डोनाल्ड ट्रंप की वजह से जैक मा को तबाह करने पर लगे हैं शी जिनपिंग? जानिए अरबपति के पतन की कहानी
क्या डोनाल्ड ट्रंप की वजह से शी जिनपिंग ने मशहूर कारोबारी जैक मा को बर्बाद करने की ठान ली है। जानिए चायनीज अरबपति की पतन की पूरी कहानी।
वॉशिंगटन, नवंबर 05: एक साल पहले तक चीन के अरबपति कारोबारी जैक मा के सितारे बुलंद थे और उनकी कंपनी आसमान की ऊंचाईयों को छू रही थी। पिछले साल जैक मा की कंपनी एंट ग्रुप पब्लिक निवेश के जरिए 37 अरब डॉलर जुटाने के वादे के साथ बाजार में जाने वाले थे, कि पहली बार चीन की सरकार की तरह से उनकी कंपनी के ऊपर पहला वार किया गया और उसके बाद से चीन की सरकार ने जैक मा के साम्राज्य को ढाहना शुरू कर दिया। शी जिनपिंग ने जैक मा के उड़ान भरने वाले पंखों को काट दिया। लेकिन, अचानक ऐसा क्या हुआ, कि जैक मा, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आंखों की किरकिरी बन गये और उनके साम्राज्य की एक एक कील को उखाड़ने की कोशिश शी जिनपिंग कर रहे हैं?

आकाश से क्यों धकेले गये जैक मा?
चीन का ये मशहूर कारोबारी पिछले हफ्ते यूरोप के दौरे पर थे और बागवानी करते हुए देखे गये और माना गया कि पौधारोपण के जरिए जैक मा एक बार फिर से अपने निवेशकों में उत्साह का संचार कर रहे हैं और अलीबाबा ग्रुप को फिर से अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए यूरोप के छोटे से दौरे पर आए हैं। अमूमन जैक मा राजनेताओं से काफी दूरी बनाकर रखते आए हैं, लेकिन 2017 में जैक मां अमेरिका में स्थिति ट्रंप टॉवर में थे, जहां वो एक उद्घाटन समारोह में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ शिरकत कर रहे थे। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव का शोर धीरे-धीरे शुरू हो रहा था और उस वक्त न्यूयॉर्क में उन्होंने अमेरिका के लोगों के लिए 10 लाख नई नौकरियां पैदा करने का वादा कर दिया, बस यहीं से जैक मा के पतन की कहानी शुरू हो गई।

हिल गई शी जिनपिंग की सरकार!
अंतर्राष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि, डोनाल्ड ट्रंप और जैक मा के बीच हुई हाई-प्रोफाइल आउटिंग ने चीन की सरकार को हिलाकर रख दिया। ऐसी रिपोर्ट है कि, शी जिनपिंग और चीन की सरकार को मीडिया के जरिए पता चला था कि जैक मा ने डोनाल्ड ट्रंप के साथ न्यूयॉर्क के ट्रंप टावर में ना सिर्फ मुलाकात की है, बल्कि पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में 10 लाख अमेरिकी नौकरी पैदा करने की बात भी कह दी। इस मामले से जानकारी रखने वाले चार सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है। इन चार लोगों ने तीन लोग अलीबाबा ग्रुप के शीर्ष स्थान पर हैं, जबकि एक शख्स शी जिनपिंग की सरकार में शामिल हैं।

जैक मा से नाराज हुए शी जिनपिंग
इस मामले को जानने वाले चार बड़े सूत्रों में से दो सूत्रों ने कहा कि, डोनाल्ड ट्रंप और जैक मा की मुलाकात के बाद चीन की सरकार भारी नाराज हो गई और अलीबाबा ग्रुप और चीन की सरकार के बीच कड़ी बनाने वाली टीम को चीन की सरकार के अधिकारियों ने बताया कि, बिना इजाजत लिए डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के बाद चीन की सरकार काफी नाखुश है। हालांकि, जैक मा के चैरिटेबल ट्रस्ट ने इस बाबत किसी भी सवाल का जवाब देने से मना कर दिया। वहीं, चीन सरकार की 'राज्य परिषद सूचना कार्यालय' और चीन की विदेश मंत्रालय ने भी इस बाबत किसी भी तरह के सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। वहीं, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी सूत्रों ने नाम बताने से इनकार कर दिया।

चीन पर नाराज थे डोनाल्ड ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप और जैक के बीच ये बैठक 9 जनवरी को उस वक्त हुई थी, जब चीन और अमेरिका के बीच तनावपूर्ण हालात थे और डोनाल्ड ट्रंप लगातार चीन की आलोचना कर रहे थे और चीन के लोगों को अमेरिकी नौकरियों को कम होने का जिम्मेदार ठहराया था। वहीं, डोनाल्ड ट्रंप के भी एक प्रवक्ता ने इस मुद्दे पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। अलीबाबा के करीबी चार लोगों ने कहा कि, उनका मानना है कि बैठक मा और बीजिंग के बीच संबंधों में एक नकारात्मक मोड़ दे दी। हालांकि, उन्होंने अपनी सोच के बारे में विस्तार से नहीं बताया। जैक मा इस साल कई महीने तक गायब रहे थे और करीब 4 महीने के बाद सार्वजनिक तौर पर देखे गये थे। वहीं ऐसा कहा जा रहा है कि, अलीबाबा में निवेश करने वाले निवेशक भी जैक मा के बारे में पता लगाने के लिए बेचैन रहे हैं और जब पिछले महीने जब जैक मा स्पेन के एख द्वीप पर विदेशी दौरे के दौरान दिखे, तो उनकी कंपनी के शेयर्स अचानक बढ़ने लगे और उन्हें 42 अरब डॉलर का लाभ हुआ था।

तीसरी बार राष्ट्रपति बनेंगे शी जिनपिंग!
जैक मा को चीन की सरकार आधिकारिक तौर पर गिरा रही है, ये बात अब सार्वजनिक तौर पर तय हो चुका है और शी जिनपिंग के शासनकाल में चीन काफी ज्यादा बदल चुका है। वहीं, करीब-करीब यह भी तय है कि, शी जिनपिंग लगातार तीसरी बार चीन के राष्ट्रपति चुने जाएंगे और देश की अर्थव्यवस्था से लेकर देश की कंपनियों पर उनका प्रभाव और भी ज्यादा बढ़ जाएगा, ऐसे में बहुत साधारण सी बात है, कि जैक मा और उनकी कंपनी शी जिनपिंग के हिट-लिस्ट में सबसे पहले नंबर पर होगी।

जैक मा की कंपनी पर सरकारी हथौड़ा
शी जिनपिंग की कंपनी पर पहली बार सरकारी हथौड़ा पिछले साल अक्टूबर महीने में पड़ी थी, जब शंघाई में उनकी कंपनी पर आरोप लगाया कि, एक नये समझौते के बारे में जानकारी सरकार को नहीं दी गई सरकार के अधिकारियों ने कंपनी पर भारी-भरकम जुर्माना ठोक दिया। 5 नवंबर 2020 को जैक मा को दूसरा झटका उस वक्त दिया गया, जब चीन की सरकार की तरफ से उनकी फर्म एंट ग्रप की फिनटेक फर्म की 37 अरब डॉलर की लिस्टिंग को रद्द कर दिया गया। उसके साथ ही चीन की सरकार ने आदेश दिए कि, जैक मा की कंपनी एंट ग्रुप के खिलाफ 'एंटीट्रस्ट' नियमों के आधार पर नये सिरे से जांच शुरू की जाए। इसके बाद एक बार फिर से अप्रैल 2021 में एंट ग्रुप पर 2.75 अरब डॉलर का जुर्माना ठोक दिया गया। ये खबर अब दुनियाभर की कंपनियों के बीच फैल गई थी और जैक मा की कंपनियों के खिलाफ टेक्नोलॉजी, रियल स्टेट, गेमिंग, शिक्षा, क्रिप्टोकरेंसी और वित्त कंपनियों पर निगरानी रखने वाले अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी।

कंपनी संभालने के लिए जैक मा की कोशिश
एक तरफ चीन की सरकार की दर्जन भर से ज्यादा एजेसियां लगातार जैक मा की कंपनियों के एक एक कागजात को खंगाल रही है तो दूसरी तरफ जैक मा अपने साम्राज्य को बचाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं। डंकन क्लार्क, बीजिंग स्थित निवेश सलाहकार फर्म बीडीए चीन के अध्यक्ष और जिन्होंने अलीबाबा और जैक मा पर एक किताब लिखी है, उनका कहना है कि, "जैक लगातार अलग अलग देशों के राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों, निवेशक, रॉयल्टी, दावोस जैसी जगहों पर मशहूर हस्तियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने और अपने साम्राज्य को बचाने की कोशिश कर रहे हैं और अभी भी उनकी पकड़ मजबूत नजर आ रही है''। उन्होंने कहा कि, ट्रंप से मुलाकात के बाद भी जैक मा की वैश्विक मंचों पर पहुंच खत्म नहीं हुई है। अलीबाबा के समाचार पोर्टल अलीजिला और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 2018 और 2020 के बीच जैक मा ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस, जॉर्डन की रानी रानिया, मलेशिया के दिग्गज राजनेता महाथिर मोहम्मद और तत्कालीन बेल्जियम के प्रमुख चार्ल्स मिशेल सहित कई हाई-प्रोफाइल हस्तियों के साथ मुलाकात और बातचीत की है।

संबंध सुधारने की कोशिश में जैक मा
एक वक्त था, जब जैक मा किसी विदेशी मेहमान से चीन में या चीन के बाहर मिलते थे, तो उस मुलाकात को एक तरह का चीन की डिप्लोमेटिक मुलाकात के तौर पर माना जाता था, लेकिन चीन के सबसे सफल और प्रभावशाली व्यवसायियों में से एक जैक मा का जीवन कैसे बदल गया है, ये अब आसानी से समझा जा सकता है। जैक मा ने शी जिनपिंग के कम से कम दो करीबियों से संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। जैक मा ने इसके बाद, इस साल की शुरुआत में सीधे शी को पत्र लिखकर अपनी बाकी जिंदगी चीन की ग्रामीण शिक्षा के लिए समर्पित करने की पेशकश की। एक सरकारी सूत्र के अनुसार, जिन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने मई में देश के वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक में पत्र के बारे में बात की थी। हालांकि, समाचार एजेंसी रॉयटर्स यह निर्धारित नहीं कर सका कि, शी जिनपिंग ने प्रस्ताव को मंजूरी दी या नहीं या फिर उस चिट्ठी पर शी जिनपिंग की तरफ से क्या प्रतिक्रिया दी गई।












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