Israel: बेन ग्विर का एक और विवादित फैसला, रमजान में फिलिस्तीनियों के घरों को तोड़ने का दिया आदेश
बेन-ग्विर कुहानिस्ट विचारधारा के अनुयायी हैं। कुहानिस्ट विचारधारा का मानना है कि इजरायल में गैर यहूदियों को मतदान का अधिकार नहीं मिलना चाहिए। कुहान संगठन अरबी और मुसलमानों को यहूदी समुदाय के दुश्मन के रूप में देखती है।

Image: Oneindia
अपने कट्टर फैसलों के लिए दुनियाभर में 'कुख्यात' इतमार बेन ग्विर ने रमजान के दौरान पूर्वी यरुशलम में फिलिस्तीनी घरों को ध्वस्त करने का आदेश दिया है। कान न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री बेन-गवीर ने वर्षों पुराना फैसला बदल दिया है। अब रमजान के पवित्र महीने में भी इजरायली पुलिस अवैध घरों को तोड़ सकेगी। कई साल पहले सरकार ने तनाव को देखते हुए रमजान के महीने में गाजा पट्टी और पूर्वी यरुशलम में अवैध घरों को ध्वस्त करने से परहेज करने का फैसला किया था।
पुलिस आदेश का करेगी पालन
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कब्जे वाले इलाके में घरों को तोड़ना एक युद्ध अपराध है। लेकिन पुलिस ने कहा है कि वे मंत्री बेन ग्वीर के आदेश का पालन करेंगे और पवित्र महीने के दौरान पूर्वी यरुशलम में फिलिस्तीनी घरों को ध्वस्त करना जारी रखेंगे। फिलिस्तीनी लोगों का ये आरोप है कि इजरायली पुलिस विभिन्न कारणों से उनके घरों को ध्वस्त कर देती है। इसके पीछे पुलिस घर का परमिट न होने के बहाने देती है। हालांकि हकीकत में इन इलाकों में घर बनाने के लिए इजरायली अधिकारियों से परमिट हासिल करना लगभग असंभव माना जाता है।
पुलिस ने दी चेतावनी
कई बार किसी फिलिस्तीनी की गलती के बाद सामूहिक सजा के रूप में इजरायली पुलिस फिलिस्तीनियों के घरों को निशाना बनाती है। आपको बता दें कि अति दक्षिणपंथी सरकार बनने के बाद से अल-अक्सा मस्जिद में इजरायल के उल्लंघन को लेकर तनाव बढ़ गया है। टाइम्स ऑफ इजरायल के मुताबिक एक गुप्त बैठक में, इजरायली सुरक्षा सेवाओं ने बेन ग्विर को चेतावनी दी कि रमजान के दौरान फिलिस्तीनी घरों को ध्वस्त करने से वेस्ट बैंक में अशांति फैल सकती है।
नेतन्याहू के आदेश की अनदेखी
आपको बता दें कि इजरायल में बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व में नई सरकार बनी है। इस सरकार के गठबंधन में इतमार बेन ग्विर जैसे कई कट्टर नेता भी शामिल हैं। नई सरकार के गठन से पहले से ही ये आशंका जताई जा रही थी कि फिलिस्तीन में हिंसा बढ़ेगी। हालांकि बीते महीने के आखिर में इजरायली पीएम ने घरों को जलाने, निहत्थे लोगों को पीटने, कारों को जलाने जैसी अराजक कार्रवाईयों पर लगाम लगाने का आदेश दिया है लेकिन उनके सहयोगी नेता इसे अनसुना कर रहे हैं। नेतन्याहू के सहयोगी पीएम से आतंकियों के लिए मौत की सजा के प्रावधान वाला बिल जल्दी लाने का दबाव बना रहे हैं।
कौन हैं इतमार बेन-ग्विर
बता दें कि इतमार बेन-ग्विर ओट्जमा यहूदी पार्टी के नेता हैं। वे इजरायल से सभी फिलिस्तीनियों को निकालने की वकालत करते रहे हैं। ग्वेर का मानना है कि यहूदियों को देश के प्रति वफादार होना चाहिए, जो कोई भी देश के प्रति वफादार नहीं हैं वे आतंकी हैं। वे यरुशलम के अल-अक्सा मस्जिद के पास भी अक्सर जाते रहते हैं। मंत्री बनने के बाद उनका यहां जाना बढ़ गया है। बेन ग्विर अपने घर में 29 मुस्लिमों की हत्या करने वाले बारूक गोल्डस्टीन की तस्वीर टांग कर रखते हैं। बेन-ग्विर पेशे से वकील भी हैं। वे उन इजरायली सैनिकों को लीगल माफी देना चाहते हैं, जो फिलिस्तीनियों पर गोलियां बरसाने के दोषी पाए गए हैं।












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