तालिबान को इस खूंखार आतंकी संगठन से लगता है डर! कहा, इन दहशतगर्दों ने फैलाया 'आतंक'
तालिबान का दावा है कि, ये सारे हमले इस्लामिक स्टेट इन खुरासान प्रांत (ISKP) और इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड द लेवेंट (ISIL/Da'esh) ने किए हैं। इन हमलों में दर्जनों लोग मारे गए और घायल हुए थे।
काबुल, 29 जुलाई : अफगानिस्तान में मानवाधिकार का घोर उल्लंघन हो रहा है। यह सब तालिबान कर रहा है। यूएनएचआरसी की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान शासन की डर सर अब तक 27 लाख लोग देश छोड़कर भाग गए हैं। अफगानिस्तान जैसे देश से 27 लाख लोगों का रिफ्यूजी बन जाना छोट-मोटी बात नहीं है। तालिबान की क्रूरता की वजह से लोग पलायन कर रहे हैं,महिलाएं, लड़कियां आत्महत्या कर रही हैं। लेकिन तालिबान कहता है कि, देश में अशांति फैलाने में खूंखार आतंकी संगठन आईसआईएस (ISIS) का हाथ है।

आईएसआईएस से डर गया तालिबान!
देश के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने स्वीकार किया कि पिछले साल 1,800 आईएसआईएस आतंकवादियों को रिहा किया गया था और दावा किया जा रहा था कि, इन आतंकियों को वश में कर लिया गया है, लेकिन इसके विपरीत, आईएसआईएस आतंकी ने हाल ही में देश के मस्जिदों, स्कूलों और वाहनों पर घातक हमले किए हैं। आईएसआईस ने इन घातक हमलों की जिम्मेदारी भी ली है।

देश में आतंक फैला रहा आईएसआईएस
कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने बताया कि आईएसआईएस के कैदी पिछले 11 महिलों से देश में अशांति फैला रहे हैं। खामा प्रेस के मुताबिक, ताशकंद अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए, तालिबान के कार्यवाहक विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने बताया कि जब तालिबान ने अफगान राजधानी काबुल पर कब्जा कर लिया, तो बगराम और पुल-ए-चरखी जेलों से 1,800 आईएसआईएस आतंकवादियों को रिहा कर दिया गया।

आईएसआईएस से तालिबान की कड़ी टक्कर
अपने संबोधन के दौरान, विदेश मंत्री मुत्ताकी ने आईएसआईएस कैदियों की रिहाई की पुष्टि की और कहा कि तालिबान अपने प्रशासन के पिछले 11 महीनों के दौरान आईएसआईएस लड़ाकों को वश में करने के लिए काफी मजबूत हो गया है।

अफगानिस्तान में आतंकी हमले
खामा ने कार्यवाहक मंत्री के हवाले से कहा कि पिछला अफगान प्रशासन आईएसआईएस आतंकियों को उत्तरी अफगानिस्तान के जवज्जान प्रांत में तालिबान द्वारा घेर लिए जाने के बाद काबुल ले गया था। इसके कुछ समय बाद यानी की 21 अप्रैल, 2022 को अफगानिस्तान में आतंकवादी हमलों का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें मजार-ए-शरीफ में सेह डोकन मस्जिद पर हमला और कुंदुज में एक अलग हमला शामिल है।

आतंक फैलाने में इन संगठनों का हाथ
तालिबान का दावा है कि, ये सारे हमले इस्लामिक स्टेट इन खुरासान प्रांत (ISKP) और इस्लामिक स्टेट इन इराक एंड द लेवेंट (ISIL/Da'esh) ने किए हैं। इन हमलों में दर्जनों लोग मारे गए और घायल हुए। इन आतंकी हमलों के बाद अफगानिस्तान से अल्पसंख्यक समुदायों, अफगान नागरिक पलायन कर गए।












Click it and Unblock the Notifications