अगले कुछ महीने पाकिस्तान के लिए काफी खतरनाक, खुफिया रिपोर्ट के बाद इमरान सरकार में खलबली

अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता स्थापित होने के बाद अब पाकिस्तान के सुरक्षा अधिकारियों ने खुफिया रिपोर्ट में पाकिस्तान पर गंभीर खतरे का दावा किया है।

इस्लामाबाद, सितंबर 01: आतंकवाद अच्छा या बुरा नहीं होता है, आतंकवाद सिर्फ आतंकवाद होता है। जिसमें बेगुनाहों की जान जाती है और देश बर्बाद हो जाते हैं। लेकिन, अपनी नाकामयाब विदेश नीति और फेल सरकार को बचाने के लिए इमरान खान ने इस्लामिक कट्टरपंथियों को जमकर सराहा है। उन्होंने तालिबान को खुलकर समर्थन दिया है, लेकिन इमरान खान का तालिबान प्रेम पाकिस्तान की सेहत के लिए खतरनाक होने वाला है। पाकिस्तान के सुरक्षा अधिकारियों ने आशंका जताई है कि जिस तरह से पाकिस्तान ने तालिबान को समर्थन दिया है, उसका असर पाकिस्तान के ऊपर खौफनाक हो सकता है।

पाकिस्तान में बढ़ेगी हिंसक वारदातें

पाकिस्तान में बढ़ेगी हिंसक वारदातें

पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच पड़ोसी देश अफगानिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ रही है। पाकिस्तान के अधिकारियों का मानना है कि अमेरिकी फौज हटने के साथ ही तालिबान की सरकार का साइड इफेक्ट सबसे पहले पाकिस्तान पर पड़ेगा और देश की कट्टरपंथी ताकतें पाकिस्तान को अस्थिर कर सकती हैं। पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने कहा है कि तालिबान के काबुल पर कब्जे के बाद देश में मौजूद कई इस्लामिक संगठन फिर से एक्टिव हो गये हैं और आने वाले वक्त में पाकिस्तान में बड़े धमाके हो सकते हैं। पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक, अफगान तालिबान ने जिन पाकिस्तान तालिबान के आतंकियों को आजाद किया है, वो लगातार पाकिस्तान आ रहे हैं और वो पाकिस्तान में रहने वाले पश्तूनों के साथ मिलकर पाकिस्तान की शांति में आग लगा सकते हैं। पिछले हफ्ते ही पाकिस्तान तालिबान ने दो पाकिस्तानी सैनिकों की अफगान बॉर्डर पर गोली मारकर हत्या कर दी, जिसके बाद इमरान खान सरकार सकते में है।

पाकिस्तान में जिहादी हिंसा

पाकिस्तान में जिहादी हिंसा

आपको बता दें कि जिस तरह से अफगानिस्तान को इस्लामिक अमीरात बनाने के लिए तालिबान ने जिहाद छेड़ा था, ठीक वैसे ही तहरीक-ए-तालिबान, जिसे पाकिस्तान तालिबान भी कहते हैं, वो पाकिस्तान को इस्लामिक अमीरात बनाना चाहता है। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के अंदर शरीया कानून लागू करना चाहता है। लिहाजा तहरीक-ए-तालिबान को लेकर पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने गहरी चिंता जताई है। रिपोर्ट के मुकाबिक, अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तहरीक-ए-तालिबान के लड़ाकों ने पाकिस्तान में हिंसा फैलानी शुरू कर दी है। पाकिस्तानी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने सरकार को सतर्क रहने के लिए कहा है।

अगले कुछ महीने खतरनाक

अगले कुछ महीने खतरनाक

पाकिस्तान के सीनियर सुरक्षा अधिकारी ने पाकिस्तानी मीडिया को बयान दिया है कि ''अगले दो से तीन महीने काफी महत्वपूर्ण हैं"। उन्होंने कहा कि, ''इस्लामाबाद को अफगान-पाकिस्तान सीमा पर आतंकवादी हमलों में वृद्धि की आशंका है, क्योंकि तालिबान ने अफगान बलों और पश्चिमी देशों के अफगानिस्तान छोड़ने के बाद हजारों आतंकियों को जेल से रिहा कर दिया है, जो पाकिस्तान में घुसने की कोशिश में हैं।'' पाकिस्तान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि 'हमें तालिबान को इस तरह से मदद करनी होगी कि वो एक आर्मी का निर्माण कर सकें और अपनी जमीन से दूसरे आतंकी संगठनों को हटा सकें।' वहीं, अमेरिकी अधिकारियों ने बार-बार पाकिस्तान पर अफगान तालिबान का समर्थन करने का आरोप लगाया है, जिसने 1996 में सत्ता पर कब्जा करने से पहले 1990 के दशक के मध्य में गृह युद्ध लड़ा था। और पाकिस्तान ने उस वक्त भी तालिबान की सरकार को मान्यता दी थी।

टीटीपी से तालिबान ने छाड़ा पल्ला

टीटीपी से तालिबान ने छाड़ा पल्ला

वहीं, तालिबान ने पाकिस्तान को उस वक्त बड़ा झटका दिया है जब 2 दिन पहले अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह ने साफ तौर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में कह दिया है कि पाकिस्तान तालिबान को रोकने का काम अफगान तालिबान का नहीं है, पाकिस्तान के धार्मिक नेता पाकिस्तान तालिबान से बात करे। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबित, बाजौर जिला उन इलाकों में से आता है, जहां कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है और ना ही कोई सरकार है। ये इलाका पिछले कई सालों से आतंकियों के लिए शरणस्थली रही है। खासकर पाकिस्तान-तालिबान के आतंकी यहीं पर रहते हैं और अकसर पाकिस्तानी सैनिकों को निशाना बनाते रहते हैं और अब जब तालिबान ने 2300 से ज्यादा पाकिस्तान तालिबान के लड़ाकों को रिहा कर दिया है, तो उन आतंकियों ने एक बार फिर से अफगान-पाकिस्तान बॉर्डर पर उत्पात मचाना शुरू कर दिया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+