Iran Nuclear Attacked:'न्यूक्लियर साइट पर अमेरिका-इजरायल ने हमला किया', ईरान का बड़ा दावा, UN में गूंजा मुद्दा
Iran Nuclear Attacked: ईरान ने दावा किया है कि उसके प्रमुख परमाणु केंद्र यानी न्यूक्लियर साइट नतांज को अमेरिका और इजरायल ने हमला किया है। ईरान का दावा है कि न्यूक्लियर साइट नतांज को अमेरिकी और इजरायली सैन्य कार्रवाई के दौरान निशाना बनाया गया। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और लगातार हमलों की खबरें सामने आ रही हैं।
UN परमाणु एजेंसी में उठी आवाज (IAEA Meeting)
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था International Atomic Energy Agency की बैठक के दौरान ईरान के राजदूत Reza Najafi ने यह आरोप सार्वजनिक तौर पर लगाया। 35 देशों के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में उन्होंने कहा कि "एक बार फिर ईरान की शांतिपूर्ण और निगरानी में चल रही परमाणु सुविधाओं पर हमला किया गया है।"

Iran's ambassador to the UN nuclear agency alleges that US-Israeli airstrikes targeted the Natanz enrichment facility, reports AP.
— Press Trust of India (@PTI_News) March 2, 2026
जब उनसे पूछा गया कि किस न्यूक्लियर साइट को निशाना बनाया गया है तो उन्होंने साफ तौर पर "नतांज" का नाम लिया। नतांज ईरान का अहम परमाणु प्रतिष्ठान माना जाता है। इस पर हमले के दावे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। फिलहाल अमेरिका या इजरायल की ओर से इस आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। स्थिति पर दुनिया की नजर टिकी है, क्योंकि न्यूक्लियर साइट से जुड़ा कोई भी हमला क्षेत्रीय ही नहीं, वैश्विक तनाव को भी बढ़ा सकता है।
ईरानी राष्ट्रपति का जवाब
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने साफ कहा कि अगर इमारतें या फैक्ट्रियां नष्ट होती हैं तो भी देश पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि "हम दोबारा निर्माण करेंगे, और पहले से ज्यादा ताकत के साथ।" उन्होंने दोहराया कि ईरान परमाणु हथियार नहीं चाहता और उसका कार्यक्रम स्वास्थ्य, बीमारी के इलाज और आम लोगों की जरूरतों से जुड़ा है।
अमेरिका की चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान जून 2025 में बमबारी किए गए ठिकानों को फिर से शुरू करने की कोशिश करता है, तो नए हमलों का आदेश दिया जा सकता है।
IAEA प्रमुख की चिंता
IAEA के महानिदेशक राफेल मारियानो ग्रॉसी ने हालात पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि रेडियोधर्मी रिसाव की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अगर ऐसा हुआ तो बड़े शहरों जितने इलाके खाली कराने की नौबत आ सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि एजेंसी को क्षेत्र में मौजूद परमाणु और रेडियोधर्मी सामग्री की पूरी जानकारी है और किसी भी आपात स्थिति में मदद देने के लिए तैयार है।
पश्चिम एशिया में बढ़ता खतरा
ग्रॉसी ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया के कई देशों में परमाणु बिजलीघर और शोध रिएक्टर चल रहे हैं। ऐसे में सैन्य तनाव बढ़ने से जोखिम और ज्यादा हो जाता है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की। मौजूदा हालात में नतांज पर हमले का दावा क्षेत्रीय ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी चिंता बढ़ा रहा है।












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