IRGC Intelligence Chief: कौन थे Majid Khademi? जिनकी लोकेशन लीक होने का शक, अमेरिका ने किया काम तमाम
IRGC Intelligence Chief: ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने ऐलान किया है कि उसके खुफिया विभाग के चीफ मेजर जनरल माजिद खादेमी (Majid Khademi) अमेरिकी-इजरायली हमलों में मारे गए हैं। सोमवार को IRGC ने यह जानकारी दी, लेकिन अधिकारियों ने उनकी मौत की सटीक लोकेशन का खुलासा नहीं किया।
अंदर के आदमी ने लीक की लोकेशन?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, खादेमी की मौत उस समय हुई जब तेहरान के आसपास कई जगहों पर हवाई हमले किए गए। इन हमलों में रिहायशी इलाके भी शामिल थे, जिससे साफ है कि जंग अब सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि आम लोगों तक इसका असर पहुंच रहा है। वेस्टर्न मीडिया के सूत्रों की मानें तो अंदर के ही किसी आदमी ने उनकी लोकेशन अमेरिका और इजरायल तक पहुंचाई है।

कौन थे मजीद खादेमी?
खादेमी ने कई सालों तक खुफिया और जासूसी-विरोधी (counter-intelligence) भूमिकाओं में काम किया था। उनकी गिनती ईरान के सबसे अनुभवी और भरोसेमंद अधिकारियों में होती थी, खासकर आंतरिक सुरक्षा मामलों में।
खादेमी का बैकग्राउंड
खादेमी अपनी नई नियुक्ति से पहले गार्ड्स इंटेलिजेंस प्रोटेक्शन ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख थे। यह यूनिट ईरान में:
• आंतरिक निगरानी
• काउंटर-इंटेलिजेंस ऑपरेशन
जैसे बेहद संवेदनशील काम संभालती है। इस संगठन के पास काफी शक्तियां होती हैं और यह सीधे देश के सुप्रीम लीडर को रिपोर्ट करता है। उनकी रिपोर्टिंग सीधे अली खामेनेई को थी जो बाद में मोज्तबा खामेनेई को हो चुकी थी।
आरोपों से घिरी एजेंसी
इस संगठन पर लंबे समय से कई गंभीर आरोप लगते रहे हैं। इनमें शामिल हैं:
• पश्चिमी नागरिकों को हिरासत में लेना
• सरकार विरोधियों पर देश के बाहर हमले
• कथित हत्याएं
इन आरोपों की वजह से यह एजेंसी अक्सर अंतरराष्ट्रीय विवादों में रहती है।
कब हुई मौत?
IRGC ने अपने टेलीग्राम चैनल पर पोस्ट करते हुए कहा- "इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के खुफिया संगठन के शक्तिशाली और शिक्षित प्रमुख मेजर जनरल माजिद खादेमी, आज सुबह अमेरिकी-ज़ायोनी दुश्मन के आपराधिक आतंकवादी हमले में शहीद हो गए।" इस बयान में साफ तौर पर अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया गया है।
बार-बार लीक हो रही टॉप लीडर्स की जानकारी
ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध में कई बड़े ईरानी अधिकारी मारे जा चुके हैं। जिसमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और अली लारीजानी जैसे नाम शामिल हैं। ये बताता है कि इजरायल और अमेरिका को ईरान के भीतर से टॉप लीडर्स की लोकेशन और दूसरी जानकारी बार-बार लीक हो रही है।
कई बड़े नाम हुए सुपुर्द-ए-खाक
इस जग में मारे गए अन्य बड़े अधिकारियों में शामिल हैं:
• खामेनेई के सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी
• IRGC कमांडर मोहम्मद पाकपुर
• आर्म्ड फोर्सेस के चीफ ऑफ स्टाफ अब्दुलरहीम मुसावी
• डिफेंस मिनिस्टर अजीज नासिरजादेह
इन लगातार मौतों ने ईरान की सैन्य और खुफिया लीडरशिप को काफी कमजोर कर दिया है।
क्या कदम उठाएगा ईरान?
मिडिल ईस्ट में चल रहा यह युद्ध अब अपने छठे सप्ताह में पहुंच चुका है। ऐसे में खादेमी की मौत को एक बड़े एस्केलेशन (तनाव बढ़ने) के रूप में देखा जा रहा है। यह घटना आने वाले दिनों में और बड़े सैन्य या राजनीतिक कदमों का संकेत भी दे सकती है।
यह सिर्फ एक सैन्य अधिकारी की मौत नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति के लिए बड़ा अलर्ट है। अब सवाल यह है कि क्या इसके बाद जवाबी कार्रवाई और तेज होगी या कूटनीतिक रास्ता निकलेगा।
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