Iran Israel War Impact: रसोई गैस के बाद अब ये चीजें होंगी महंगी, युद्ध से कैसे बिगड़ेगा आपका बजट, समझें गणित
Iran Israel War Impact: मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-इजरायल युद्ध का असर घर की रसोई से लेकर होम लोन की ईएमआई तक पड़ सकता है। भारत की अर्थव्यवस्था पर इसका पहला झटका पड़ चुका है। इस संघर्ष के कारण अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में करीब 15 प्रतिशत तक उछाल देखा गया है। इससे भारत जैसे आयात पर निर्भर देशों में महंगाई बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का सबसे बड़ा असर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर पड़ रहा है। यह दुनिया के सबसे अहम तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है। खाड़ी देशों से निकलने वाले बड़े हिस्से का तेल इसी रास्ते से दुनिया भर में पहुंचता है। भारत के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है। देश के कुल तेल आयात का करीब 50 प्रतिशत हिस्सा इसी रास्ते से आता है। अगर यहां आपूर्ति प्रभावित होती है, तो भारत में तेल की कमी और कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।

Iran Israel War Impact: किचन से लेकर अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा असर
- भारत और चीन जैसे बड़े देशों की अर्थव्यवस्था काफी हद तक क्रूड ऑयल पर निर्भर है। भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है।
- यही तेल रिफाइन होकर पेट्रोल, डीजल, जेट फ्यूल, केरोसिन और एलपीजी जैसे ईंधन में बदलता है। इसके अलावा प्लास्टिक, उर्वरक, डिटर्जेंट, कॉस्मेटिक्स, मोटर ऑयल और कई औद्योगिक उत्पाद भी कच्चे तेल से तैयार होते हैं।
- तेल की कीमत बढ़ने का सबसे पहला असर आम लोगों के किचन पर पड़ता है। एलपीजी की कीमतों में बढ़ोतरी से घरेलू बजट पर दबाव बढ़ता है। हाल ही में भारत में एलपीजी सिलेंडर के दाम भी बढ़ाए गए हैं।
- अगर कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं तो पेट्रोल और डीजल के दाम भी बढ़ सकते हैं। इससे परिवहन महंगा होगा और सब्जियों से लेकर रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में तेजी आ सकती है।
Iran Israel War: एविएशन इंडस्ट्री पर असर, महंगी होगी यात्रा
इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से प्लास्टिक और कपड़ा उद्योग भी प्रभावित होता है। प्लास्टिक उत्पादों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल भी पेट्रोलियम से ही बनता है। वहीं पॉलिएस्टर और नायलॉन जैसे सिंथेटिक फाइबर भी पेट्रोलियम से तैयार होते हैं। ऐसे में प्लास्टिक की चीजों और कपड़ों के दाम भी बढ़ सकते हैं। तेल महंगा होने का असर विमानन क्षेत्र पर भी पड़ता है। जेट फ्यूल की कीमत बढ़ने से एयरलाइंस कंपनियां हवाई टिकट महंगे कर सकती हैं। इससे हवाई यात्रा का खर्च बढ़ सकता है।
विशेषज्ञों की राय है कि अगर मिडिल ईस्ट में यह युद्ध लंबे समय तक जारी रहता है तो भारत में महंगाई बढ़ सकती है। ऐसी स्थिति में महंगाई को नियंत्रित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है, जिसका असर होम लोन और कार लोन की ईएमआई पर भी पड़ सकता है।












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