'डोनाल्ड ट्रंप से ज्यादा हमारी कैद में सुरक्षित हैं', US पायलट की मां के इमोशनल मैसेज पर ईरान ने दिया जवाब
Iran response US pilot mother statement: अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध शुरू हुए पांच सप्ताह हो चुका है और ये संषर्ष अपने जरम पर पहुंच चुका है। 3 अप्रैल 2026 को ईरान ने दक्षिणी ईरान के हवाई क्षेत्र मेदो लड़ाकू विमान मार गिराए। ईरान द्वारा निशाना बनाए गए विमानों में F-15 फाइटर जेट और A-10 अटैक एयरक्राफ्ट शामिल थे। हमले के बाद एक पायलट सुरक्षित बचा, दूसरा अभी भी लापता है। ईरानी मीडिया ने दावा किया F-15E का पायलट इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) की हिरासत में है।
अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के बीच हुई इस घटना ने तनाव को और ज़्यादा भड़काया है। शुक्रवार को लापता पायलट की मां ने सोशल मीडिया पर मार्मिक संदेश साझा कर अपने बेटे व सभी पायलटों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की थी। जिस पर पाकिस्तान स्थित ईरानी दूतावास ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

' ट्रंप से ज्यादा हमारी कैद में सुरक्षित हैं'
पाकिस्तान स्थित ईरानी दूतावास ने मां के सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे लेटर पर लिखा, "तुम्हारे बेटे ईरान की कैद में जितने सुरक्षित हैं, उससे कहीं ज़्यादा खतरे में डोनाल्ड ट्रंप के साथ हैं। दुआ करो कि वो ईरान की कैद में रहे, अमेरिकी रेस्क्यू टीम उसे ढूंढने से पहले।"
'इजराइल की तहत हम बर्बरता नहीं करते'
दूतावास ने यह भी बताया कि ईरान कैदियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करता है। साउथ अफ्रीका स्थित ईरानी दूतावास ने भी कठोर शब्दों में जवाब देते हुए कहा कि ईरान की सभ्यता प्राचीन है और वे कैदियों के साथ बर्बरता नहीं करते, जैसा उनके मुताबिक अमेरिका का सहयोगी इजरायल करता है।

एक दुखी मां की सार्वजनिक अपील पर किसी दूतावास द्वारा ऐसी सीधी और कठोर प्रतिक्रिया देना सामान्य बात नहीं है। यह घटना स्पष्ट करती है कि अमेरिका और ईरान के बीच गुस्सा और तनाव किस खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है।
कैसे ईरान की गिरफ्त में आया पायलट?
अमेरिकी F-15E पायलट ईरानी क्षेत्र में घुसपैठ करने के दौरान ईरानी IRGC की उन्नत वायु रक्षा प्रणाली द्वारा विमान को निशाना बनाए जाने के बाद सुरक्षित इजेक्शन कर पैराशूट से नीचे उतरा। गिरते ही स्थानीय सुरक्षा बलों ने उसे घेर लिया और जिंदा पकड़ लिया। पायलट के इलाके में आने की जानकारी मिलते ही IRGC ने व्यापक खोज अभियान चलाया, जिससे उसे जल्दी ही पकड़ लिया गया। इसके अलावा, स्थानीय मीडिया ने नागरिकों को सतर्क रहने और पायलट को पकड़ने में मदद करने के लिए जागरूक किया, जिससे पायलट की गिरफ्तारी में स्थानीय सहयोग भी शामिल रहा। इस तरह, ईरान ने अमेरिकी पायलट को अपने क्षेत्र में रहते हुए रणनीतिक रूप से पकड़ लिया।
युद्ध में झुलस रहा मिडिल ईस्ट
यह स्थिति ऐसे समय में है जब पूरा मिडिल ईस्ट अशांति से जूझ रहा है। ईरान ने कई जगहों पर हमले किए; बहरीन में अलर्ट सायरन बजे, सऊदी अरब और यूएई ने ईरानी ड्रोन मार गिराए, और इजरायल पर भी मिसाइलें दागी गईं। लापता अमेरिकी पायलट को खोजने के लिए पहाड़ी इलाकों में अमेरिकी ड्रोन और हेलीकॉप्टर सक्रिय दिखे।












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