ताइवान में भी युद्ध की आहट ? बड़े पैमाने पर ब्लैकआउट की खबर
ताइपे, 3 मार्च: ताइवान के कई इलाकों में गुरुवार को ब्लैकआउट की सूचना मिल रही है। वैसे ताइवान के राष्ट्रपति के कार्यालय की ओर से गुरुवार को बताया गया है कि एक पॉवर प्लांट में एक घटना हुई है, जिसके चलते यह समस्या पैदा हुई है। सूचना के मुताबिक ब्लैकआउट की स्थिति स्थानीय समय सुबह 9 बजे से पूरे द्वीप पर देखने को मिली, जिसमें राजधानी ताइपे से लेकर सेंट्रल ताइचुंग सिटी और दक्षिणी पिंगटुंग काउंटी तक शामिल हैं। गौरतलब है कि यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से यह आशंका जताई जा रही है कि अब चीन कभी भी ताइवान के साथ उसी तरह का बर्ताव कर सकता है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस आशंका की ओर आगाह किया है।

साई-पोम्पियो मुलाकात से पहले ताइवान में बत्ती गुल!
न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक ताइवान में बिजली संकट ठीक उस समय पैदा हुई है, जब राष्ट्रपति साई इंग वेन से पूर्व अमेरिकी विदेश सचिव माइक पोम्पियो की मुलाकात होने वाली थी। वे उस अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल के दौरे के एक दिन बाद ताइवान की यात्रा पर आए हैं, जिनके दौरे का चीन ने विरोध किया है। क्योंकि, ताइवान को चीन अपना क्षेत्र मानता है और इस आइलैंड नेशन के साथ दूसरे किसी भी देश के द्विपक्षीय संबंधों पर बवाल काटता रहता है। वैसे फिलहाल ताइवान के राष्ट्रपति के कार्यालय की ओर से बिजली संकट के लिए दक्षिणी काओहसियुंग सिटी में एक पॉवर प्लांट में 'एक घटना' को कारण बताया जा रहा है।

दोनों नेताओं की मीटिंग की लाइव स्ट्रींमिंग रद्द करनी पड़ी
इस ब्लैकाउट के दौरान राष्ट्रपति के दफ्तर में तो बिजली की सप्लाई सामान्य रही, लेकिन गौर करने वाली बात है कि इसके चलते साई और पोम्पियो की मुलाकात की होने वाली लाइव स्ट्रीमिंग रद्द कर देनी पड़ी! राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है, 'राष्ट्रपति साई ने कैबिनेट और संबंधित एजेंसियों से घटना के कारण को स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं.....और पॉवर सप्लाई जल्द से जल्द शुरू करने को कहा है।' सरकारी पॉवर कंपनी ताइपॉवर ने कहा है कि काओहसियुंग के हसिंता पॉवर प्लांट में एक गड़बड़ी हुई थी, जो कि ताइवान का तीसरा सबसे बड़ा कोयला से संचालित पॉवर स्टेशन है। यहां से ताइवान की कुल बिजली सप्लाई के सातवें हिस्से की आपूर्ति की जाती है।

55 लाख घरों में बिजली आपूर्ति ठप हुई
कंपनी के मुताबिक इस ब्लैकआउट की वजह से ताइवान के करीब 55 लाख घरों में बिजली की आपूर्ति ठप हो गई। हालांकि, दावा किया गया है कि करीब 40 लाख घरों में अबतक तक बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है। टीवी फुटेज से पता चलता है कि बिजली गुल होने की वजह से पुलिस वालों को ट्रैफिक लाइट नहीं रहने की वजह से खुद से संचालित करना पड़ रहा है और कई दुकानें बिजली नहीं रहने की वजह से बंद कर देनी पड़ गईं। ताइवान हाई स्पीड रेल ने कहा है कि उसकी कई ट्रेनें इसकी वजह से प्रभावित हुई हैं। ताइवान रेलवे एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक उसकी कई ट्रेनें या तो विलंब से चल रही हैं या रद्द कर देनी पड़ी हैं।

आमतौर पर गर्मियों में झेलता है बिजली संकट
वैसे यह आइलैंड पहले भी बड़ा बिजली संकट झेल चुका है, खासकर गर्मी के दिनों में जब खपत बढ़ती है तो इसकी समस्या पैदा होने लगती हैं। 2017 में तो वहां के अर्थव्यवस्था मंत्री को इसलिए इस्तीफा देना पड़ा था, क्योंकि 60 लाख से ज्यादा घरों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी। पिछले साल मई में हीटवेव के दौरान भी वहां ब्लैकआउट की समस्या देखने को मिली थी। (पहली तस्वीर के अलावा-सभी फाइल)












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