फिलीस्तीन का अस्तित्व खत्म? UN में इजराइली PM ने दो नक्शे दिखाए, एक में भी फिलीस्तीन नहीं, सऊदी को बताया वरदान
Netanyahu UN address: शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के 79वें सत्र में इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दुनिया के सामने दो नक्शे दिखाए हैं, जिनमे एक में सऊदी अरब जैसे कुछ देशों को वरदान और ईरान को अभिशाप करार दिया है, वहीं इन नक्शों से फिलीस्तीन गायब है।
इजराइली प्रधानमंत्री ने जो दो नक्शे पेश किए, उनमें से एक में मिस्र, सऊदी अरब, सूडान और भारत जैसे देशों को हरे रंग से चित्रित किया गया है, जबकि दूसरे मानचित्र को "अभिशाप" के रूप में लेबल किया गया, जिनमें सीरिया, इराक, ईरान और यमन को काले रंग से चित्रित किया गया था।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान इजराइली प्रधानमंत्री ने कहा, कि "यह वह नक्शा है, जो मैंने पिछले साल उन्हें दिखाया था। यह एक आशीर्वाद का नक्शा है। यह दिखाता है कि इजराइल और उसके अरब साझेदार हिंद महासागर और भूमध्य सागर के बीच एशिया और यूरोप को जोड़ने वाला एक भूमि पुल बना रहे हैं। इस पुल के पार हम रेल लाइन, ऊर्जा पाइपलाइन, फाइबर ऑप्टिक केबल बिछाएंगे और इससे दो अरब लोगों की बेहतरी होगी।"
उन्होंने आगे कहा, कि "दूसरा नक्शा देखें। यह एक अभिशाप का नक्शा है। यह आतंक के उस चाप का नक्शा है, जिसे ईरान ने हिंद महासागर से भूमध्य सागर तक बनाया और लगाया है। ईरान के घातक चाप ने अंतर्राष्ट्रीय जलमार्गों को बंद कर दिया है। यह व्यापार को काट देता है। यह लाखों लोगों को नष्ट कर देता है। राष्ट्रों को अंदर से नष्ट कर देता है और लाखों लोगों को दुख देता है।"
सबसे हैरान करने वाली बात ये थी, कि इन दोनों नक्शों में फिलीस्तीन का कोई जिक्र नहीं था।
नेतन्याहू ने ईरान और हिजबुल्लाह को चेतावनी दी
इजराइली प्रधानमंत्री ने मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के लिए सीधे तौर पर ईरान को दोषी ठहराया है और लेबनानी हिज्बुल्लाह से लड़ाई जारी रखने और गाजा पट्टी में हमास को हराने की कसम खाई, जब तक कि "पूर्ण विजय" न मिल जाए। उन्होंने यह भी वादा किया कि "जब तक हमारे सभी उद्देश्य पूरे नहीं हो जाते, तब तक हिजबुल्लाह को नीचा दिखाया जाएगा" और साथ ही अपने नागरिकों को उनके घरों में वापस भेजने के इजरायल के अधिकार पर जोर दिया। नेतन्याहू का स्वागत कई प्रतिनिधिमंडलों के साथ हुआ, लेकिन उन्हें इजरायल के समर्थकों से भी जोरदार तालियां मिलीं।
उन्होंने "ईरान के अत्याचारियों" को भी चेतावनी दी, कि अगर तेहरान ऐसा करता है तो इजराइल जवाबी हमला करेगा। उन्होंने एक सख्त संदेश में कहा, ईरान में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां इजरायल के लंबे हाथ ना पहुंच पाएं।
उन्होंने आगे कहा, किन "इजरायल इस लड़ाई को जीतेगा। हम इस लड़ाई को जीतेंगे, क्योंकि हमारे पास कोई विकल्प नहीं है। पीढ़ियों से हमारे लोगों का कत्लेआम किया गया, बेरहमी से उनका कत्लेआम किया गया और किसी ने भी हमारे बचाव में उंगली नहीं उठाई। अब हमारे पास एक राज्य है और अब हम अपनी रक्षा खुद सकते हैं।
उन्होंने दुनिया से ईरान के परमाणु हथियार कार्यक्रम को रोकने में "इजराइल के साथ" शामिल होने का आह्वान किया। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से ईरान पर उसके परमाणु कार्यक्रम के लिए "स्नैपबैक" प्रतिबंध लगाने का आग्रह किया। नेतन्याहू ने कहा, "मेरे पास तेहरान के अत्याचारियों के लिए एक संदेश है। अगर आप हम पर हमला करेंगे, तो हम आप पर हमला करेंगे। ईरान में ऐसी कोई जगह नहीं है जहां इजराइल की लंबी हाथें न पहुंच सकें। और यह पूरे मध्य पूर्व के लिए सच है।"
इजराइल ने हिजबुल्लाह प्रमुख को मारा
यह तब हुआ है, जब इजराइल ने लेबनान पर हवाई हमले तेज कर दिए और हिज्बुल्लाह के कमांड सेंटर पर एक-एक लाख किलो के 80 बन गिराए हैं, जिसमें हिज्बुल्लाह के प्रमुख हसन नसरल्लाह की मौत हो गई है। हसन नसरल्लाह पिछले 32 सालों से हिब्जुल्लाह का लीडर था। हालांकि, हिज्बुल्लाह ने अभी तक उनकी स्थिति के बारे में कोई बयान जारी नहीं किया है, जबकि इजराइल ने शनिवार को बेरूत के दक्षिणी उपनगरों और लेबनान के अन्य क्षेत्रों पर हवाई हमले जारी रखे हैं।
इससे पहले, हिजबुल्लाह के एक करीबी सूत्र ने रॉयटर्स को नसरल्लाह के जिंदा होने की बात कही है। ईरान की तस्नीम समाचार एजेंसी ने भी बताया, कि वह सुरक्षित है। एक वरिष्ठ ईरानी सुरक्षा अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया, कि तेहरान उसकी स्थिति की जांच कर रहा है। लेकिन, अगर नसरल्लाह के मारे जाने की पुष्टि हिज्बुल्लाह भी करता है, तो ये लेबनानी समूह और ईरान के लिए बहुक बड़ा झटका होगा।












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