10 साल के ‘अमरीकी’ किशोर को आईएस कर रहा तैयार

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तथाकथित इस्लामिक स्टेट (IS) ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें उनके कब्ज़े वाले सीरिया के रक़्क़ा में एक अंग्रेज़ी बोलने वाले कथित अमरीकी किशोर को दिखाया गया है.

10 वर्षीय किशोर ने ख़ुद का नाम यूसुफ़ बताया और वह दो साल पहले अपनी मां के साथ आईएस के इलाक़े में आए थे.

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किशोर ने दावा किया है कि "मेरे पिता अमेरिकी सैनिक हैं और उन्होंने इराक़ में मुजाहिदीन के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ी थी." वहीं, वीडियो का अरबी अनुवाद बताता है कि किशोर के पिता अमरीकी सैनिक थे.

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अरबी भी बोलता है किशोर

यूसुफ़ का कहना है, "मैं इस्लाम के नाम के अलावा पहले कुछ नहीं जानता था. जब मैं अपनी मां के साथ इस्लामिक स्टेट में आया तो हमने सही इस्लाम धर्म के बारे में सीखा."

किशोर की असली पहचान साफ़ नहीं हो पाई है क्योंकि वह बहुत अच्छे उच्चारण के साथ अरबी भी बोलते हैं.

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आईएस शासन में अपने जीवन की यूसुफ़ तारीफ़ करते हैं और इराक़ के सिंजर शहर के 7 वर्षीय लड़के अब्दल्ला के साथ अपनी दोस्ती के बारे में भी बताते हैं. अब्दल्ला बताता है कि सिंजर को 'मुक्त' करने के बाद आईएस उन्हें यहा लाया.

माना जा रहा है कि अब्दल्ला अल्पसंख्यक समूह यज़ीदी से संबंध रखते हैं. गौरतलब है कि आईएस ने यज़ीदी समूह के लोगों को मारा था और उन्हें ग़ुलाम बनाया था. दोनों लड़के आईएस के समर्थन में बोलते हैं.

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ट्रंप को चेतावनी

तहस-नहस हो चुकी इमारतों और उनके मलबे के आस-पास घूमते हुए यूसुफ़ रक़्क़ा में तबाही के बारे में बात करते हैं. वह कहते हैं कि इससे नागरिकों पर प्रभाव पड़ा और जिसके परिणामस्वरूप अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन के सैन्य अभियान की शुरुआत हुई.

इस वीडियो के साथ एक इन्फ़ोग्राफ़िक भी है जिसमें यह दावा किया गया है कि रक़्क़ा में जब से सैन्य अभियान शुरू हुआ है तब से दो महीने में 1000 नागरिकों की मौत हुई है और 2000 लोग घायल हुए हैं. दावा किया गया है कि इससे 70 फ़ीसदी इमारतें छतिग्रस्त हो गई हैं.

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वह अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को संबोधित करते हुए एक संदेश भी देते हैं, "यहूदियों की कठपुतली ट्रंप को मेरा संदेश. अल्लाह ने तुम्हारी हार और हमारी जीत का वादा किया है. यह लड़ाई रक़्क़ा या मोसुल में ख़त्म नहीं होने वाली है. यह तुम्हारी ज़मीन पर ख़त्म होगी. तो तैयार रहो लड़ाई अभी बस शुरू हुई है."

वीडियो के आख़िर में यूसुफ़ सैनिक वर्दी में हैं और एक बंदूक ली हुई है. लड़ाके कैसे हथियार इस्तेमाल करते हैं उन्हें यह सिखाया जा रहा है.

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'क़यामत तक रहेगा आईएस'

अरबी में वह बोलते हैं, "क्या तुम्हें लगता है कि हम सब छोड़ने वाले हैं? क्या तुम सोचते हो कि हम ख़त्म होने वाले हैं? कभी नहीं, हम क़यामत तक रहेंगे."

यह वीडियो आईएस द्वारा बच्चों के शोषण की नई कहानी है जो बताता है कि वह कैसे अगली पीढ़ी के जिहादी तैयार कर रहा है.

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आईएस आत्मघाती हमलों के लिए बच्चों का इस्तेमाल कर चुका है और वह इसका प्रचार-प्रसार करता रहा है. यह हालिया वीडियो उनके प्रचार की चौथी किस्त है. वह हाल ही में 'द फरटाइल नेशन' नाम से सीरीज़ चला रहा है जिसमें यह वीडियो 23 अगस्त को जारी किया गया था.

इस सीरीज़ का पहला एपिसोड जुलाई में जारी हुआ था जिसमें ऑस्ट्रेलियाई डॉक्टर 'अबु-यूसुफ़-अल-ऑस्ट्राली' के बारे मे बताया गया था.

( बीबीसी मॉनिटरिंग दुनिया भर के टीवी, रेडियो, वेब और प्रिंट माध्यमों में प्रकाशित होने वाली ख़बरों पर रिपोर्टिंग और विश्लेषण करता है. आप बीबीसी मॉनिटरिंग की ख़बरें ट्विटर और फेसबुक पर भी पढ़ सकते हैं.)

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