Iran War Death Toll: जंग के बीच ईरान में 555 लोग मारे गए, US-Israel हमलों से 131 शहर तबाह, बड़ा खुलासा
Iran War Death Toll: ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल की ओर से शुरू किए गए हवाई हमलों में अब तक 555 लोगों की जान जा चुकी है। यह जानकारी ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने साझा की है। संस्था के मुताबिक, बीते दो दिनों से जारी हमलों ने देश के अलग-अलग हिस्सों को बुरी तरह प्रभावित किया है।
131 शहरों पर असर (Iran Cities Under Attack)
रेड क्रिसेंट ने बताया कि अब तक 131 शहर हमलों की चपेट में आ चुके हैं। संगठन ने इन हमलों को "जायनिस्ट-अमेरिकी आतंकी हमले" करार दिया है। टेलीग्राम पर जारी बयान में कहा गया कि राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और प्रभावित इलाकों में टीमें तैनात हैं।

राहत और बचाव अभियान तेज (Iran Relief Operations)
संस्था के मुताबिक देशभर में एक लाख से ज्यादा राहतकर्मी अलर्ट पर हैं। करीब 40 लाख स्वयंसेवकों का नेटवर्क मानवीय सहायता, मेडिकल मदद और मनोवैज्ञानिक सहयोग देने के लिए तैयार रखा गया है।
इस बीच समाचार एजेंसी AP के मुताबिक, ईरान और उसके समर्थित मिलिशिया गुटों ने इजरायल और कुछ अरब देशों की ओर मिसाइलें दागीं। जवाब में अमेरिका और इजरायल ने ईरानी ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं, जिससे संघर्ष और व्यापक होता दिख रहा है। स्थिति तेजी से बदल रही है और क्षेत्र में तनाव अपने चरम पर है।
कुवैत से साइप्रस तक भड़की आग, ईरान-अमेरिका टकराव ने लिया खतरनाक मोड़
कुवैत सिटी में उस समय हड़कंप मच गया जब अमेरिकी दूतावास परिसर के भीतर से आग और धुएं का गुबार उठता देखा गया। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, परिसर को निशाना बनाया गया था। हालांकि, दूतावास में किसी के हताहत होने की तत्काल जानकारी नहीं मिली है।
कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि देश में "कई" अमेरिकी लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं। मंत्रालय के अनुसार, विमानों के पायलटों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। वहीं अमेरिकी सेना की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर तुरंत कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
ईरान का सख्त रुख
लगातार जारी हवाई हमलों के बीच ईरान के वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी Ali Larijani ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साफ कहा कि ईरान अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत नहीं करेगा। उनका यह बयान संकेत देता है कि तनाव कम होने के बजाय और बढ़ सकता है।
इधर इराक में ईरान समर्थित एक मिलिशिया ने दावा किया कि उसने बगदाद एयरपोर्ट पर तैनात अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाते हुए ड्रोन हमला किया। इससे एक दिन पहले उसी गुट ने इरबिल स्थित अमेरिकी बेस पर हमला करने की जिम्मेदारी ली थी।
साइप्रस में भी हमला (Cyprus Strike)
भूमध्यसागर के द्वीप साइप्रस ने भी एक ड्रोन हमले की पुष्टि की है, जिसमें ब्रिटिश सैन्य अड्डे को निशाना बनाया गया। इस हमले ने संकेत दिया है कि संघर्ष अब क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर फैलने लगा है।
इजरायल-अमेरिका की जवाबी कार्रवाई (Retaliation)
समाचार एजेंसी AP के मुताबिक इजरायल और अमेरिका ने ईरान के मिसाइल ठिकानों और नौसेना के ठिकानों पर बमबारी की है। दावा किया गया है कि ईरान की नौसेना मुख्यालय और कई युद्धपोत नष्ट कर दिए गए हैं। पूरे क्षेत्र में हालात तेजी से बदल रहे हैं और यह टकराव अब बहु-देशीय संकट का रूप लेता दिख रहा है।












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