Israel Detain Journalist: CNN के पत्रकारों को पीटा, गर्दन पर किया हमला, IDF की बटालियन सस्पेंड- Video
Israel Detain Journalist: इजरायल-ईरान की जंग में एक वाकया ऐसा हुआ जिससे इजरायल का दांव उस पर ही उल्टा पड़ गया। दरअसल सोमवार को Israel Defense Forces (IDF) ने वेस्ट बैंक से अपनी एक बटालियन वापस बुलाना पड़ी। यह फैसला IDF ने अपनी मर्जी से नहीं बल्कि शर्मिंदगी के कारण लिया। IDF के कुछ जवानों ने फिलिस्तीनी कॉलोनी में कुछ ऐसा किया कि उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा।
क्या किया था IDF के जवानों ने?
पिछले हफ्ते वेस्ट बैंक इलाके में जहां फिलिस्तीनी लोग रहते हैं, उसमें एक सैनिक द्वारा CNN की महिला पत्रकार और फोटो जर्नलिस्ट के साथ बदसलूकी की गई थी। पूछताछ Foreign Press Association (FPA) के मुताबिक, गुरुवार को CNN की एक टीम तयासिर गांव के पास इजरायली बसने वालों के हमले और एक अवैध चौकी बनाए जाने की रिपोर्टिंग कर रही थी। उसी दौरान इजरायली सैनिकों ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

बंदूक तानकर हमला, कैमरा भी तोड़ा
एफपीए ने बताया कि सैनिकों ने CNN टीम पर बंदूकें तान दीं। एक IDF सैनिक ने पीछे से CNN की फोटो जर्नलिस्ट को गर्दन से पकड़ा, उसे जमीन पर गिराया और उसका कैमरा तोड़ दिया।जिसकी पुष्टि CNN ने अपनी में की। फोटो जर्नलिस्ट की पहचान फ्रांसीसी नागरिक Cyril Theophile के रूप में की, इसके अलावा एक महिला और एक पुरुष पत्रकार से भी बदसलूकी की गई। FPA ने इसे गलतफहमी नहीं, बल्कि प्रेस की आजादी पर सीधा और हिंसक हमला बताया।
शर्मिंदगी के बाद वापस बुलाई बटालियन
इजरायली सेना ने कहा कि जिस बटालियन के जवानों ने इस कृत्य को किया था उस बटालियन को फिलहाल वापस बुला लिया है। वापस बुलाने के साथ उन्हें प्रोफेशनल और मोरल ट्रेनिंग से गुजरना होगा। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही बटालियन को फिर से ऑपरेशन में लगाया जाएगा।
सीएनएन से जुड़ा यह दूसरा मामला
यह इस महीने CNN से जुड़ी दूसरी घटना है। इससे पहले मार्च में, यरुशलम में इजरायली पुलिस के बिना उकसावे के हमले में CNN के एक प्रोड्यूसर की कलाई टूट गई थी।
इजरायल पर पत्रकारों को टारगेट करने के आरोप
मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक, वेस्ट बैंक में पत्रकारों को कई बार हिरासत में लिया गया, परेशान किया गया या पीटा गया है। अक्टूबर 2023 में गाजा युद्ध शुरू होने के बाद ऐसी घटनाओं में काफी तेजी आई है।
पत्रकारों की गिरफ्तारी पर रिपोर्ट
अमेरिकी संगठन Committee to Protect Journalists (CPJ) के मुताबिक, इजरायल अब पत्रकारों को कैद करने वाले शीर्ष देशों में शामिल हो गया है। CPJ ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि गाजा युद्ध शुरू होने के बाद से इजरायली बलों ने कम से कम 60 फिलिस्तीनी पत्रकारों को हिरासत में लिया या जेल में डाला है।
विदेशी पत्रकार भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं
हालांकि विदेशी पत्रकारों को फिलिस्तीनी पत्रकारों की तुलना कम खतरा होता है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक चौकियों या ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान सैनिक अक्सर पत्रकारों पर हथियार तान देते हैं। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि इजरायली सेना ने शुक्रवार देर रात बेथलहम के पास एक 15 साल के फिलिस्तीनी लड़के को गोली मार दी। फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, लड़के को पेट में गोली लगी थी और उसे गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
IDF ने क्या दी सफाई?
इजरायली सेना का कहना है कि बेथलहम के पास हिंसक दंगे के दौरान सैनिकों पर पत्थर फेंके गए, जिसके बाद गोली चलाई गई। इस गोलीबारी में एक फिलिस्तीनी की मौत हुई। हालांकि, सेना ने मारे गए व्यक्ति की पहचान या वहां अपनी मौजूदगी का कारण स्पष्ट नहीं किया।इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।












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