खतरे में युद्धविराम: गाजा में हमास के ठिकानों पर इजरायल की सेना ने किए हवाई हमले, 200 लोग गारे गए
Israel airstrikes southern Syria: इजरायली सेना ने दक्षिणी सीरियाई प्रांत डेरा और दमिश्क में के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए गए। वहीं गाजा में हमास के ठिकानों पर इजरायली सेना ने हवाई किए जिसमें अब तक 200 लोगों के मारे जाने की सूचना है।
मंगलवार को इजराइली सेना ने डेरा के उन स्थानों पर किए गए, जहां माना जाता है कि सीरिया के अपदस्थ राष्ट्रपति बशर अल-असद की सेनाओं से जुड़े हथियार मौजूद हैं।

गौरतलब है कि इजराइल ने 17 मार्च को गाजा, लेबनान और सीरिया पर हवाई हमले किए गए। अस्पतालों के आंकड़ों के अनुसार गाजा में इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 69 फिलिस्तीनी समेत कुल 200 लोग मारे जाने की खबर हैं। वहीं 17 और 18 मार्च की रात इजराइल की सेना ने डेरा और दमिश्क में हवाई हमले किए।
बता दें 19 जनवरी को युद्ध विराम शुरू होने के बाद से सबसे हिंसक हवाई हमलों की एक श्रृंखला में हताहतों की सूचना दी है।
इजरायली सेना ने दक्षिणी सीरिया से सैन्य खतरों को खत्म करने के तहत हवाई हमला किया। ये जिसमें सैन्य संपत्तियों को निशाना बनाकर इसी क्षेत्र में किए गए पिछले अभियान भी शामिल हैं। इज़रायली सेना खुद खुलासा किया कि हमास के ठिकानों पर उसने हमले किए है।
यह घटना क्षेत्र में तनाव और पूर्व सीरियाई शासन से जुड़ी ताकतों के खिलाफ रक्षा पर इजरायल के सक्रिय रुख क सबूत है। इजरायली सेना के आधिकारिक बयान में कमांड सेंटर और सैन्य सुविधाओं पर अभियान के फोकस पर प्रकाश डाला गया, जो कथित तौर पर हथियारों और सैन्य वाहनों से लैस थे जो इजरायल के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।
डेरा को क्यों बनाया गया निशाना
बता दें सीरिया के डेरा पर हमले कोई अलग घटना नहीं है, इजरायल ने इससे पहले भी इस क्षेत्र को निशाना बनाया है क्योंकि इजरायल द्वारा खतरा माने जाने वाले सैन्य संपत्तियों को रखने के लिए डेरा खासा महत्वपूर्ण है।
इजरायली वायु सेना ने और कहां किया अटैक?
इजरायली वायु सेना (IAF) ने दमिश्क में फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद (PIJ) के एक कमांड सेंटर को निशाना बनाते हुए एक अलग ऑपरेशन किया। इजरायल रक्षा बलों (IDF) के अनुसार यह केंद्र इजरायल के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।
IAF ने दमिश्क में फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद आतंकवादी संगठन से संबंधित एक आतंकवादी कमांड सेंटर पर खुफिया जानकारी के आधार पर हमला किया। IDF ने X पर कहा था कि "कमांड सेंटर का इस्तेमाल इजरायल राज्य के खिलाफ फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद द्वारा आतंकवादी गतिविधियों की योजना बनाने और उन्हें निर्देशित करने के लिए किया गया था।"
इस हमले में, जिसमें दो मिसाइलों की तैनाती शामिल थी, सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स द्वारा रिपोर्ट की गई थी कि कम से कम एक व्यक्ति की मृत्यु हुई।
इजरायल के रक्षा मंत्री, इजरायल कैट्ज ने हमलों के बाद एक कड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा "इजरायल के खिलाफ इस्लामी आतंकवाद को कोई छूट नहीं दी जाएगी - चाहे वह दमिश्क में हो या कहीं और।"












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