ईरान ने अमेरिका को बताया आतंकवाद का समर्थक देश, सेनाओं को कहा आतंकी संगठन
तेहरान। अमेरिका ने ईरान की इस्लामिक रेवॉल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) को एक आतंकी संगठन घोषित किया है। अब ईरान ने इसकी प्रतिक्रिया में एक बड़ा बयान जारी किया है। ईरान की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने अमेरिका को 'आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश' और अमेरिकी सेनाओं को 'आंतकी संगठन' घोषित कर दिया है। ईरान की आधिकारिक न्यूज एजेंसी ईराना ने इस बारे में बयान जारी किया है। बयान में कहा गया है कि अमेरिका की ओर से ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गॉर्ड कोर को विदेशी आतंकी संगठन घोषित करने के जवाब में यह कदम उठाया गया है।

सेंटकॉम पर बड़ा बयान
अमेरिका के कदम को ईरान की काउंसिल ने गैर-कानूनी और मूर्खतापूर्ण करार दिया। ईरान ने अमेरिका के खिलाफ दिए बयान में कहा, 'ईरान यह घोषणा करता है कि वह अमेरिकी शासन और 'सेंट्रल कमांड ऑफ अमेरिका', सेंटकॉम को 'आतंकवाद प्रायोजक' और अमेरिकी सुरक्षा बलों को 'आतंकवादी समूह' मानता है।' दुनिया भर में अमेरिका की बड़ी मिलिट्री प्रेजेंस का एक हिस्सा सेंटकॉम है जो अपने कमांड क्षेत्र में अफगानिस्तान, इराक, सीरिया, यमन और खाड़ी सहित कई युद्ध क्षेत्रों और कई अहम इलाकों को कवर करता है। बयान पर अगर यकीन करें तो ईरान के टॉप डिप्लोमैट मोहम्मद जवाद जरीफ ने राष्ट्रपति हसन रूहानी से सेंटकॉम आतंकी लिस्ट में डालने की अपील की थी। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गॉर्ड कोर को अप्रैल 1979 में ईरान की क्रांति के बाद तैयार किया गया था। सऊदी अरब और बहरीन भी आईआरजीसी को आतंकी संगठन घोषित कर चुके हैं।












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