हिजबुल्लाह चीफ नसरल्लाह की मौत पर बड़ा दावा, ईरान के जासूस ने की थी मुखबिरी: रिपोर्ट
लेबनान में इजरायली सेना आईडीएफ की एयरस्ट्राइक में हिज्बुल्लाह के टॉप कमांडर सैयद नसरल्लाह हसन की मौत को लेकर एक रिपोर्ट में बड़ा दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के जासूस ने आईडीएफ के साथ जासूसी की थी, जिसके चलते लेबनान में इजराइल की एयरस्ट्राइक सफल रही और ईरान समर्थित आतंकी संगठन प्रमुख हिज्बुल्लाह मारा गया।
आईडीएफ की एयरस्ट्राइक को लेकर एक फ्रांसीसी अखबार ले पेरिसियन ने बड़ा दावा किया है। लेबनान की राजधानी बेरूत में हवाई हमले में मारे जाने से कुछ घंटे पहले इजरायली अधिकारियों को हिजबुल्लाह प्रमुख सैय्यद हसन नसरल्लाह के स्थान के बारे में एक ईरानी जासूस से सूचना मिली थी।

ले पेरिसियन की रिपोर्ट में कहा गया कि इजरायली अधिकारियों को शनिवार दोपहर को एक ईरानी जासूस से एक महत्वपूर्ण सूचना मिली थी। जिसमें बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहिह स्थित हिज्बुल्लाह मुख्यालय में नसरुल्लाह के आने की सूचना दी गई थी।
वहीं न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया कि लेबनानी अधिकारियों की जांच से पता चला है कि लेबनान में एयरस्ट्राइक से पहले कथित तौर पर इजरायली बलों द्वारा उनके सेलफोन संचार को बाधित कर दिया था, जिसके बाद हिजबुल्लाह ने पेजर और वॉकी-टॉकी का उपयोग करना शुरू कर दिया था। हिजबुल्लाह की जासूसी के लिए पेजर्स का भी इस्तेमाल किया गया था।
वहीं इजरायल की ओर से गाजा और लेबनान पर किए गए हमलों में अमेरिका की भागेदारी से ईरान भड़क गया है। ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में जो बम बरसाए थे, वो उसे अमेरिका ने गिफ्ट किए थे। इन हमलों में हिजबुल्लाह चीफ हसन नसरल्लाह की मौत हो गई।
ईरान ने कहा कि इजरायल ने हमले में अमेरिका की तरफ से दिए गए 5,000 पाउंड वजनी बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल किया है।
बता दें कि हिजबुल्लाह एक आतंकी समूह है, जिसे ईरान का समर्थन प्राप्त है। लेबनान में इजरायल की एयरस्ट्राइक में हिजबुल्लाह की मौत की पुष्टि की थी। वहीं इससे पहले आईडीएफ ने एक बयान में कहा था कि हिजबुल्लाह नेता हसन नसरूल्लाह को मार दिया गया है। हसन नसरल्लाह अब दुनिया को आतंकित नहीं कर पाएगा। हवाई हमले में 6 इमारतों को निशाना बनाया गया था, जिसमें हसन नसरल्लाह छिपा हुआ था।












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