Gaza Explainer: इजराइल के जवाबी हमले के बाद गाजा पट्टी में तबाही, जानिए ग्राउंड पर कैसे हैं हालात
Israel Attack on Gaza: हमास के अचानक हमले के बाद इज़राइल ने रविवार को "युद्ध की स्थिति" घोषित की और फिर इजरआइली फोर्स ने हमास पर बम बरसाने शुरू कर दिए। इसके बाद हुई भीषण लड़ाइयों में 1,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जिनमें गाजा में कम से कम 400 लोग शामिल थे। वहीं, और दोनों पक्षों के हजारों लोग घायल हो चुके हैं।
जब फ़िलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास ने शनिवार सुबह इज़राइल पर हमला किया, तो घिरी हुई गाजा पट्टी में रहने वाले फ़िलिस्तीनियों में मिश्रित भावनाएं थीं। कुछ लोगों ने इस बात पर गर्व करते हुए जश्न मनाया, कि हमास ने इजराइल पर हमला किया है और उन्होंने इसे फिलीस्तीन के जीत के तौर पर देखा, जबकि बाकी लोग डरे हुए थे, क्योंकि उन्हें इजराइल के घातक प्रतिशोध का डर था।

आतंकवादी समूह की अभूतपूर्व घुसपैठ ने इजरायली प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को प्रतिशोध की शपथ दिलाई, जिन्होंने शनिवार को घोषणा कर दी, कि उनका देश युद्ध में है, और उन्होंने इसे इजराइल के लिए 'काला दिन' बताकर गाजा पट्टी की सूरत हमेशा के लिए बदल देने की कसम खाई।
गाजा में भीषण इजराइली हमले
इजराइल के रणनीतिक मामलों के मंत्री रॉन डर्मर ने रविवार को एक अमेरिकी चैनल से बात करते हुए कहा, कि इज़राइल में 600 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, और मरने वालों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
इज़राइल रक्षा बल (आईडीएफ) के प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हगारी ने रविवार को कहा, इज़राइल ने गाजा में लगभग 800 लक्ष्यों को नष्ट कर दिया है, जिसमें उन्होंने हमास द्वारा इस्तेमाल किए गए लॉन्चिंग पैड भी शामिल थे।
हमास की घुसपैठ के बाद, फिलिस्तीनियों को इरेज़ क्रॉसिंग के जरिए गाजा छोड़ने से भी रोक दिया गया है, जो हमास और इजरायली बलों के बीच लड़ाई का स्थल बन गया है।
नेतन्याहू ने शनिवार को घोषणा की कि इज़राइल गाजा पट्टी में "बिजली, ईंधन और सामान" की आपूर्ति रोक देगा, हालांकि आईडीएफ के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल रिचर्ड हेचट ने कहा कि रविवार को केवल बिजली काटी गई थी। तब से, बिजली प्रतिदिन औसतन चार घंटे ही उपलब्ध है, जो सामान्य आठ घंटे से कम है। इज़राइल गाजा की अधिकांश बिजली की आपूर्ति करता है।
गाजा में फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है, कि कम से कम 413 फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें 78 बच्चे भी शामिल हैं।
इज़राइल के साथ युद्ध के लिए कोई अजनबी नहीं, कई गाजावासी अपने घरों में शरण लिए हुए हैं, जिनमें से ज्यादातर के पास बंकरों तक पहुंच नहीं है। यह क्षेत्र पृथ्वी पर सबसे घनी आबादी वाले स्थानों में से एक है, जहां 140 वर्ग मील के क्षेत्र में लगभग 20 लाख लोग रहते हैं।
गाजा पट्टी की ज्यादातर सड़कें क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं या फिर मलबे से अटी पड़ी हैं। हवा में बारूदी गंध मिला हुआ है।
55 साल के सलीम हुसैन, जिन्होंने हमले में अपना घर खो दिया है, उन्होंने कहा, कि 'हमला करने से पहले इजराइल की तरफ से उन्हें और उनके परिवार को बिल्डिंग खाली करने की चेतावनी दी गई थी।' सलीम हुसैन बिल्डिंग की पहली मंजिल पर रहते थे, जिसे अब उड़ा दिया गया है।
हुसैन ने कहा, कि उन्हें नहीं पता कि टावर पर हमला क्यों हुआ। वह पांच महीने पहले ही अपने परिवार के साथ यहां शिफ्ट हुए थे।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू के आदेश के बाद इज़राइल ने गाजा पट्टी में "बिजली, ईंधन और सामान" की आपूर्ति रोक दी है। हालांकि, इजराइल डिफेंस फोर्स के प्रवक्ता, लेफ्टिनेंट कर्नल रिचर्ड हेचट ने कहा, कि रविवार को ही बिजली काटी गई थी। तब से, बिजली हर दिन करीब 4 घंटे दी जा रही है। जबकि, सामान्य दिनों में गाजा में बिजली सप्लाई करीब 12 घंटे रहती है।
इज़राइल ही गाजा में ज्यादातर बिजली आपूर्ति करता है। वहीं, गाजा में इंटरनेट की स्पीड भी काफी कम कर दी गई है।

खौफ में गाजा के नागरिक
गाजा पट्टी, लगभग 17 सालों से बाकी दुनिया से पूरी तरह से कटी हुई है।
2007 से हमास द्वारा शासित, यह एन्क्लेव, मिस्र और इज़राइल द्वारा सख्त घेराबंदी के तहत रहता है, जो गाजा पर हवाई और नौसैनिक नाकाबंदी भी बनाए रखता है। ह्यूमन राइट्स वॉच ने इसे "दुनिया की सबसे बड़ी खुली हवा वाली जेल" बताया हुआ है।
2005 में इजरायली सेना के क्षेत्र से हटने के बाद से हमास ने गाजा पट्टी पर नियंत्रण स्थापित कर लिया, जहां से वो इजराइल के खिलाफ रॉकेट दागते हैं। हमास के आतंकी, महिलाओं और बच्चों के बीच से रॉकेट हमला करते हैं और इजराइल की जवाबी कार्रवाई में बेगुनाह लोग मारे जाते हैं।
गाजा में हमास और इस्लामिक जिहाद सहित इजरायल और फिलिस्तीनी गुटों के बीच नियमित रूप से लड़ाई होती रहती है।
इजराइल ने रविवार को कहा है, कि रात भर में गाजा में कम से कम 10 टावरों को गिरा दिया गया है। इजराइल ने कहा है, कि हजारों इजरायली सैनिक गाजा पट्टी के आसपास जमीन पर ऑपरेशंस को अंजाम दे रहे हैं।
इजराइली डिफेंस फोर्स ने रविवार को कहा, कि वह अब गाजा पट्टी पर नियंत्रण करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, और वहां के नागरिकों से अपनी सुरक्षा के लिए सीमा के पास के आवासीय क्षेत्रों को तुरंत छोड़ने का आह्वान किया है। वहीं, इजरायली सैन्य अभियान हमास को निशाना बनाने के लिए लगातार जारी है।

लेकिन, ज्यादातर गाजावासियों के पास घिरे इलाके से भागने का कोई रास्ता नहीं है। मिस्र के साथ लगने वाली और नियंत्रित राफा क्रॉसिंग को छोड़कर, गाजा से बाहर जाने वाली सभी क्रॉसिंग बंद हैं।
75 साल के हानी अल-बावाब ने कहा, कि हवाई हमले के डर से वह और उनके चार लोगों का परिवार पूरी रात जागता रहता है। उनके घर से सटे टावर पर इज़राइल ने रात में हमला किया था, जिसकी वजह से उनका भी घर गिर गया और वो अपने परिवार के साथ बेघर हो गये।
अल-बावाब ने कहा, "मुझे नहीं पता, कि अब आगे क्या करना है।"
उन्होंने कहा, गाजा में फिलिस्तीनी "आतंक और भय" में जी रहे हैं, हर पल कोई ना कोई इमारत हमले में गिरती रहती है और लोग बेघर हो रहे हैं। लेकिन, उन्होंने कहा, कि "फिर भी मुझे इजराइल पर हमास के हमले का कोई अफसोस नहीं है, क्योंकि हर बार इजराइली सैनिक गाजा में दाखिल होते हैं, जबकि पहली बार हमास, इजराइली क्षेत्र में दाखिल हुआ है।"












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