‘न पानी, न बिजली और न ही पेट्रोल...', इजराइल बोला- जब तक रिहा नहीं होते होस्टेज, तब तक गाजा को कोई राहत नहीं
शनिवार को हमास के लड़ाकों ने इजरायल में घुसकर जो तबाही मचाई उसका खामियाजा अब गाजा में आम लोग भुगत रहे हैं। इजराइल ने जवाबी कार्रवाई में गाजा को चारों तरफ से घेर लिया गया है।
एक तरफ इजराइली सेना अंधाधुंध मिसाइल दाग रही है, वहीं दूसरी तरफ बॉर्डर पर नाकेबंदी कर दी गई है। पहले से बिजली की मार झेल रहे गाजा में अब खाने से लेकर पानी का संकट खड़ा हो गया है।

अब इजरायल की सरकार ने साफ किया है कि वो गाजा के नागरिकों को तब तक राहत नहीं देगा, जब तक उसके अपहृत नागरिकों को छोड़ नहीं दिया जाता है।
इजरायली ऊर्जा मंत्री काट्ज ने गुरुवार को साफ कह दिया है कि उनका देश गाजा में बुनियादी संसाधनों या मानवीय सहायता की अनुमति तब तक नहीं देगा जब तक कि हमास ने अपहृत लोगों को रिहा नहीं करता है।
उन्होंने एक बयान में कहा, "गाजा को मानवीय सहायता? कोई बिजली का स्विच चालू नहीं किया जाएगा, कोई पानी का नल नहीं खोला जाएगा और जब तक इजरायली अपहृतों की घर वापसी नहीं हो जाती, तब तक कोई ईंधन ट्रक प्रवेश नहीं करेगा।"
काट्ज ने एक्स पर पोस्ट लिखकर कर कहा कि दुनिया उन्हें कोई उन्हें मानवता और नैतिकता जैसी बातें न बताए। उन्होंने कहा- मानवतावादी के लिए मानवतावाद और नैतिक लोगों के लिए नैतिकता बरती जाती है।
वहीं, इजराइल के गाजा में आक्रमक रुख अख्तियार करने को लेकर अब ईरान की प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान के राष्ट्रपति ने इजराइल पर 'जनसंहार' का आरोप लगाया है। राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने गाजा की घेराबंदी करने को सभी अंतरराष्ट्रीय संधियों का उल्लंघन बताया है।
इससे पहले ईरान के शीर्ष नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने कहा था कि उनका देश इजराइल पर हमले में शामिल नहीं है। हालांकि खामेनेई ने कहा था कि वो हमले की योजना बनाने वालों के 'हाथ चूमें लेंगे।'












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