हमास नेता इस्माइल हानिया हत्या से ठीक पहले नितिन गडकरी के साथ स्टेज पर दिखा था, आखिर क्या कर रहा था?
Ismail Haniyeh Nitin Gadkari: फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास ने बुधवार को कहा है, कि हमास के सबसे वरिष्ठ नेताओं में से एक इस्माइल हानिया की ईरान में हत्या कर दी गई है। इस हत्या के लिए उसने इजरायल पर आरोप लगाया है और "तनाव में गंभीर वृद्धि" बताया गया है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इस्लाइल हानिया की मौत की पुष्टि की है। लेकिन, इस्माइल हानिया ने मौत से कुछ समय पहले भारतीय केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ स्टेज शेयर की थी। आखिर वो नितिन गडकरी के साथ क्या कर रहा था?

दरअसल, इस्माइल हानिया ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के लिए ईरान पहुंचा था। मसूद पेजेशकियन ने शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले एक कार्यक्रम का आयोजन किया था, जिसमें कई वैश्विक नेताओं को आमंत्रित किया गया था और चूंकी भारत और ईरान के काफी अच्छे संबंध हैं, इसलिए भारत को भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था।
जिसमें भाग लेने के लिए मोदी सरकार के वरिष्ठ मंत्री नितिन गडकरी गये थे। भारत की कोशिश, ईरान के नये राष्ट्रपति के साथ भी उसी मजबूत संबंध को आगे बढ़ाना है, जैसे संबंद पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम राइसी के समय था, जिनकी मौत पिछले महीने हेलीकॉप्टर हादसे में हो गई थी।
नितिन गडकरी ने ईरानी अधिकारियों से क्या कहा?
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को ईरानी अधिकारियों को बताया, कि चाबहार बंदरगाह भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशिया से जुड़ने में मदद करेगा। नितिन गडकरी ने तेहरान की अपनी यात्रा के दौरान, ईरानी अधिकारियों से बातचीत की, जहां उन्होंने ईरान के नए राष्ट्रपति डॉ. मसूद पेजेशकियन के शपथ ग्रहण समारोह में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व किया।
गडकरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार की ओर से ईरानी पक्ष को भेजे बधाई संदेश में कहा, "हम निरंतर सहयोग और आपसी विकास की आशा करते हैं, और दोनों देशों की समृद्धि और विकास के लिए विभिन्न क्षेत्रों में भारत-ईरान संबंधों को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।"
नितिन गडकरी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर यात्रा की कई तस्वीरें भी साझा कीं।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने नितिन गडकरी के तेहरान में आधिकारिक कार्यक्रम खत्म होने के बाद बताया, कि "ईरान में मंत्री नितिन गडकरी की बातचीत के दौरान, दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की स्थिति का सकारात्मक मूल्यांकन किया, जिसमें चाबहार बंदरगाह के विकास पर सहयोग भी शामिल है। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया, कि चाबहार बंदरगाह द्विपक्षीय और क्षेत्रीय व्यापार को मजबूत करने में योगदान देगा। यह भूमि से घिरे अफगानिस्तान और मध्य एशियाई देशों को क्षेत्रीय और वैश्विक बाजारों तक पहुंच प्रदान करेगा।"
शपथ ग्रहण समारोह में कई मध्य एशियाई नेताओं के अलावा, काबुल में तालिबान प्रशासन के 'प्रधानमंत्री' के राजनीतिक उप-प्रमुख अब्दुल कबीर भी शामिल हुए थे।












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