पाकिस्तान में आतंकियों से कनेक्ट रहने के लिए आईएसआईएस प्रयोग कर रहा है मैसेंजर एप
पाकिस्तान पुलिस का दावा, एजेंसियों को चकमा देने के लिए पाकिस्तान में आईएसआईएस कर रहा है मैसेजेंर एप का प्रयोग और आपस में कनेक्ट रहते हैं आतंकवादी।
इस्लामाबाद। पाकिस्तान में खतरनाक आतंकी संगठन आईएसआईएस के आतंकवादी सिक्योरिटी आफिसर्स और एजेंसियों को चकमा देने और पकड़ से बचने के लिए आपसी बातचीत में मैसेंजर ऐप का प्रयोग करने लगे हैं।

पाक में हो रहा टेलीग्राम मैसेंजर का प्रयोग
पाकिस्तान पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आईएसआईएस आतंकी मोबाइल फोन जैसे ट्रेडीशनल कम्यूनिकेशन चैनलों के बजाय 'टेलीग्राम मैसेंजर ऐप' का प्रयोग कर रहे हैं और अब तक उनकी यह रणनीति सफल साबित हुई है। एप कम्यूनिकेशन के लिहाज से आतंकवादियों के लिए फायदेमंद साबित हुआ है और इसकी सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे अपने आप खत्म कर दिया जा सकता है। एक पुलिस की ओर से बताया गया कि आतंकवादी के जरिए जुबानी पैगाम भेजने का तरीका छोड़ दें तो यह एप कम्यूनिकेशन का एकमात्र तरीका है। इस पुलिस अधिकारी की मानें तो पुलिस और सिक्योरिटी फोर्स के पास अभी ऐसी कोई टेक्नोलॉजी नहीं है कि इस एप के कम्यूनिकेशन को बीच में सुना जा सके।
मैगजीन से लेकर न्यूज चैनल तक
आईएसआईएस ने वर्ष 2014 में जैसे-जैसे अपनी गतिविधियों को बढ़ाना शुरू किया वैसे-वैसे उसने कई भाषाओं में अपना पब्लिकेशन और जानकारी को ब्रॉडकास्ट करना शुरू किया। इसके जरिए आईएसआईएस दुनियाभर में अपनी पहुंच को मजबूत करना चाहता था।आईएसआईएस ने करीब तीन बिलियन डॉलर का बजट अपनी मीडिया एक्टिविटीज के लिए रखा है। आईएसआईएस के पास सात मीडिया आउटलेट्स हैं जिनके जरिए लोगों को चरमपंथी धारा की ओर मोड़ने की कोशिशें की जाती हैं।
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