इराक ही नहीं, फ्रांस ब्रिटेन में भी हैं आईएसआईएस के आतंकी
इराक में आईएसआईएस के बढ़ते आतंक ने सारे देशों के प्रमुख को चिंताग्रस्त कर दिया है। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड लीवेंट के तीन हजार से ज्यादा आतंकवादियों ने इराक के कई शहरों पर कब्जा कर लिया है। जिनमें से मोसूल और तिरकित प्रमुख हैं। और यह आतंकी कारवां धीरे धीरे इराक के कई इलाकों में अपनी पैठ जमा रहा है।
इराक के चार शहरों में कब्जा करने वाले इन आतंकियों की संख्या करीब 30 हजार बतायी जा रही है। इन सबमें इतनी ताकत है कि इराक सेना को धता बाते हुए बगदाद के उत्तर में बैजा में सबसे बड़ी तेल रिफाइनरी पर कब्जा कर लिया है। इससे भी बड़ी बात यह है कि इस संगठन की शाखाएं फ्रांस, ब्रिटेन और अमेरिका में भी हैं, जहां कुल मिलाकर करीब 10 हजार आतंकी अपना नेटवर्क बिछा रहे हैं।
क्या है आईएसआईएस?
आईएसआईएस एक जेहादी संगठन है, जो इराक और सीरिया में मजबूत रूप से सक्रिय है। यह इराक में आतंकी संगठन अलकायदा का सहयोगी है। आईएसआईएस में बड़ी तादाद में विदेशी लड़ाके भी शामिल हैं। वहीं, इसका मुख्य उद्देश्य इराक और सीरिया के सुन्नी इलाकों को इस्लामिक स्टेट बनाना है।
इराक में हमला कर यह संगठन अंतर्राष्ट्रीय सुर्खियों का हिस्सा बन गया है। और अल कायदा और तालिबान की तरह ही सबसे खतरनाक आतंकी संगठन बन कर उभर रहा है। इन आतंकियों की दरिंदगी का अनुमान आप इसी से लगा सकते हैं कि प्रत्येक नरसंहार के बाद ये केक काटकर जश्न मनाते हैं।
आईएसआईएस के मुख्य बिन्दु:

काबिज किया है मजबूत गढ़
इसने लीवेंट, लेबनान, इजरायल, जार्डन और दक्षिणी तुर्की के सीमा रेखा के निकट अपना मजबूत गढ़ काबिज किया हुआ है।

आईएसआईएस का मुख्य लक्ष्य
आईएसआईएस का मुख्य लक्ष्य इराक और सीरिया के सुन्नी बहुल इलाकों में एक मुख़ालिफत पैदा करने की है।

2004 से हुआ आग़ाज
आईएसआईएस 2004 में अस्तित्व में आया था, और तब से यह कई बार अपने नाम में बदलाव ला चुका है। जैसे की अल कायदा इन इराक से हिल्फ अल मुतायब्बीन, और इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक से इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड अल-शाम।

अलकायदा ने तोड़े संबंध
फरवरी 2014 में अलकायदा के नेता अयमान अल जवाहिरी ने आईएसआईएस के साथ सारे संबंध तोड़ लिया था।

कहां से होती है करोड़ों की कमाई
आईएसआईएस की कमाई का मुख्य जरिया प्राचीन चीजों का, तेल और गैर-कानूनी रैक्ट्स की तस्करी करना है।

दस हजार से ज्यादा विद्रोही हैं मौजूद
आईएसआईएस के पास ब्रिटेन, अमेरिका, फ्रांस सहित अरब देशों के दस हजार से ज्यादा सैन्य बल और विद्रोही मौजूद हैं।

भारत पर भी चाहता है कब्जा
मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका में अपने गढ़ को बनाए रखने के अलावा, आईएसआईएस एक इस्लामी विश्व डोमिनियन पैदा करना चाहता है। जिसका भारत भी एक हिस्सा है। गुजरात उनके डिजाइन का एक हिस्सा है।

अबु बकर अल बगदादी है आका
अबु बकर अल बगदादी आईएसआईएस के प्रमुख नेताओं में से एक नाम है। जो कभी अपनी पहचान जाहिर नहीं करता।












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