ईरान में बुशहर परमाणु प्लांट के पास अमेरिका ने किया मिसाइल हमला, 1 शख्स की मौत, क्यों बेहद अहम है संयंत्र?
Iran-America war: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच बुशहर परमाणु ऊर्जा प्लांट के पास शनिवार सुबह मिसाइल हमला हुआ, जिसमें एक सुरक्षाकर्मी की मौत हो गई। घटना ऐसे समय में सामने आई है जब ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच टकराव चरम पर पहुंचता दिख रहा है, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा को लेकर चिंताएं और गहरा गई हैं।
ईरानी समाचार एजेंसी तसनीम के अनुसार, इस घटना से संयंत्र के मुख्य हिस्सों को कोई क्षति नहीं हुई, लेकिन एक सहायक इमारत आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गई। एजेंसी ने यह भी दावा किया कि उत्पादन पर कोई असर नहीं पड़ा है।

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। इससे पहले गुरुवार को (स्थानीय समयानुसार), अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बुनियादी ढांचे, जिसमें पुल और बिजली संयंत्र शामिल हैं। पर संभावित हमलों की चेतावनी दी थी।
ट्रंप की धमकी के बाद हुआ ये हमला
ट्रंप ने अपने 'ट्रुथ सोशल' अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा था कि अमेरिकी सेना ने "ईरान में जो कुछ बचा है उसे नष्ट करना भी शुरू नहीं किया है।" उन्होंने 28 फरवरी को शुरू हुए "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" में एक बड़े विस्तार का संकेत दिया था।
क्या और भयंकर होगा युद्ध?
ट्रंप ने अपने पोस्ट में ईरान को चेतावनी देते हुए लिखा, "हमारी सेना, दुनिया में सबसे महान और सबसे शक्तिशाली है! इसने ईरान में जो कुछ बचा है उसे अभी नष्ट करना शुरू भी नहीं किया है। अगला लक्ष्य पुल, फिर बिजली संयंत्र! नए शासन नेतृत्व को पता है कि क्या करना है और इसे तेज़ी से करना है!
रणनीतिक रूप से क्यों अहम है बुशहर संयंत्र?
बुशहर दक्षिण ईरान में फारस की खाड़ी पर स्थित है और यह देश का पहला वाणिज्यिक परमाणु ऊर्जा स्टेशन है।ये प्लांट रणनीतिक रूप से इसलिए बेहद अहम है क्योंकि यह ईरान का पहला वाणिज्यिक परमाणु पावर प्लांट है, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करता है और तेल-गैस पर निर्भरता घटाता है। फारस की खाड़ी के किनारे स्थित होने के कारण यह वैश्विक तेल आपूर्ति मार्गों के बेहद करीब है, जिससे यहां किसी भी सैन्य तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। इसके अलावा, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर संयुक्त राज्य अमेरिका सहित पश्चिमी देशों के साथ लंबे समय से तनाव बना हुआ है, इसलिए इस संयंत्र से जुड़ी कोई भी घटना सीधे वैश्विक राजनीति और सुरक्षा चिंताओं को प्रभावित करती है।
अमेरिकी विमान के नुकसान पर ट्र्रंप का सख्त रुख
इसी बीच, एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि एक अमेरिकी सैन्य विमान के नष्ट होने का ईरान के साथ कूटनीतिक चर्चाओं पर कोई असर नहीं होगा। उन्होंने इस विचार को खारिज कर दिया कि यह घटना बातचीत में बाधा डालेगी, उन्होंने स्पष्ट कहा कि "यह युद्ध है," जिससे स्थिति की गंभीरता और बढ़ गई है।
ईरान की पलटवार की चेतावनी
ईरान के ख़ातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने अमेरिका और उसके सहयोगियों को कड़ी चेतावनी दी है। प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फ़गरी ने कहा कि किसी भी हमले का "जबरदस्त और विनाशकारी" जवाब दिया जाएगा, जिसमें क्षेत्रीय सैन्य ठिकाने भी निशाने पर हो सकते हैं।












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