बर्बाद हो रहे अस्पताल, ना पानी ना बिजली... गाजा में कितने भयावह हैं जमीनी हालात, जानिए UN एजेंसी ने क्या कहा?
Israel-Hamas War: गाजा पट्टी में जन्मे, फिलिस्तीन शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र राहत और कार्य एजेंसी के प्रवक्ता अदनान अबू हसना, उस वक्त एक हवाई हमले में बच गए, जब इजराइल की बमबारी में गाजा शहर में स्थिति यूएनआरडब्ल्यूए की इमारत क्षतिग्रस्त हो गई थी। उसके बाद से यूनाइटेड नेशंस के राहत और बचाव का काम करने वाला दफ्तर दक्षिणी गाजा के राफा में ट्रांसफर कर दिया गया है।
द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 50 साल के अबू हसना ने कहा है, कि 7 अक्टूबर से जारी इजराइल के हमले में अभी तक कम से कम 35 यूएनआरडब्ल्यूए कर्मचारी मारे गए हैं।

गाजा में अभी क्या स्थिति है?
अबू हसना ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए गये इंटरव्यू में बताया है, कि स्थिति काफी ज्यादा कठिन है और हर चीज ढह रही है। गाजा पट्टी में हर चीज की काफी कमी है। उन्होंने कहा, कि सबसे पहले गाजा में बिजली नहीं है।
अबू हसना ने कहा, कि "तनाव बढ़ने के चार दिन बाद हमारे यहां बिजली गुल हो गई। हम पीड़ित हैं, पीने योग्य पानी नहीं है... लोग पानी को बिना किसी तरह ट्रीटमेंट किए सीधे कुओं से पानी पी रहे हैं। गाजा शहर में ईंधन नहीं है।"
उन्होंने कहा, कि "अस्पताल ध्वस्त हो रहे हैं, बाजारों से भोजन गायब हो रहा है और UNRWA प्रमुख ने अभी घोषणा की है, कि हमारे पास केवल तीन दिनों के लिए ईंधन बचा है। अगर गाजा को ईंधन की आपूर्ति नहीं मिली, तो हमारा ऑपरेशन बंद हो जाएगा।' उन्होंने कहा, कि "इसका मतलब है, कि हमसे जुड़े अन्य क्षेत्र, जैसे अलवणीकरण संयंत्र, सीवेज सिस्टम, अस्पताल भी बंद हो जाएंगे। इसलिए हम कुछ ही दिनों में महाविनाश की स्थिति में पहुंच रहे हैं।"
उन्होंने स्थिति की भयावहता बताते हुए कहा, कि "अगर आज या कल हमारे पास ईंधन खत्म हो जाता है, तो हमारे कामकाज, हमारे ऑपरेशन बंद हो जाएंगे।" उन्होंने कहा, कि "हमारे पास सैकड़ों कारें हैं, हजारों कर्मचारी हैं... गाजा में हमारा मुख्य पता है। गाजा पट्टी में हमारे आश्रय स्थलों में 600,000 विस्थापित लोग हैं। हमारे आश्रय स्थलों के बाहर, सड़कों पर या यहां-वहां लोग सो रहे हैं।"

अस्पतालों की क्या है स्थिति?
अस्पतालों की भयावह स्थिति को बयां करते हुए अबू हसना ने कहा, कि "अस्पतालों में उपकरणों की कमी है, दवाएं खत्म होने के कगार पर हैं और दूसरी जरूरी चीजों की भी कमी है। हम गाजा पट्टी से मरीजों को जॉर्डन, वेस्ट बैंक और मिस्र भेजते थे, क्योंकि कई बीमारों का इलाज गाजा पट्टी में संभव नहीं था, लेकिन अभी ऐसे मरीज इन देशों में नहीं भेजे जा रहे हैं।"
उन्होंने कहा, कि "सामान्य मरीजों के अलावा, भारी संख्या में घायलों को अस्पताल ले जाया जा रहा है, लेकिन उन्हें भर्ती करने के लिए जगह नहीं है। घायलों को फर्श पर लिटाकर इलाज किया जा रहा है और आप ऐसी चीजों को देख सकते हैं, जिनकी कल्पना नहीं की जा सकती है.. गाजा में हमारे पास बॉडी बैग की कमी है। यह भयानक है।"
गाजा में भोजन की कमी
उन्होंने कहा, कि "गाजा पट्टी में भोजन के लिए लोगों को भटकते देखा जा सकता है। रोटी और बेकरी की दुकानों पर आपको इंतजार करते हुए लोगों की लंबी लंबी कतारें दिख जाएंगी। जैसे, कि आप अगर किसी भी बाजार में जाएंगे, या किसी कैंप के नजदीक जाएंगे, तो आपको कुछ दिनों के बाद कुछ नहीं मिलेगा।"
उन्होंने कहा, कि "अगर आप सुपरमार्केट जाएंगे, तको आपको कुछ बिस्किट की दुकानें ही खुली मिल सकती हैं। पीने लायक पानी नहीं है और बाजार में आपको बोतलबंद पानी नहीं मिलेगा।"

पानी के बिना कैसे हो रहा गुजारा?
अबू हसना ने कहा, कि "गाजा पट्टी में पानी साफ करने के लिए कुछ छोटे-छोटे अलवणीकरण संयंत्र हैं, जो अभी भी काम कर रहे हैं, लेकिन ईंधन खत्म होने के बाद वो भी बंद हो जाएंगे। बाजार में कहीं कहीं बोतल बंद पानी मिल रहा है, लेकिन नहाने के लिए अब पानी नहीं है।"
उन्होंने कहा, कि "मैंने 16 दिनों से स्नान नहीं किया है और यही स्थिति बाकी लोगों की भी है।" उन्होंने कहा, कि "उनके पास लोगों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए संसाधन नहीं बचे हैं और स्थिति काफी विकराल हो चुकी है।"
आपको बता दें, कि इजराइल पूरी तरह से गाजा पट्टी में घुसने के लिए तैयार है और दावा किया गया है, कि पिछले 24 घंटे में इजराइल ने गाजा पट्टी पर 400 से ज्यादा बम बरसाए हैं, जिनमें 700 लोगों के मारे जाने का दावा किया गया है। अगर ये आंकड़े सही हैं, तो ये एक दिन में सबसे ज्यादा मरने वाले लोगों की संख्या है। इजराइली बमबारी में हमास के कई कमांडरों के मारे जाने की भी खबर है।












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