इस्लामिक स्टेट ने किया है पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी हमला, 44 लोगों की मौत और 150 से ज्यादा घायल
Islamic State behind Pakistan blast: पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की पुलिस ने सोमवार को कहा है, कि प्रारंभिक जांच से पता चला है, कि एक कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी के राजनीतिक सम्मेलन में किए गये आत्मघाती हमले के पीछे इस्लामिक स्टेट का हाथ है।
खैबर पख्तूनख्वा की पुलिस ने कहा है, कि प्रतिबंधित आतंकवादी समूह इस्लामिक स्टेट (आईएस) का हाथ इस बम धमाके के पीछे है, जिसमें कम से कम 44 लोग मारे गए और 150 से अधिक घायल हो गए हैं। यह हमला रविवार को उस वक्त किया गया, जब कट्टरपंथी जमीयत उलेमा इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ) पार्टी के 500 से ज्यादा सदस्य, एक सम्मेलन में मौजूद थे।

इस्लामिक स्टेट ने किया पाकिस्तान में हमला
जमीयत उलेमा इस्लाम-फजल (जेयूआई-एफ), पाकिस्तान की एक कट्टरपंथी पार्टी है, जिसका शहबाज शरीफ की सरकार के साथ गठबंधन है। वहीं, जिस खार शहर में ये सम्मेलन चल रहा था, वो अफगानिस्तान की सीमा से लगती है और ये क्षेत्र रूढ़िवादी क्षेत्र है, जहां अलग अलग कट्टरपंथी और आतंकी संगठनों के लिए काफी समर्थन मौजूद है।
जियो न्यूज ने पुलिस अधिकारियों के हवाले से कहा है, कि "हम अभी भी बाजौर विस्फोट की जांच कर रहे हैं और जानकारी जुटा रहे हैं। प्रारंभिक जांच से पता चलता है, कि प्रतिबंधित संगठन दाएश (आईएस) इसमें शामिल था।"
पुलिस ने कहा, कि वे आत्मघाती हमलावर के बारे में जानकारियां जुटा रहे हैं, जबकि बम निरोधक दस्ते की टीम घटनास्थल से सबूत इकट्ठा कर रही है। जिला पुलिस अधिकारी नजीर खान ने कहा कि तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
प्रांतीय पुलिस प्रमुख अख्तर हयात खान ने कहा, कि विस्फोट को अंजाम देने के लिए आत्मघाती हमलावर ने 10 किलो विस्फोटक का इस्तेमाल किया था और उन्होंने कहा, कि हमलावर सम्मेलन की अग्रिम पंक्ति में बैठे उपस्थित लोगों में मौजूद था। स्थानीय पुलिस ने कहा, कि हमलावर ने सम्मेलन के मंच के पास विस्फोट किया था।
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जेयूआई-एफ डिस्ट्रिक्ट अमीर मौलाना अब्दुल रशीद जैसे ही मंच पर पहुंचे, तभी धमाका हो गया।
मृतकों में जेयूआई-एफ तहसील खार के प्रमुख मौलाना जियाउल्लाह जान, नवगाई तहसील महासचिव मौलाना हमीदुल्ला, जिला सूचना सचिव मुजाहिद खान और दर्जनों पार्टी कार्यकर्ता शामिल हैं।
खैबर पख्तूनख्वा (केपी) के कार्यवाहक स्वास्थ्य मंत्री रियाज अनवर ने रविवार रात कहा, कि हमले में 44 लोगों की जान चली गई है, जबकि 150 से ज्यादा घायल हो गए हैं।
बाजौर और आसपास के इलाकों के अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है, जहां ज्यादातर घायलों को ले जाया गया है। गंभीर रूप से घायलों को सैन्य हेलीकॉप्टरों के जरिए बाजौर से प्रांतीय राजधानी पेशावर के अस्पतालों में ले जाया गया है। बाजौर जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. फैसल कमाल ने कहा, कि 150 से ज्यादा घायल लोगों को बाजौर जिला मुख्यालय अस्पताल लाया गया है।
डॉन अखबार ने उनके हवाले से कहा, कि "35 से ज्यादा लोगों को तिमारगढ़ अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल 15 लोगों को पाकिस्तानी सेना के हेलीकॉप्टर के जरिए पेशावर भेजा गया है।"
बचावकर्मियों ने कहा है, कि मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि 15 लोगों की हालत गंभीर है।
प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ ने विस्फोट की कड़ी निंदा की और कसम खाई है, कि जिम्मेदार लोगों की पहचान की जाएगी और उन्हें दंडित किया जाएगा।
उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा, कि "पाकिस्तानी राष्ट्र, कानून प्रवर्तन एजेंसियां और हमारे संरक्षक, दुश्मन की ऐसी कायरतापूर्ण रणनीति को कभी सफल नहीं होने देंगे।"
शरीफ ने अपनी संवेदना व्यक्त करने के लिए जेयूआई-एफ प्रमुख मौलाना फजलुर रहमान से बात भी की है।
उन्होंने कहा, कि "हम आपके दुःख में बराबर के भागीदार हैं। अपराधियों को दंडित किया जाएगा और आतंकवाद को समाप्त करना पूरे देश की प्रतिबद्धता है।"
उन्होंने घटना की जांच के आदेश दिए हैं और निर्देश दिया, कि गंभीर रूप से घायल लोगों को हेलीकॉप्टर से अन्य अस्पतालों में ट्रांसफर किया जाए।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की और उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता देने पर जोर दिया है।












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