'ईरान से खतरा नहीं था, मैं जंग के खिलाफ', NCTC चीफ केंट ने दिया इस्तीफा, ट्रंप टीम में शुरू हुई खिलाफत
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच एक बड़ी राजनीतिक हलचल सामने आई है। Joe Kent ने राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केंद्र (NCTC) के डॉयरेक्टर पद से अचानक इस्तीफा दे दिया है। उनका यह कदम सीधे तौर पर Donald Trump प्रशासन की ईरान नीति पर सवाल खड़े करता है।
युद्ध के औचित्य पर उठाए सवाल
केंट ने अपने बयान में साफ कहा कि ईरान से अमेरिका को कोई तत्काल खतरा नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सैन्य कार्रवाई इजरायल और उसकी अमेरिकी लॉबी के दबाव में की गई। उनका कहना था कि वे "सच्चे मन से" इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते।

ट्रंप प्रशासन में पड़ी फूंट
केंट का इस्तीफा सिर्फ एक व्यक्तिगत फैसला नहीं माना जा रहा, बल्कि यह ट्रंप प्रशासन के भीतर बढ़ती असहमति का संकेत है। इससे साफ है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को लेकर सवाल अब सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्ता के अंदर भी उठने लगे हैं।
घरेलू सुरक्षा के बीच नेतृत्व में बदलाव
यह इस्तीफा ऐसे समय आया है जब अमेरिका में हालिया हमलों के बाद घरेलू आतंकवाद को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। NCTC जैसे अहम संस्थान में नेतृत्व परिवर्तन सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
केंट का राजनीति और विवादों से रहा पुराना नाता
जो केंट का नाम पहले भी विवादों में रहा है। वे दक्षिणपंथी समूहों से कथित संबंधों और 2020 चुनाव को लेकर विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहे।
डेमोक्रेट्स ने उनकी नियुक्ति का विरोध किया था, जबकि रिपब्लिकन ने उनके सैन्य और खुफिया अनुभव का समर्थन किया।
डेमोक्रेट्स ने भी ठहराया सही
सीनेटर Mark Warner ने केंट के कई विचारों से असहमति जताने के बावजूद कहा कि ईरान युद्ध पर उनकी चिंता "जायज" है। उनके मुताबिक, अमेरिका के पास ईरान से किसी आसन्न खतरे का ठोस सबूत नहीं था।
अब नजरें अमेरिकी खुफिया प्रमुखों की आने वाली गवाही पर हैं, जहां ईरान युद्ध और उससे जुड़े फैसलों पर तीखे सवाल उठ सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर अमेरिका की विदेश नीति और सैन्य फैसलों की पारदर्शिता पर बहस तेज कर दी है।












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