इजराइली हमलों के बाद ईरान में अब कैसे हैं हालात, लोग क्यों ले रहे राहत की सांस? मुस्लिम देश आए तेहरान के साथ
Israel Attack on Iran: शनिवार को सुबह-सुबह जवाबी हमले में इजराइल ने ईरान पर हमला किया और दावा किया, कि उसने इजराइल पर तेहरान के हमलों के जवाब में तीन शहरों के सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। ये हमले तेहरान के हमले के बाद तनाव बढ़ने की आशंका के मद्देनजर किया गया है।
1 अक्टूबर को ईरान ने इजराइल पर करीब 200 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया था और उसके बाद से ही इजराइली प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा था । IDF ने अपने एक बयान में कहा है, कि "ईरानी शासन द्वारा इजराइल राज्य के खिलाफ महीनों से लगातार किए जा रहे हमलों के जवाब में, अभी इजराइल रक्षा बल, ईरान में सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले कर रहे हैं।"

आईडीएफ ने बाद में एक और बयान जारी करते हुए कहा, कि इजराइली हमले अब बंद हो गये हैं और 'सीमित हमले' करने के बाद इजराइली फाइटर जेट्स वापस लौट आए हैं। इजराइल ने अपने इस हमले को कामयाब बताया है।
ईरान ने माना हमलों में हुआ नुकसान
वहीं, ईरान का कहना है, कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने कुछ स्थानों पर "सीमित क्षति" होने के बाद भी इजराइल के हमलों का सफलतापूर्वक मुकाबला किया है। एक बयान में, ईरानी सेना ने कहा है, कि इजराइल ने तेहरान, खुजेस्तान और इलम प्रांतों में सैन्य ठिकानों पर हमला किया है।
इजराइल रक्षा बलों (IDF) ने कहा है, कि उसने ईरान के सैन्य स्थलों पर हवाई हमलों की एक श्रृंखला पूरी कर ली है, जिसे "Days of Repentance" यानि 'पश्चाताप' का दिन नाम दिया है। ये हमले कई घंटों में कई चरणों में किए गए, जिसमें वायु रक्षा प्रणालियों और बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण स्थलों पर हमला किया गया। इस बीच, ईरान के स्थानीय मीडिया ने कहा है, कि तेहरान के दक्षिण में तेल रिफाइनरी में आग या विस्फोट की कोई सूचना नहीं मिली है। इसके अलावा, ईरान के नागरिक उड्डयन संगठन के प्रवक्ता ने कहा है, कि कुछ घंटे रोके जाने के बाद विमानों का संचालन फिर शुरू कर दिया गया है।
ईरान के साथ आए मुस्लिम देश
मलेशिया के विदेश मंत्रालय ने ईरान में रात भर इजराइल की तरफ से किए गए हमलों के जवाब में एक बयान जारी किया है, जिसमें हमलों को "अंतर्राष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन" बताया गया है, जो "क्षेत्रीय सुरक्षा को गंभीर रूप से कमजोर करता है"। बयान में कहा गया है, "मलेशिया शत्रुता को तत्काल समाप्त करने और हिंसा के चक्र को समाप्त करने का आह्वान करता है।" विदेश मंत्रालय ने कहा कि मध्य पूर्व के देशों पर इजराइल द्वारा किए जा रहे लगातार हमले इस क्षेत्र को व्यापक युद्ध के कगार पर ला रहे हैं।
वहीं, सऊदी अरब की सरकारी प्रेस एजेंसी (एसपीए) के अनुसार, सऊदी अरब ने ईरान को "सैन्य निशाना" बनाने की निंदा करते हुए इसे "अपनी संप्रभुता का उल्लंघन" और अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है। सीधे तौर पर इजराइल का हवाला दिए बिना, किंगडम ने सभी पक्षों से "अधिकतम संयम" बरतने का आग्रह किया और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से तनाव कम करने और क्षेत्रीय संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में कार्रवाई करने का आह्वान किया।
इजराइल ने ईरान पर कैसा हमला किया?
इजराइल ने ईरान के उत्तर, पूर्व और दक्षिण सहित कई स्थानों को निशाना बनाया है, लेकिन हमलों का मुख्य लक्ष्य तेहरान रहा है। हमले मुख्य रूप से ईरान की वायु रक्षा प्रणालियों, मिसाइल ठिकानों और ड्रोन सुविधाओं को लक्षित करके किए गए। अभी तक, ईरानी अधिकारियों का दावा है, कि इजराइल अपने लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया है, उन्होंने कहा कि हमलों से केवल सीमित क्षति हुई है। वक्त बीतने के बाद पता चलेगा, कि ईरान में कितना नुकसान पहुंचा है। वर्तमान में, ईरानी अधिकारी किसी भी हताहत की सूचना नहीं दे रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि उनकी एकीकृत, बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली ने प्रभावी ढंग से काम किया है।
इजराइली हमले के बाद अब ईरान में क्या है स्थिति?
ईरान के सरकारी मीडिया ने शनिवार को दिन निकलते ही कम से कम चार शहरों में शांतिपूर्ण सड़कों की तस्वीरें प्रसारित कीं हैं। रात भर तीन ईरानी प्रांतों में सैन्य सुविधाओं पर इजराइल ने हमला किया है। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के प्रसारण के अनुसार, राजधानी तेहरान सहित देश भर के शहर शांत और "सामान्य" हो रहे हैं। शनिवार को इजराइली सेना के शीर्ष प्रवक्ता ने पुष्टि की है, कि हमले समाप्त हो गए हैं। इजराइल ने ईरान पर जवाबी हमला करते हुए ईरान के वायु रक्षा प्रणालियों और मिसाइल उत्पादन सुविधाओं को निशाना बनाया। ईरान ने कहा कि "तेहरान, खुज़ेस्तान और इलाम प्रांतों में सैन्य केंद्रों" पर हमले से "सीमित क्षति" हुई।
ईरान में जन्मे लेखक अराश अज़ीज़ी ने कहा है, कि शनिवार को नागरिक बुनियादी ढांचे और बिजली सुविधाओं को दरकिनार करते हुए इजराइल के हमलों ने ईरानियों को "काफ़ी हद तक राहत दी है"। "व्हाट ईरानियन वांट: वीमेन, लाइफ़, फ़्रीडम" के लेखक ने CNN को बताया है, कि उन्होंने हमले के बाद कई स्रोतों से बात की है और पाया है, कि ज्यादातर लोगों के डर सच नहीं हुए। उन्होंने कहा कि इजराइल ने तेल रिफाइनरियों, बिजली के बुनियादी ढांचे और पानी की सुविधाओं पर हमला करने से परहेज किया और न ही इसने राजनीतिक या सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाया।
उन्होंने कहा, "मैंने पिछले कुछ घंटों में तेहरान में कई तरह के स्रोतों से बात की है और मुझे लगता है कि अब वे राहत महसूस कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "कुछ लोग हैं, जो सोचते हैं कि इजराइल बाद में और हमले बढ़ा सकता है लेकिन मुझे लगता है ... उनकी आम सहमति यह है, कि वे व्हाइट हाउस से मिल रहे दबाव की वजह से संघर्षों को व्यापक नहीं बनाना चाहते हैं।"












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