Israel: इजरायल में व्यापक विरोध के आगे झुकी नेतन्याहू सरकार, न्यायिक सुधार योजना को रोकने का ऐलान

इजरायल में श्रमिक संघ के व्यापक विरोध के चलते पूरे देश में कई सेवाएं ठप हो गईं। इस बीच अब नेतन्याहू सरकार ने बड़ा ऐलान किया है।

PM Benjamin Netanyahu

इजरायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने घोषणा कि न्यायपालिका को लेकर नए नियम बढ़ते श्रम हमलों और विरोध के चलते अभी लागू नहीं किया जाएगा। नए कानून में सुधार को लेकर कहा कि अब वो इस पर विचार करेंगे। अगला कोई निर्णय लिए जाने तक न्यायिक सुधार योजना लागू नहीं की जाएगी। ये बात इजराइल के पीएम नेतन्याहू ने सोमवार को राष्ट्रीय स्तर पर प्रसारित अपने संबोधन में कहा। जिसमें उन्होंने कहा, "गृह युद्ध से बचने का बातचीच एक माध्यम है। मैं पीएम के नाते बातचीत के लिए समय निकाल रहा हूं।"

न्यायिक प्रक्रियाओं पर संसद के नियंत्रण को और कड़ा बनाने के लिए इजरायल सरकार की नई योजना ने बडे आंदोलन का जन्म दिया। वहां विपक्ष और विरोध कर रहे लोगों ने इस कदम को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया और श्रमिकों ने उनकी योजना को वापस लिए जाने की मांग के साथ बड़े पैमाने पर विरोध आंदोलन के नाटकीय विस्तार में एक राष्ट्रव्यापी हड़ताल शुरू की। अराजकता ने देश के अधिकांश हिस्सों को बंद कर दिया और अर्थव्यवस्था को लकवा मारने की धमकी दी, बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानें निलंबित कर दी गईं और देश के मुख्य बंदरगाहों पर काम रोक दिया गया। किंडरगार्टन और मॉल भी बंद कर दिए गए, साथ ही फास्ट फूड चेन मैकडॉनल्ड्स की शाखाएं भी बंद कर दी गईं।

पीएम नेतन्याहू ने कहा कि नए कानून को लाने से पहले उन्होंने व्यापक सहमति प्राप्त की थी। वे इस कानून को लेकर दृढ़ और आश्वस्त थे। हालांकि अब विरोध को देखते हुए इसे स्थगित करना पड़ रहा है। पीएम के इस संबोधन के तुरंत बाद देश के सबसे बड़े श्रमिक संघ हिस्ताद्रुत के प्रमुख ने कहा कि वह आम हड़ताल वापस ले लेंगे। वहीं विरोध में शामिल इजरायल के लोगों ने कहा कि जब तक जब तक केसेट में कानून को खारिज नहीं किया जाता, तब तक राष्ट्रीय विरोध तेज होता रहेगा।

इससे पहले, इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग ने भी विधायी प्रक्रिया को रोकने का आह्वान किया। हर्जोग ने सोमवार सुबह कहा, "इजराइल के लोगों की एकता के लिए, जिम्मेदारी की खातिर, मैं आपसे विधायी प्रक्रिया को तुरंत रोकने का आह्वान करता हूं।"

इजरायल में तेज विरोध के बीच प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक कड़ा फैसला लिया । उन्होंने देश के रक्षा प्रमुख योव गैलेंट को अपने पद से बर्खास्त कर दिया। हालांकि इसके राष्ट्रपति बेंजामिन नेतन्याहू के घर के बाहर हजारों लोग एकत्र हुए और विरोध दर्ज कराया। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 70 हजार लोग सड़कों पर उतरे हैं। वे अपनी मांगों को लेकर डटे हैं।

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