US-Iran जंग में चौधरी बन रहे थे शहबाज-मुनीर, ईरान ने होर्मुज से लौटाया कराची जा रहा जहाज, धरी रह गई डिप्लोमेसी
US-Iran जंग में चौधरी बन रहे पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी। ईरान ने शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की मध्यस्थता से इनकार तो किया ही, वहीं अब खबर आ रही है कि ईरान ने Strait Of Hormuz से कराची जा रहे एक कंटेनर जहाज को वापस लौटने का आदेश दिया। जिसके बाद पाकिस्तानी जहाज को लौटना पड़ा, अगर वह ऐसा न करता तो ईरान उस पर हमला कर सकता था। जिससे यह साफ हो गया कि ईरान अपनी नीतियों पर अड़ा हुआ है और किसी का दखल उसे मंजूर नहीं है।
IRGC ने जहाज को वापस लौटाया
Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के नौसेना कमांडर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि कराची जा रहे 'सेलेन' नाम के कंटेनर जहाज को वापस मोड़ने का निर्देश दिया गया था। इस जहाज को IRGC नौसेना से इस अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं मिली थी, इसलिए उसे लौटना पड़ा।

नियम नहीं माने तो एंट्री नहीं- ईरान
IRGC नौसेना के कमांडर Alireza Tangsiri ने कहा, "कंटेनर जहाज सेलेन को कानूनी प्रोटोकॉल का पालन न करने और अनुमति न मिलने के कारण वापस भेजा गया।" उन्होंने यह भी कहा कि इस जलमार्ग से गुजरने के लिए ईरान के समुद्री प्राधिकरण से पूरा समन्वय जरूरी है और यह सब देश की जनता के समर्थन से संभव हुआ है।
कहां का था जहाज और अब कहां है?
ऑनलाइन शिप ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म MarineTraffic के मुताबिक, 'सेलेन' सेंट किट्स और नेविस का झंडा लगाए एक कंटेनर जहाज है। यह जहाज पाकिस्तान के Karachi Port की ओर जा रहा था, लेकिन अब फारस की खाड़ी में ही रुका हुआ है और माना जा रहा है कि वह यूएई के शारजाह एंकरेज में खड़ा है।
होर्मुज पर ईरान का दबदबा कायम
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बाद से ईरान ने फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री एक्टिविटी पर अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। हालात बिगड़ने पर ईरान ने साफ कहा था कि वह किसी भी अमेरिकी, इजरायली या पश्चिमी सहयोगी जहाज को इस रास्ते से गुजरने नहीं देगा।
किन जहाजों को मिली छूट?
हालांकि, ईरान ने यह भी कहा है कि जिन देशों से संबंध दोस्ताना हैं उन्हें इस रास्ते से गुजरने की अनुमति मिल सकती है, लेकिन इसके लिए पहले IRGC और ईरानी सरकार से अनुमति लेना जरूरी होगा।
चौधरी बनने की जल्दी में पाकिस्तान
इसी बीच, Pakistan ने एक चौंकाने वाला कदम उठाते हुए अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को खत्म कराने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है। मीडिया में अटकलों के बाद, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने 'एक्स' पर इस पहल की घोषणा की।
शहबाज शरीफ का बयान क्या कहता है?
प्रधानमंत्री शरीफ ने लिखा कि पाकिस्तान मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध को खत्म करने के लिए बातचीत के प्रयासों का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि अगर United States और Iran सहमत होते हैं, तो पाकिस्तान इस जंग के समाधान के लिए सार्थक और निर्णायक वार्ता की मेजबानी करने को तैयार है। हालांकि ईरान ने पाकिस्तान की मध्यस्थता को ठुकरा दिया है। वहीं इसके बाद अब जहाज को भी वापस लौटने का निर्देश दिया है जो बताता है पाकिस्तान कितनी मजबूत स्थिति में है।
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