Iran Nuclear Program: ईरान के परमाणु हथियार बनाने से अमेरिका को कितना खतरा? क्या है ईरान परमाणु समझौता?
Iran Nuclear Program: ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने बुधवार, 12 मार्च को अमेरिका के साथ परमाणु समझौते पर बातचीत करने से इनकार कर दिया।हाल ही में अमेरिका ने ईरान को एक लेटर भी लिखा था। रिपोर्टस की मानें तो इस चिट्ठी में ट्रंप ने ईरान के साथ परमाणु हथियार पर बैठ कर चर्चा करने की बात कही गई है।
ईरान एक बार फिर परमाणु हथियार बनाने के करीब है ऐसे में अमेरिका समेट मीडिल ईस्ट में खतरा और बढ़ जाएगा। मीडिल ईस्ट में पहले से ही तनाव है, इजराइल और ईरान की दुश्मनी किसी से छुपी नहीं है। पिछले दिनों दोनों देश खुलकर एक-दूसरे के सामने आए थे। वहीं अमेरिका भी ईरान के निशाने पर रहता है

Iran Nuclear Program: ईरान से अमेरिका को कितना खतरा?
पिछले कुछ दिनों से ईरान के परमाणु हथियार बनाने की जानकारी सामने आ रही है ऐसे में मध्य पूर्व एशिया समेट व्हाइट हाउस का भी टेंशन बढ़ गया है। अगर ईरान परमाणु बम बना लेता है तो इससे अमेरिकी हितों को गंभीर खतरा हो सकता है।
अमेरिका को इस बात का भी डर है कि ईरान अपने हथियारों का इस्तेमाल मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सेना पर कर सकता है। इजरायल इस परमाणु बम को अस्तित्व पर संकट के रूप में देख रहा है यहां समझने वाली बात ये है कि इजरायल की जितनी दुश्मनी ईरान के साथ है वह अमेरिका का उतना ही करीबी दोस्त है।
Iran Nuclear Program: आर्थिक प्रतिबंधों से इरान को भारी नुकसान
दरअसल ट्रंप ने अपने 2017-2021 के राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान तेहरान और विश्व शक्तियों के बीच एक समझौते से बाहर निकल लिया था जिसमें प्रतिबंधों में राहत के बदले ईरान की परमाणु गतिविधि पर प्रतिबंध लगाए गए थे। आर्थिक प्रतिबंधों से ईरान की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ा था जिसके कारण उसे समझौते करना पड़ा था।
ईरान पिछले कुछ महीनों में मध्य पूर्व एशिया में काफी अकेला पड़ गया है वहां के हालात लगातार बदल रहे हैं। ईरान के सहयोगियों में हमास, लेबनान में हिजबुल्लाह, सीरिया में बशर अल-असद सरकारें थी लेकिन इनकी स्थिति किसी से छुपी नहीं है। असद सरकार को सीरियाई विद्रोहियों ने हटा दिया है। इससे ईरान को अपने क्षेत्रीय प्रभाव में झटका लगा है।
Iran Nuclear Program: क्या है ईरान परमाणु समझौता ?
- संयुक्त व्यापक कार्य योजना (JCPOA) के तहत प्रतिबंधों को धीरे-धीर हटाने के बदले में ईरान के परमाणु कार्यक्रम बंद करना।
- ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के पाँच स्थायी सदस्यों- अमेरिका, रूस, फ्राँस, चीन और यूनाइटेड किंगडम के साथ-साथ जर्मनी एवं यूरोपीय संघ के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किये।
- इसके समझौते के तहत ईरान को परमाणु हथियार बनाने में प्रयोग होने वाले यूरेनियम और भारी जल सभी प्रमुख भंडार में महत्त्वपूर्ण कटौती करना।
- दो साल के समझौते के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों पर ढील देने के लिए राजी हुए थे।












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