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Iran में इंटरनेट बंद कर 'नरसंहार' जारी! अब तक 16,500 मौतें, 7000 लोगों की फोड़ी गई आंखें, डॉक्टरों का खुलासा

Iran protest: ईरान में जारी सरकार विरोधी प्रदर्शनों और वहां की तानाशाही सरकार के क्रूर दमन पर एक भयावह रिपोर्ट सामने आई है। ग्राउंड जीरो पर मौजूद डॉक्टरों के अनुसार, इस खूनी संघर्ष में अब तक कम से कम 16,500 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं और 3,30,000 से अधिक घायल हुए हैं।

आर्थिक मुद्दों से शुरू हुआ यह आंदोलन अब ईरानी शासन को उखाड़ फेंकने की गूंज बन चुका है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने पहली बार सार्वजनिक रूप से 'हजारों' मौतों को स्वीकार किया है, लेकिन उन्होंने इन प्रदर्शनकारियों को अमेरिका का "पैदल सैनिक" करार दिया है।

Iran protest

Iran protests 16500 dead: खून से लथपथ सड़कें और खामेनेई का कबूलनामा

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने देश में महीनों से चल रही अशांति पर चुप्पी तोड़ते हुए माना कि इसमें "कई हजार" लोग मारे गए हैं। हालांकि, उन्होंने अपनी गलती मानने के बजाय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पर विद्रोह भड़काने और सैन्य सहायता का वादा करने का आरोप लगाया। खामेनेई ने इन प्रदर्शनों को विदेशी साजिश बताते हुए प्रदर्शनकारियों को देशद्रोही करार दिया है, जबकि जमीन पर स्थिति यह है कि मरने वालों में अधिकांश 30 साल से कम उम्र के युवा हैं।

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डॉक्टरों की रिपोर्ट: मिलिट्री हथियारों का क्रूर इस्तेमाल

म्यूनिख एमईडी के निदेशक और ईरानी-जर्मन सर्जन प्रोफेसर आमिर परास्ता ने चौंकाने वाला खुलासा किया है कि ईरानी सेना प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मिलिट्री-ग्रेड हथियारों का उपयोग कर रही है। पीड़ितों के सिर, गर्दन और छाती पर गोलियों और छर्रों के घाव पाए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 700 से 1,000 लोगों ने अपनी एक आंख खो दी है। अकेले तेहरान के नूर क्लिनिक में आंखों की चोट के 7,000 मामले दर्ज किए गए हैं, जो शासन की बर्बरता को दर्शाता है।

World News in hindi: 'डिजिटल अंधेरे' में नरसंहार

प्रोफेसर परास्ता ने ईरान की इस कार्रवाई को "डिजिटल अंधेरे की आड़ में नरसंहार" कहा है। अस्पतालों में भारी अराजकता का माहौल है; कई घायलों की मौत केवल खून की कमी के कारण हो गई क्योंकि सुरक्षा बलों ने कथित तौर पर रक्त चढ़ाने (Blood Transfusion) की अनुमति नहीं दी। कई डॉक्टरों ने मरीजों की जान बचाने के लिए अपना खून तक दान किया। मानवाधिकार संगठनों ने अब तक हजारों गिरफ्तारियों और अपूरणीय मौतों की पुष्टि की है, जो ईरान के आधुनिक इतिहास का सबसे काला अध्याय है।

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Starlink in Iran : सूचना का आखिरी सहारा

जब ईरानी सरकार ने पूरी दुनिया से संपर्क काटने के लिए इंटरनेट ब्लैकआउट कर दिया, तब एलोन मस्क की कंपनी Starlink प्रदर्शनकारियों के लिए जीवनदान बनकर उभरी। स्पेसएक्स ने ईरान के लोगों के लिए इस उपग्रह सेवा को मुफ्त कर दिया है, जिससे डॉक्टर और कार्यकर्ता जमीनी हकीकत दुनिया तक पहुंचा पा रहे हैं। ईरान की सरकार सिग्नल जैमर और स्पूफिंग के जरिए इसे रोकने की कोशिश कर रही है, लेकिन स्टारलिंक ने इस 'डिजिटल सेंसरशिप' के खिलाफ एक नई जंग छेड़ दी है।

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