशल और उच्च संगठित है। पार्टी के भीतर ही एक मजबूत अनुशासन है और इसने अपने छोटे आकार के बावजूद, इज़राइल के साथ सभी टकरावों में भाग लिया है।"
अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए की वर्ल्ड फैक्टबुक के मुताबिक, पीआईजे के पास दो साल पहले तक करीब एक हजार 'जिहादी' थे, लेकिन अब इसके कितने सदस्य हो गये हैं, इसके बारे में अनुमान लगाना मुश्किल है।

दोनों हमास और इस्लामिक जिहाद, जिन्होंने 2009 से इज़राइल के साथ पांच युद्ध लड़े हैं, उसे पश्चिमी देशों द्वारा "आतंकवादी संगठनों" के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। दोनों को ईरान से धन और हथियार मिलते हैं। फिलहाल, PIJ नेता ज़ियाद अल-नखलाह हैं, जिन्होंने पिछले साल ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी से मुलाकात की थी।
वेस्ट बैंक में कितनी है पकड़?
इस्लामिक जिहाद जेनिन के वेस्ट बैंक शहर में एक महत्वपूर्ण उपस्थिति रखता है और फिछले साल वेस्ट बैंक से इसके एक वरिष्ठ नेता बासम अल-सादी को गिरफ्तार किया गया था। (फोटो-ज़ियाद नखलेह, इस्लामिक जिहाद के नेता)

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इजरायल के पूर्व रक्षा मंत्री बेनी गैंट्ज़ ने विदेशों में रहने वाले इस्लामिक जिहाद के नेताओं को भी निशाना बनाने की धमकी दी थी और इज़राइल ने पिछले साल कहा था, कि उसने वेस्ट बैंक से इस समूह के 19 सदस्यों को गिरफ्तार किया था।
इब्राहिम फरहत का कहना है, कि इस्लामिक जिहाद बातचीत के मौके को खराब कर देता है और ये अपनी जिहादी मानसिकता के साथ इजरायल को उकसाने का काम करता है। पीआईजे ने इजरायल के भीतर हमलों को उकसाया है, जिसके बाद इजरायली सेना वेस्ट बैंक और गाजा पट्टी में इनने नेताओं को निशाना बनाती है, जिसमें आम आदमी भी मारे जाते हैं।












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