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48 घंटे में इजराइल पर भीषण हमले कर सकता है ईरान, CIA की चेतावनी के बाद हड़कंप, GPS बंद, छुट्टियां रद्द

Iran May Attack Israel: अमेरिका की खुफिया एजेंसी सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (CIA) ने इजरायल को चेतावनी दी है, कि सीरिया में ईरानी वाणिज्य दूतावास को नष्ट करने वाले इजरायली हवाई हमले के जवाब में, ईरान 48 घंटों के भीतर एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू कर सकता है।

सीरिया में ईरानी वाणिज्य दूतावास पर हुए हमले में ईरान के दर्जन भर से ज्यादा सैन्य अधिकारी मारे गये हैं और सीआईए ने कहा है, कि ईरान कभी भी इसका बदला लेने के लिए इजराइल पर हमले सकता है और ऐसी स्थिति में मिडिल ईस्ट की लड़ाई फैलने की आशंका बन गई है।

Iran May Attack Israel

वहीं, ईरानी हमले की आशंका को देखते हुए इजराइल में जीपीएस सुविधा को बंद कर दिया गया है और सैनिकों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। देश के तमाम सैन्य अड्डे अलर्ट मोड पर हैं और हर एक स्थिति पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। कहा जा रहा है, कि अगर ईरान हमला करता है, तो सेकंड्स में ये हमला युद्ध में बदल सकता है और भीषण तबाही की तरफ दुनिया मुड़ सकती है।

सीआईए की चेतावनी उस वक्त आई है, जब ईरानी नेताओं ने हर हाल में इजराइल से बदला लेने की कसम खाई है और ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम राइसी ने कहा है, कि 'हमले का बदला लिया जाएगा।'

48 घंटे में इजराइल पर हमला?

मध्य पूर्व क्षेत्र में काम करने वाले अमेरिकी वायु सेना के शीर्ष कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एलेक्सस ग्रिनकेविच ने कहा है, कि अमेरिका को चिंता है, कि दमिश्क में घातक हमले से इराक और सीरिया में ईरान समर्थित मिलिशिया अमेरिकी सैनिकों पर भी नए हमले कर सकते हैं।

उन्होंने कहा है, कि सीरिया में ईरानी दूतावास पर हमला कर इजराइल ने साफ तौर पर मिडिल ईस्ट में युद्ध भड़कने की आशंका को काफी बढ़ा दिया है, जबकि पहले से ही गाजा पट्टी में पिछले 6 महीने से हमास के खिलाफ लड़ाई जारी है।

इसके अलावा, सीरिया में ईरानी दूतावास पर हुए हमले को लेकर रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इजराइल के खिलाफ निंदा प्रस्ताव भी पेश किया था, जिसका अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने विरोध कर दिया है। तीनों देशों ने कहा है, कि सोमवार को दमिश्क में जो कुछ हुआ, उसके कई तथ्य अस्पष्ट हैं, और इजराइल ने अभी तक हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

आपको बता दें, कि सीरिया की राजधानी दमिश्क में हुए हमले में 12 लोग मारे गए थे, जिनमें सीरिया और लेबनान के लिए ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के वरिष्ठ कमांडर, लेबनान में शक्तिशाली ईरान-सहयोगी हिजबुल्लाह मिलिशिया के एक अधिकारी और अन्य सैन्य अधिकारी शामिल थे। यूएनएससी में रूस के स्थाई दूत ग्रिनकेविच ने कहा, कि ईरान का यह दावा है, कि इजरायली कार्रवाई के लिए अमेरिका जिम्मेदार है।

अमेरिका को सता रहा युद्ध भड़कने की आशंका

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक बयान में कहा है, कि हमले में सात ईरानी सैन्य सलाहकारों की मौत हो गई है, जिसमें उसके कुद्स फोर्स के एक वरिष्ठ कमांडर मोहम्मद रजा ज़ाहेदी भी शामिल थे, जो एक विशिष्ट विदेशी जासूसी और अर्धसैनिक शाखा है।

हिजबुल्लाह ने जाहेदी की मौत के लिए ईरान के प्रति संवेदना व्यक्त की है और इज़राइल को "मूर्ख कहा है, जो वह मानता है, कि नेताओं को खत्म करने से लोगों के प्रतिरोध की उग्र लहर को रोका जा सकता है"।

इस हमले में हिजबुल्लाह का एक सदस्य, हुसैन यूसुफ भी मारा गया है।

दूसरी तरफ, बाइडेन प्रशासन इस बात पर जोर दे रहा है, कि उसे सोमवार को ईरानी वाणिज्य दूतावास पर हुए हवाई हमले की कोई पूर्व जानकारी नहीं थी, लेकिन वाशिंगटन इजराइल की सेना के साथ निकटता से जुड़ा हुआ है। अमेरिका, इजरायल का अपरिहार्य सहयोगी और हथियारों का आपूर्तिकर्ता बना हुआ है, जो इजरायल के लगभग 70 प्रतिशत हथियार आयात और इजरायल के रक्षा बजट के अनुमानित 15 प्रतिशत के लिए जिम्मेदार है। बाइडेन प्रशासन ने एक दिन पहले भी एक हजार बम के गोले इजराइल को देने का फैसला किया है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वर्तमान और पूर्व अमेरिकी अधिकारियों ने इस हमले को तेहरान के लिए एक रणनीतिक झटका बताया है और कहा है, कि इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ने का खतरा हो सकता है।

मध्य पूर्व में काम करने वाले सीआईए के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी राल्फ गोफ ने कथित इजरायली हमले को "लापरवाह" कहा है और उन्होंने कहा, कि इसकी वजह से ईरान और उसके प्रॉक्सी संगठनों के हमलों में और इजाफा ही होगा। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा, कि हमले का मकसद ईरानी आईआरजीसी को कमजोर करना था।

वहीं, पेंटागन के प्रवक्ता सबरीना सिंह ने इस बात पर जोर दिया, कि अमेरिका ने हमले में कोई भूमिका नहीं निभाई है और वह तनाव बढ़ने से बचना चाहता था। उन्होंने कहा, "क्षेत्र में तनाव बहुत अधिक है, हम निजी चैनलों पर यह स्पष्ट करना चाहते हैं, कि दमिश्क हमले में अमेरिका की कोई भागीदारी नहीं थी।"

ईरान ने इसराइल से 'बदला' लेने की कसम खाई

इस बीच, ईरानी नेताओं ने बुधवार को एक बार फिस से इजरायली हवाई हमले के बाद बदला लेने के लिए अपने आह्वान को दोहराया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा है, कि इजराइल गाजा में युद्ध के मैदान में फेल होता रहेगा और इसकी हार इसे पतन के करीब ले जाएगी।

ईरान के आधिकारिक आईआरएनए समाचार एजेंसी ने खामेनेई के हवाले से कहा, कि "सीरिया में इजराइली हमला उनकी हताशा को दर्शाता है, और ये हमले उन्हें हार से बचाने वाले नहीं हैं और इस कार्रवाई का जवाब भी थप्पड़ से दिया जाएगा।"

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, दमिश्क में मारे गये ईरानी अधिकारियों का अंतिम संस्कार एक शिया मस्जिद परिसर में किया गया है और अंतिम संस्कार के दौरान ईरान में एक फिलीस्तीन समर्थक रैली का भी आयोजन किया गया। सीरिया में हुआ ये हमला, पिछले एक दशक में किसी ईरानी दूतावास पर हुआ सबसे घातक हमला था, जिससे अब युद्ध भड़कने की आशंका काफी ज्यादा बढ़ चुकी है।

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