ईरान और तालिबान सैनिकों के बीच बॉर्डर पर 'खूनी झड़प', एक की मौत, हालात बिगड़े!
तालिबान का दावा है कि ईरानी सेना ने इस संघर्ष को सबसे पहले शुरू किया। उन्होंने बताया कि यह खूनी झड़प अफगानिस्तान के निमरोज प्रांत के कोंग जिले में हुई है।
तेहरान/काबुल, 1 अगस्त: तालिबान और ईरान की सेना के बीच (iran and taliban conflict in border again ) अफगानिस्तान की सीमा पर जबरदस्त गोलीबारी हुई है। इस दौरान ईरानी सेना ने अफगानिस्तान के तालिबान सेना के खिलाफ तोपों का इस्तेमाल किया। जानकारी के मुताबिक, इस हमले में एक तालिबानी सैनिक के मारे जाने की खबर है। वहीं,एक सैनिक के घायल बताया जा रहा है। यह खूनी झड़प अफगानिस्तान के निमरोज प्रांत के कोंग जिले में हुई है।

बॉर्डर पर खूनी झड़प
एक स्थानीय अफगान अधिकारी के अनुसार, ईरान और अफगानिस्तान के तालिबान की सेनाओं के बीच सीमा लड़ाई में एक की मौत हो गई है। बता दें कि,अगस्त 2021 में तालिबान के अफगानिस्तान पर सशस्त्र अधिग्रहण के बाद से इसी तरह की कई घटनाएं हुई हैं।

एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप
तालिबान का दावा है कि ईरानी सेना ने इस संघर्ष को सबसे पहले शुरू किया। उन्होंने बताया कि यह खूनी झड़प अफगानिस्तान के निमरोज प्रांत के कोंग जिले में हुई है। निमरोज में सीमा पर तालिबानी कमांडर मावलावी मोहम्मद इब्राहिम हेवाद ने इस घटना की जानकारी देते हुए टोलो न्यूज को बताया कि, इस हमले में उनके एक सैनिक की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया।

एक तालिबान सैनिक की मौत, एक घायल
रॉयटर्स समाचार एजेंसी ने भी निमरोज में एक पुलिस अधिकारी के हवाले से कहा कि ईरानी और तालिबानी सैनिकों के बीच हुई झड़प में एक तालिबानी लड़ाकू की मौत हो गई। ईरान के सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA और अर्द्ध सरकारी न्यूज एजेंसी तासनिम ने बताया कि, यह जंग तब शुरू हुई जब तालिबामनी सैनिक ईरान के हिरमंड इलाके में घुस आए थे, जो सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत के अंदर है।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल
ईरानी सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में कथित तौर पर ईरानी सेना को सीमा क्षेत्र में एक ट्रक के पीछे से गोले दागते हुए दिखाया गया है। ईरान का दावा है कि, तालिबान सैनिकों ने हिरमंड इलाके में घुसने और झंडा फहराने की कोशिश की।

दीवार को लेकर गलतफहमी
ईरान ने इस झड़प को लेकर आगे बताया कि,तस्करों को रोकने के लिए एक दीवार को बनाया गया था, जिसे तालिबानी सैनिकों ने गलती से सीमा रेखा समझ लिया था। न्यूज एजेंसी का कहना है कि, ईरानी सीमा अधिकारियों ने कई बार इस बात को समझाने की कोशिश भी की थी। बता दें कि,अगस्त 2021 में तालिबान के अफगानिस्तान पर जीत हासिल करने के बाद से इसी तरह की कई घटनाएं हुई हैं।

तालिबान शासन को कई देशों ने नहीं दी मान्यता
बता दें कि, दुनिया के कई देशों ने जिसमें ईरान भी शामिल है, ने अभी तक तालिबान की अफगानिस्तान में सरकार की मान्यता नहीं दी है। वहीं, कई मुद्दों को लेकर ईरान और तालिबान के बीच मतभेद बना हुआ है।












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