Iran Vs America War: अमेरिका की शर्मनाक हरकत! तेहरान की यूनिवर्सिटी पर किया मिसाइल अटैक, लाशों का लगा ढेर

US Airstrike on Iran University: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सोमवार को अमेरिकी हवाई हमलों ने ईरान की राजधानी तेहरान स्थित प्रतिष्ठित शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी को अपना निशाना बनाया। इस दर्दनाक हमले में कम से कम 13 लोगों की जान जाने की खबर है।

शिक्षा के केंद्र पर इस तरह का हमला न केवल अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह युद्ध की विभीषिका का एक शर्मनाक चेहरा भी पेश करता है। तेहरान के आसमान में रात भर धमाकों की गूंज और लड़ाकू विमानों का शोर सुनाई देता रहा, जिससे स्थानीय लोगों में भारी दहशत का माहौल है।

US Airstrike on Iran University

Sharif University Attack: रात भर गूंजते रहे धमाके

सोमवार की रात तेहरान के निवासियों के लिए किसी भयावह सपने जैसी थी। शरीफ यूनिवर्सिटी और उसके आसपास के इलाकों में घंटों तक रुक-रुक कर धमाके होते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लड़ाकू विमान इतनी कम ऊंचाई पर उड़ रहे थे कि उनकी आवाज से घरों की खिड़कियां तक थरथरा रही थीं। इस हमले ने पूरे दक्षिण-पश्चिम तेहरान को हिला कर रख दिया है और लोग डर के साए में जीने को मजबूर हैं।

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Tehran Missile Strike: यूनिवर्सिटी को क्यों बनाया निशाना?

शरीफ यूनिवर्सिटी पर हमले के पीछे अमेरिका और उसके सहयोगियों का तर्क है कि यहाँ सैन्य गतिविधियाँ चल रही थीं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस यूनिवर्सिटी का इस्तेमाल ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम के लिए किया जा रहा था। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के साथ यूनिवर्सिटी के कथित संबंधों के कारण कई देश पहले ही इस संस्थान पर प्रतिबंध लगा चुके हैं, जिसे अब हमले का आधार बनाया गया है।

Iran America Conflict News Hindi: छात्रों की सुरक्षा और ऑनलाइन क्लासेस

राहत की बात यह रही कि हमले के समय कैंपस में छात्र मौजूद नहीं थे। युद्ध की स्थिति को देखते हुए ईरान ने पहले ही सभी स्कूलों और कॉलेजों को बंद कर दिया था और पढ़ाई ऑनलाइन मोड पर चल रही थी। हालांकि, यूनिवर्सिटी के स्टाफ और वहां मौजूद अन्य लोग इस हमले की चपेट में आ गए। अगर छात्र वहां मौजूद होते, तो मरने वालों का आंकड़ा और भी भयावह हो सकता था।

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गैस सप्लाई और बुनियादी ढांचे को नुकसान

मिसाइल हमले में केवल यूनिवर्सिटी की इमारतों को ही नुकसान नहीं पहुंचा, बल्कि पास ही स्थित एक प्राकृतिक गैस वितरण केंद्र (गैस स्टेशन) को भी निशाना बनाया गया। तेहरान के 'डिस्ट्रिक्ट 9' के प्रशासन के अनुसार, इस हमले की वजह से शरीफ इलाके में गैस की सप्लाई ठप हो गई है। बुनियादी सुविधाओं पर इस तरह के प्रहार ने आम नागरिकों की मुश्किलें और भी बढ़ा दी हैं।

पवित्र शहर कोम पर भी हुआ हमला

तेहरान के अलावा, शिया समुदाय के पवित्र शहर कोम में भी हवाई हमले की खबरें आई हैं। बताया जा रहा है कि वहां एक रिहायशी इलाके में हुई बमबारी में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई है। ईरान सरकार ने अभी तक युद्ध में हुए कुल नुकसान के आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इन हमलों में निर्दोष लोग अपनी जान गंवा रहे हैं।

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