ईरान ने इजरायल के जासूस' को सरेआम दी फांसी, 4 महीने में पकड़ा गया था सीक्रेट एजेंट

Iran Israel Tensions: ईरान और इजराइल के बीच जारी गुप्त संघर्ष अब खुलेआम मौत की सजा के रूप में सामने आ रहा है। ईरान ने अपने एक नागरिक को इजराइली खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) के लिए जासूसी करने के आरोप में फांसी दे दी है। यह सख्त कदम राजधानी तेहरान से 120 किलोमीटर दूर, कोम शहर में उठाया गया। ईरानी न्यायपालिका की आधिकारिक समाचार एजेंसी मिजान के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट द्वारा मृत्युदंड की पुष्टि और दया याचिका खारिज होने के बाद शनिवार सुबह यह सजा लागू की गई।

आरोपी पर 'खुदा के खिलाफ दुश्मनी' और 'धरती पर भ्रष्टाचार' जैसे गंभीर अपराधों का दोष सिद्ध हुआ था, जो ईरान में फांसी की सजा के योग्य माने जाते हैं। यह फांसी ऐसे समय में हुई है जब ईरान, इजराइल पर घुसपैठ और तोड़फोड़ का आरोप लगा रहा है, और यह तेहरान द्वारा हाल के महीनों में जासूसी के आरोप में दी गई कई सजाओं की श्रृंखला का हिस्सा है।

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मोसाद के जासूस को फांसी, कोम शहर में दी गई सजा

ईरानी न्यायपालिका की मिजान समाचार एजेंसी के अनुसार, कोम शहर में जिस व्यक्ति को फांसी दी गई, उसने अक्टूबर 2023 में इजराइली खुफिया सेवाओं के साथ संपर्क और सहयोग शुरू किया था। उसे फरवरी 2024 में गिरफ्तार किया गया। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आरोपी ने मोसाद को देश की संवेदनशील जानकारी दी और उनके लिए ईरान के अंदर मिशन अंजाम दिए।

न्यायपालिका ने बार-बार कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए ऐसे कड़े कदम आवश्यक हैं, खासकर तब जब इजराइल गुप्त रूप से ईरान के अंदर घुसपैठ और तोड़फोड़ कर रहा हो। कोम में हुई यह कार्रवाई, हाल के महीनों में जासूसी के कथित मामलों की श्रृंखला का हिस्सा है।

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पहले भी लिया गया सख्त एक्शन

ईरान ने पहले भी मोसाद के लिए काम करने के आरोपों में कई लोगों को फांसी दी है। 4 अक्टूबर को, खुजिस्तान प्रांत में 6 लोगों को बमबारी और सशस्त्र हमले करने के आरोप में फांसी दी गई थी। अधिकारियों के अनुसार, यह समूह इजराइल की खुफिया एजेंसी के सीधे संपर्क में काम कर रहा था। इसके अलावा, 29 सितंबर को बहमान चूबियास्ल नामक एक अन्य आरोपी को इजराइल के लिए जासूसी के आरोप में अराक जेल में फांसी दी गई थी। इस वर्ष 12-दिवसीय युद्ध और इजराइली हवाई हमलों के बाद, जिनमें वरिष्ठ ईरानी सैन्य कमांडर मारे गए थे, ईरान ने जासूसी के आरोप में कम से कम 9 लोगों को फांसी दी है।

मानवाधिकार संगठन की निंदा

एक ओर तेहरान इन फांसी के फैसलों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक मानता है, वहीं दूसरी ओर मानवाधिकार संगठन और पश्चिमी सरकारें राजनीतिक और जासूसी से जुड़े अपराधों के लिए ईरान में बढ़ते मृत्युदंड की निंदा करती हैं। ईरान लगातार इजराइल पर परमाणु वैज्ञानिकों की हत्या और रणनीतिक सुविधाओं में साइबर तोड़फोड़ जैसे गुप्त हमलों की योजना बनाने का आरोप लगाता रहा है।

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