Iran में क्यों मचा कोहराम? चलती कार में पुलिस अधिकारी की हत्या का VIDEO VIRAL, 25 प्रांतों में फैली हिंसा
Iran Protests: ईरान में बढ़ती महंगाई और गिरती करेंसी (रियाल) के खिलाफ शुरू हुआ जन-आक्रोश अब हिंसक रूप ले चुका है। पिछले 12 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अलग-अलग घटनाओं में दो ऑन-ड्यूटी पुलिस अधिकारियों की हत्या कर दी गई है। एक तरफ प्रदर्शनकारी सड़कों पर हैं, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षाबलों और जनता के बीच टकराव में अब तक दर्जनों लोग जान गंवा चुके हैं।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान के पश्चिमी इलाके मलार्ड काउंटी में स्थिति को कंट्रोल करने के दौरान पुलिस अधिकारी शाहीन देहघान पर चाकू से हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। फार्स समाचार एजेंसी ने इस घटना की पुष्टि करते हुए इसे 'शहादत' करार दिया है।

चलती गाड़ी में पुलिस अधिकारी को गोलियों से भूना
वहीं, दूसरी घटना ईरान के दक्षिण-पूर्वी प्रांत सिस्तान-बलूचिस्तान में हुई। यहां अज्ञात हमलावरों ने चलती गाड़ी में एक पुलिस अधिकारी को गोलियों से भून दिया। इस हमले का एक दिल दहला देने वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
क्यों जल रहा है ईरान?
ईरान में इस विरोध की शुरुआत 28 दिसंबर को तेहरान के व्यापारियों द्वारा की गई थी, जो आसमान छूती कीमतों और रियाल की गिरती कीमत से परेशान थे।
- करेंसी की बदहाली: गुरुवार को अमेरिकी डॉलर का भाव 14 लाख रियाल के पार पहुंच गया, जबकि यूरो 17 लाख के स्तर को पार कर गया।
- अफोर्डेबिलिटी क्राइसिस: आम जनता का कहना है कि दैनिक जीवन की बुनियादी चीजें अब उनकी पहुंच से बाहर होती जा रही हैं।
25 प्रांतों तक पहुंची विरोध की लहर
AFP की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के कुल 31 में से 25 प्रांतों में प्रदर्शन फैल चुके हैं। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि यह प्रदर्शन 2022 के 'महसा अमीनी' आंदोलन या 2009 के चुनाव विरोध जितने बड़े नहीं हैं, लेकिन इजरायल के साथ हालिया युद्ध और गहराते आर्थिक संकट ने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग
ईरान के हालातों पर दुनिया की नजरें टिकी हैं:
- अमेरिका की चेतावनी: अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने खुले तौर पर प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया है। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने प्रदर्शनकारियों की हत्या जारी रखी, तो उसे 'कड़ा जवाब' दिया जाएगा।
- ईरान का पलटवार: ईरानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी बयानों को 'हस्तक्षेप' करार दिया है। ईरान का कहना है कि देश की आर्थिक बदहाली के लिए अमेरिकी प्रतिबंध ही मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।












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