फिलीस्तीन को सिर्फ मारता ही नहीं, प्यार भी करता है इजरायल, हमले के बाद भी भेजता रहेगा मानवीय मदद

इजरायली सेना ने दावा किया है कि, गाजा में 30 हजार मध्यम और लंबी दूरी के रॉकेट हैं, जो संभावित रूप से इजरायल को निशाना बना सकते हैं।

Israel Gaza Aid: पिछले कई दशकों से इजरायल और फिलीस्तीन के बीच खूनी संघर्ष जारी है और दोनों देशों के बीच हमेशा तनाव बना रहता है। लेकिन, इजरायल ने कहा है कि, वो गाजा पट्टी को मानवीय मदद भेजता रहेगा। भारतीय समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए करीम शालोम क्रॉसिंग के निदेशक अमी शक ने कहा कि, इजराइल करेम शालोम क्रॉसिंग पर गाजा पट्टी के लिए अपनी मानवीय सहायता जारी रखेगा।

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गाजा की मदद जारी रखेगा इजरायल

एएनआई से बात करते हुए अमी शेक ने कहा कि, "बहुत सी चीजें हैं, जिनकी हम आपूर्ति उनकी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए करते हैं, लेकिन वो जो चीजें करते हैं (रॉकेट और हथियारों से इजरायल पर हमला, जिसमें हमास और इस्लामिक जिहाद हैं), वो हमारे पास आते हैं और हमारे क्षेत्र में गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं"। लेकिन, उन्होंने कहा कि, हमले के बावजूद गाजा पट्टी पर इजरायल मानवीय सहायता भेजता रहेगा। आपको बता दें कि, करेम शालोम क्रॉसिंग पोस्ट, गाजा पट्टी-इजरायल सीमा के जंक्शन पर है जहां से इजरायल भोजन, तेल, रसोई गैस, दवाएं और फल जैसी मानवीय सहायता गाजा पट्टी को भेजता है। हमास और इस्लामिक जिहाद के हमलों का सामना करने के बाद भी इजरायल गाजा पट्टी कतो मदद भेजना जारी रखता है।

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हमले के बाद भी दरियादिली

करीम शालोम क्रॉसिंग की तरफ से हमास और इस्लामिक जिहाद के आतंकवादी इजरायल में रॉकेट हमले,आत्मघाती हमले करता रहता है। इसके साथ ही मोर्टार और छर्रे भी दागे जाते रहते हैं, फिर भी इजरायल दरियादिली दिखाता है और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद कई इजरायली सैनिक और स्वयंसेवी कार्यकर्ता हमास-नियंत्रित गाजा पट्टी को मानवीय सहायता की सुविधा प्रदान करते रहते हैं। उन्होंने कहा कि, "हम तय करेंगे कि गाजा के लिए कोई लूप लाइन नहीं है, लेकिन दुर्भाग्य से गाजा के लोगों की मदद करने के लिए कोई और नहीं है।" शेक ने कहा कि, हम अभी भी मानवीय सहायता प्रदान करना जारी रखेंगे, क्योंकि हम गाजा पट्टी में लोगों की जरूरत को समझते हैं।" वहीं, इजरायली अधिकारी ने रॉकेट के टुकड़ो को दिखाते हुए कहा कि, इनमें से कुछ टुकड़े इस्लामिक जिहाद के हैं, को कुछ टुकड़े हमास के दागे गये रॉकेट के।

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आतंकियों से कैसे निपटते हैं?

इस सवाल पर, कि आखिर वो गाजा के आतंकियों से कैसे पार पाते हैं, उन्होंने कहा कि,"सेंसर, स्कैनर, लैब और अन्य टेक्नोलॉजी के जरिए हम ट्रकों पर नजर रखते हैं और रास्ते पर कई चेक प्वाइंट बनाए गये हैं", लेकिन उन्होंने कहा कि, "आतंकियों की 50 प्रतिशत से ज्यादा प्रयासों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रयासों से निपटा जाता है और उन्हें नाकाम कर दिया जाता है।" हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि, कई मामलों कम हम अपनी आंखों से ही पकड़ लेते हैं। वहीं, एक अन्य अधिकारी ने कहा कि, एक तरफ हमास है, तो दूसरी तरफ सिनाई है, जहां आईएसआईएस सक्रिय है, लिहाजा, गाजा पट्टी-इजरायल सीमा और गाजा-मिस्र सीमा के जंक्शन करीम शालोम पोस्ट पर बड़ी सुरक्षा चुनौतियों का सामना करता पड़ता है। वहीं, इजरायली सेना ने दावा किया है कि, गाजा में 30 हजार मध्यम और लंबी दूरी के रॉकेट हैं, जो संभावित रूप से इजरायल को निशाना बना सकते हैं। उन्होंने कई सुरंगों की भी खोज की और उन्हें नष्ट किया है, जिनका इस्तेमाल गाजा के आतंकी अपने आतंकी वारदातों को इस्तेमाल करने के लिए करने वाले थे।

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