Stock Market Crash: आर्थिक मंदी की तरफ बढ़ रहा अमेरिका? सिर्फ आहट से बाजार में तबाही, जानिए अनुमान
Stock Market Crash: संयुक्त राज्य अमेरिका में बेरोजगारी दर में अप्रत्याशित वृद्धि ने दुनिया भर की बाजारों में हलचल मचा दी है और अर्थशास्त्रियों को इस बात पर विभाजित कर दिया है, कि क्या अमेरिका आर्थिक संकट की तरफ बढ़ रहा है या नहीं?
शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में जुलाई महीने में बेरोजगारी दर लगभग तीन साल के उच्चतम स्तर 4.3 प्रतिशत पर पहुंच गई है। यह वृद्धि - जून में 4.1 प्रतिशत से और पिछले साल अप्रैल में पांच दशक के निचले स्तर 3.4 प्रतिशत से ज्यादा है और सितंबर में अगली फेडरल रिजर्व बैठक में ब्याज दरों में कटौती के लिए पहले से कहीं ज्यादा मजबूत मंच तैयार करती है।

लिहाजा सवाल उठ रहे हैं, कि क्या अमेरिका के लिए स्थिति संभालने में देरी हो गई है?
अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, पीटरसन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इकोनॉमिक्स के नॉनरेजिडेंट सीनियर फेलो गैरी क्लाइड हफबॉयर ने कहा, कि बेरोजगारी दर में उछाल "2025 में मंदी की ओर इशारा करता है।"
उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि (यूएस) फेड सितंबर में नीतिगत दर में कटौती शुरू कर देगा और बाद की बैठकों में भी कटौती जारी रखेगा। यह प्रतिक्रिया संभवतः उथली मंदी सुनिश्चित करेगी।"
इक्विटी बाजारों ने भी मंदी के डर से प्रतिक्रिया दिखानी शुरू कर दी है। शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में डॉव जोन्स औसत 700 अंक से ज्यादा लगभग 2 प्रतिशत गिर गया, और व्यापक एसएंडपी 500 में 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, वॉल स्ट्रीट बैंकों ने अब तक की अपेक्षा से बड़ी और ज्यादा दर कटौती की मांग की है।
गोल्डमैन सैक्स और सिटीग्रुप के अर्थशास्त्रियों ने सितंबर और नवंबर में ब्याज दरों में आधे अंकों की कटौती और दिसंबर में चौथाई अंकों की कटौती की उम्मीद जताई है।
यह सब एक हफ्ते के कमजोर आंकड़ों के बाद हुआ है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मंदी और रोजगार के प्रति नकारात्मक सेंटिमेंट शामिल हैं, जो आर्थिक गिरावट की ओर इशारा करता है।
क्या ये अमेरिका के आर्थिक मंदी में फंसने का इशारा है?
क्या अमेरिका आर्थिक संकट में फंसने की दिशा में बढ़ रहा है, हर अर्थशास्त्री इस बात से सहमत नहीं हैं।
ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स की प्रमुख अर्थशास्त्री नैन्सी वैंडेन हाउटन ने अल जजीरा की रिपोर्ट में कहा है, कि "हमें मंदी की आशंका नहीं है, भले ही शेयर बाजार आज मंदी की आशंका जता रहा हो।"
वैंडेन हाउटन ने कहा, "नौकरियों की रिपोर्ट निश्चित रूप से ज्यादातर अर्थशास्त्रियों की उम्मीदों से कमजोर है और हम लेबर मार्केट में नरमी के संकेतों को नकार नहीं रहे हैं, लेकिन सतह के नीचे कुछ चीजे चल रही हैं, जिन्हें डेटा को देखते समय ध्यान में रखना होगा।"
हालांकि, नौकरियों में अस्थायी छंटनी या काम न करने का दावा करने वाले लोगों की संख्या में बड़ी उछाल आई है, पिछले महीने तूफान बेरिल की वजह से टेक्सास में काम में मंदी देखी गई है।
मूडीज एनालिटिक्स के असिस्टेंट डायरेक्टर मैट कोलियर ने कहा, "खराब मौसम के कारण जुलाई में काम न करने की रिपोर्ट करने वाले लोगों की संख्या सितंबर 2017 के बाद से किसी भी गैर-सर्दियों के महीने की तुलना में ज्यादा थी, जब तूफान हार्वे, इरमा और मारिया के प्रभाव दक्षिण-पूर्वी अमेरिका को प्रभावित कर रहे थे।"
उन्होंने कहा, कि "यह सिर्फ सबूत है कि संघीय रिजर्व जो करना चाहता था - अर्थव्यवस्था को धीमा करना, नौकरियों को धीमा करना ताकि लोग नौकरी न बदलें और 8-10 प्रतिशत की उच्च वृद्धि प्राप्त करें - वो हो रहा है। यह मंदी का संकेत नहीं है।"
अभी सभी की नजरें जॉब मार्केट और अमेरिकी अर्थव्यवस्था की स्पष्ट तस्वीर के लिए अगले महीने की जॉब रिपोर्ट पर टिकी हैं। एनालिस्ट का मानना है, कि तब तक, ज़मीनी स्तर पर चीजों का अंदाजा लगाने के लिए साप्ताहिक बेरोजगारी दावों पर नजर रखी जाएगी।
लेकिन, जो स्थिति बनी है, वो निश्चित तौर पर 5 नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव पर असर डालेगा।
शुक्रवार को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव अभियान टीम ने कहा, कि नौकरियों की रिपोर्ट "इस बात का और सबूत है, कि बाइडेन-हैरिस अर्थव्यवस्था अमेरिकियों को फेल कर रही है।"
एनालिस्ट का मानना है, कि अर्थव्यवस्था में कोई भी कमजोरी मौजूदा राष्ट्रपति के खिलाफ जाएगी। भले ही राष्ट्रपति जो बाइडेन अब रेस में नहीं हैं, लेकिन उपराष्ट्रपति कमला हैरिस टीम बाइडेन का हिस्सा हैं और यह उन पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।












Click it and Unblock the Notifications